Coldrif Syrup : MP में 21 बच्चों की मौत के बाद फार्मा कंपनी का मालिक सलाखों के पीछे

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News India Live, Digital Desk: मध्य प्रदेश से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ 'कोल्ड्रिफ' नाम के एक कफ सिरप ने 21 मासूम जिंदगियां छीन लीं. यह घटना न सिर्फ परिवारों को तोड़ गई है, बल्कि भारत में दवा की गुणवत्ता और नियंत्रण पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है. इतने सारे बच्चों की मौत के बाद, पुलिस ने आखिरकार इस जानलेवा दवा को बनाने वाली फार्मा कंपनी के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है.

आखिर हुआ क्या?

'कोल्ड्रिफ' कफ सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में स्थित 'सेसान फार्मास्युटिकल्स' नामक कंपनी द्वारा बनाया गया था. आरोप है कि इस ज़हरीले सिरप को पीने के बाद मध्य प्रदेश के कई जिलों – जैसे उज्जैन, गुना और शिवपुरी – से कम से कम 21 बच्चों की मौत हो चुकी है. छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने बताया कि सेसान फार्मास्युटिकल्स के 73 वर्षीय मालिक जी. रंगनाथन को बुधवार रात को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है. उन्हें पहले चेन्नई की अदालत में पेश किया जाएगा और फिर आगे की जाँच के लिए छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश लाया जाएगा

दवा में था ज़हर!

शुरुआती मेडिकल जाँचों से इस बात की पुष्टि हुई है कि इस सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) जैसे बेहद खतरनाक रसायन मिले हुए थे इन रसायनों ने बच्चों की किडनी को गंभीर नुकसान पहुँचाया, जिससे उनकी जान चली गई. यह जानकर और भी दर्द होता है कि अधिकतर बच्चों को मामूली सर्दी-खांसी के लिए यह सिरप दिया गया था, और इसे लेने के कुछ ही दिनों के भीतर वे गंभीर रूप से बीमार पड़ने लगे थे.

मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है!

स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगभग 40 अन्य बच्चे अभी भी इसी तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के चलते डॉक्टरों की निगरानी में हैं, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है.सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि राजस्थान से भी 'कोल्ड्रिफ' सिरप से जुड़े कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जहाँ बच्चों को इसे पीने के बाद किडनी संक्रमण हुआ और कुछ की मौत भी हो गई.

सरकार ने क्या कदम उठाए?

तमिलनाडु में की गई लैब टेस्टिंग में भी 'कोल्ड्रिफ' सिरप में जहरीले रसायन होने की पुष्टि हुई थी.तमिलनाडु के ड्रग्स कंट्रोल डायरेक्टर ने 4 अक्टूबर को इस जाँच रिपोर्ट को मध्य प्रदेश के अधिकारियों को सौंपा.रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूरे राज्य में 'कोल्ड्रिफ' सिरप की बिक्री, वितरण और भंडारण पर तुरंत प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया.बाद में, सेसान फार्मास्युटिकल्स द्वारा बनाई गई सभी दवाओं पर भी रोक लगा दी गई.

तमिलनाडु का ड्रग कंट्रोल विभाग भी अब अलर्ट पर है और उसने पूरे राज्य में जाँच शुरू कर दी है. खबर है कि गोल्डट्रिप कोल्ड्रिप की 2,000 से भी ज़्यादा बोतलें अभी भी बाज़ारों में हो सकती हैं.इसी के चलते, जिला औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस दवा को जब्त करें और जाँच के लिए चेन्नई की ड्रग कंट्रोल लेबोरेटरी भेजें.

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