नाबालिग अध्यक्ष' वाले बयान पर मचा बवाल

नाबालिग अध्यक्ष' वाले बयान पर मचा बवाल

छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानों के तीर चलने और तीखी जुबानी जंग का दौर एक बार फिर से बेहद तेज हो गया है। इस बार राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मौजूदा उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा के बीच सीधा राजनीतिक टकराव देखने को मिला है। विवाद की मुख्य वजह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय नेतृत्व और छत्तीसगढ़ मामलों से जुड़े वरिष्ठ नेता नितिन नवीन पर भूपेश बघेल द्वारा दिया गया बेहद विवादित बयान है। पूर्व सीएम बघेल ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए सार्वजनिक तौर पर तंज कसा और भाजपा के शीर्ष नेता को 'नाबालिग अध्यक्ष' करार दे दिया। इस तंजभरे बयान के सामने आते ही सत्ताधारी भाजपा खेमे में भारी उबाल आ गया, जिसके बाद प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने मोर्चा संभालते हुए भूपेश बघेल पर करारा पलटवार किया और उन्हें पंजाब में कांग्रेस की हार व राजनीतिक नाकामी की याद दिला डाली।

#1 भूपेश बघेल का हमला: कहा- 'भाजपा के नाबालिग अध्यक्ष की बात को कोई गंभीरता से नहीं लेता'

पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने भाजपा नेताओं के बयानों को पूरी तरह से हास्यास्पद और खारिज करने लायक बताया। राहुल गांधी और कांग्रेस पर विदेशी ताकतों के प्रभाव व अव्यवस्था फैलाने के आरोपों का जवाब देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि "भारतीय जनता पार्टी के 'नाबालिग अध्यक्ष' जो भी कह रहे हैं, उसे देश में कोई सीरियसली (गंभीरता से) नहीं लेता है"। पूर्व मुख्यमंत्री ने गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार की विफलताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वाकई देश में कोई विदेशी फंडिंग या ताकतें अशांति फैला रही हैं, तो सरकार और उसके गृहमंत्री क्या कर रहे हैं? भूपेश बघेल द्वारा इस्तेमाल किए गए 'नाबालिग' शब्द ने राजनीतिक गलियारों में एक नया बवंडर खड़ा कर दिया।

#1 डिप्टी सीएम विजय शर्मा का करारा पलटवार: 'पंजाब का हश्र भूल गए क्या बघेल जी?'

पूर्व मुख्यमंत्री के इस विवादित बयान पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया। विजय शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि जिस नेता को अब खुद छत्तीसगढ़ की जनता गंभीरता से नहीं ले रही है, वे दूसरों को सीख दे रहे हैं। विजय शर्मा ने भूपेश बघेल को उनके उस चुनावी दौर की याद दिलाई जब कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पंजाब विधानसभा चुनाव का मुख्य पर्यवेक्षक बनाया था। डिप्टी सीएम ने कहा कि "भूपेश बघेल जी शायद भूल रहे हैं कि पंजाब में जब वे प्रभारी बनकर गए थे, तो वहाँ कांग्रेस का क्या हश्र हुआ था? पूरी पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया था।" विजय शर्मा ने आगे कहा कि नितिन नवीन भाजपा के बेहद कुशल रणनीतिकार हैं और उनकी ही बूथ-लेवल प्लानिंग के दम पर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सत्ता से बेदखल हुई थी।

#1 छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव का अतीत और दोनों नेताओं के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान नितिन नवीन भाजपा के राज्य सह-प्रभारी के रूप में जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत कर रहे थे। उनकी माइक्रो-मैनेजमेंट और रणनीतिक घेराबंदी के चलते भाजपा ने पूर्ण बहुमत हासिल किया और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सत्ता को उखाड़ फेंका। यही वजह है कि दोनों नेताओं और दलों के बीच राजनीतिक अदावत काफी पुरानी और गहरी मानी जाती है। जब से नितिन नवीन को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं, तब से कांग्रेस लगातार उन पर हमलावर रही है, जबकि भाजपा उनके नेतृत्व और चुनावी ट्रैक रिकॉर्ड का बचाव करते हुए कांग्रेस पर लगातार हमला बोल रही है।

#1 छत्तीसगढ़ में गर्माया सियासी माहौल: पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग जारी

'नाबालिग अध्यक्ष' और 'पंजाब की हार' को लेकर शुरू हुआ यह वाकयुद्ध अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। रायपुर से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर गरमा-गर्मी का माहौल बना हुआ है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी भूपेश बघेल के तर्कों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार की विदेश और सुरक्षा नीतियों पर सवाल खड़े कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ता और मंत्री पूर्व सीएम के खिलाफ सड़कों व सोशल मीडिया पर मोर्चा खोले हुए हैं। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह जुबानी जंग और भी अधिक तीखी हो सकती है, क्योंकि आगामी राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए दोनों ही दल एक-दूसरे पर बढ़त बनाने का कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते।