बलरामपुर में मूसलाधार बारिश का तांडव: गेऊर नदी उफान पर, पुल डूबा और थम गए पहिए, बदहाल व्यवस्था पर फूटा गुस्सा

बलरामपुर में मूसलाधार बारिश का तांडव: गेऊर नदी उफान पर, पुल डूबा और थम गए पहिए, बदहाल व्यवस्था पर फूटा गुस्सा

अंबिकापुर और बलरामपुर क्षेत्र में बीते कुछ घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण स्थानीय गेऊर नदी विकराल रूप धारण कर चुकी है और उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि संपर्क जोड़ने वाला निचला पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है। इस वजह से मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।

पुल के ऊपर से बह रहा पानी, दोनों ओर फंसे सैकड़ों लोग

गेऊर नदी के रौद्र रूप को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से मार्ग को बंद कर दिया गया है। पुल पर कई फीट ऊपर तक पानी का तेज बहाव बना हुआ है, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है। इस दौरान एंबुलेंस, यात्री बसों और निजी वाहनों में सवार सैकड़ों लोग घंटों से फंसे हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और लोगों को खतरे वाले इलाके से दूर रहने की हिदायत दे रही हैं।

हर साल यही हाल, प्रशासनिक दावों और व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

मानसून की शुरुआत में ही जलभराव और आवागमन बाधित होने से स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि हर साल बारिश के मौसम में गेऊर नदी का यही हाल होता है और यह पुल डूब जाता है। इसके बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा समय रहते ऊंचे पुल के निर्माण या वैकल्पिक मार्ग की स्थाई व्यवस्था नहीं की गई। सिर्फ आपातकालीन स्थिति में बैरिकेडिंग कर देने से लोगों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं।

मौसम विभाग का अलर्ट, लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी

क्षेत्र में लगातार बनी हुई घटाओं और जारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने आगामी घंटों के लिए भी अलर्ट जारी किया है। निचले और तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने और नदियां-नालों के आसपास न जाने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया है, लेकिन उफनती नदी का पानी कम होने तक यात्रियों की मुसीबतें कम होती नजर नहीं आ रही हैं।

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