जूस बेचने वाले से 'सट्टा किंग' तक का सफर: आखिर कौन है सौरभ चंद्राकर, जो ओमान में हुआ गिरफ्तार
महादेव सट्टेबाजी ऐप (Mahadev Betting App) का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर आखिरकार ओमान में कानून के शिकंजे में फंस गया है। जिस शख्स ने कभी छत्तीसगढ़ के भिलाई में जूस बेचकर अपने करियर की शुरुआत की थी, आज वह दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटालों में से एक का सरगना बनकर उभरा है। 6000 करोड़ से भी ज्यादा के इस अवैध साम्राज्य की नींव रखने वाला सौरभ चंद्राकर का ओमान में पकड़ा जाना जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। एक आम जूस विक्रेता से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'सट्टा किंग' बनने की उसकी यह कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है, लेकिन इसका अंत अब सलाखों के पीछे होने की पूरी संभावना है।
जूस की दुकान से दुबई की आलीशान लाइफस्टाइल तक
सौरभ चंद्राकर के शुरुआती जीवन के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। भिलाई में अपने पिता के साथ जूस की दुकान पर काम करने वाला यह युवक किस्मत आजमाने के लिए दुबई पहुंचा था। वहां उसने तकनीक और सट्टेबाजी के मेल को समझा और अपने साथी रवि उप्पल के साथ मिलकर महादेव ऐप की शुरुआत की। देखते ही देखते यह ऐप युवाओं और सट्टेबाजों के बीच एक 'लत' बन गई। दुबई में रहकर उसने जो आलीशान लाइफस्टाइल अपनाई, उसमें उसने बॉलीवुड सितारों की शादियों में करोड़ों रुपये खर्च किए और बड़ी हस्तियों को अपने इवेंट्स में बुलाया, जिससे उसकी साख और नेटवर्क दोनों तेजी से बढ़े।
कैसे फैलाया 6000 करोड़ का सट्टेबाजी का जाल?
सौरभ और रवि उप्पल ने सट्टेबाजी को एक व्यवस्थित व्यवसाय की तरह चलाया। उन्होंने व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके एजेंटों का एक विशाल नेटवर्क तैयार किया। छत्तीसगढ़ से शुरू हुआ यह खेल धीरे-धीरे पूरे भारत में फैल गया। इस नेटवर्क की खासियत थी इसकी 'सीक्रेट कोडिंग' और हवाला के जरिए पैसे का लेन-देन। जांच एजेंसियों का दावा है कि सौरभ चंद्राकर ने अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा विदेशी शेल कंपनियों में निवेश किया था ताकि उसे ट्रैक करना मुश्किल हो सके। जूस बेचने से लेकर दुनिया भर में फैले सट्टेबाजी साम्राज्य को खड़ा करने तक, उसने कानून की हर ढिलाई का बखूबी फायदा उठाया।
ओमान में गिरफ्तारी के बाद अब आगे क्या?
ओमान में सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद भारत की विभिन्न जांच एजेंसियां, जिनमें सीबीआई और ईडी (ED) शामिल हैं, उसे भारत लाने की प्रक्रिया में जुट गई हैं। उसकी गिरफ्तारी से न केवल उसके पूरे नेटवर्क के ध्वस्त होने का रास्ता साफ हुआ है, बल्कि उन राजनेताओं और प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आने की उम्मीद है जो इस काले साम्राज्य को संरक्षण देते थे। ओमान में हुई यह कार्रवाई सट्टेबाजी के उन तमाम बड़े खिलाड़ियों के लिए एक चेतावनी है, जो खुद को कानून से ऊपर समझते थे। अब देखना यह है कि पूछताछ में सौरभ चंद्राकर के कबूलनामे से देश के किन-किन बड़े चेहरों की नींद उड़ने वाली है।