दुर्ग में स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा: 6 पॉजिटिव केस मिलने से हड़कंप, 2 मरीज अस्पताल में भर्ती, स्वास्थ्य विभाग का हाई अलर्ट

दुर्ग में स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा: 6 पॉजिटिव केस मिलने से हड़कंप, 2 मरीज अस्पताल में भर्ती, स्वास्थ्य विभाग का हाई अलर्ट

दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू (H1N1) के अचानक बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य महकमे और आम जनता की नींद उड़ा दी है। जिले में इस खतरनाक संक्रमण के अब तक कुल 6 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं, जिनमें से दो गंभीर मरीजों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू संक्रमण की स्थिति और मरीजों का हाल

दुर्ग जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षणों वाले मरीजों की सैंपलिंग बढ़ाई गई थी, जिसके बाद स्वाइन फ्लू के मामलों की पुष्टि हुई। रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें तुरंत एक्टिव मोड में आ गई हैं। जिन दो मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है, उन्हें विशेष निगरानी में रखकर डॉक्टरों की देखरेख में इलाज दिया जा रहा है। बाकी चार संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन में रखकर दवाएं और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन लापरवाही बरतने पर संक्रमण तेजी से फैल सकता है, जिसके चलते यह एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देश और बचाव के उपाय

स्वाइन फ्लू के मामलों में अचानक आए इस उछाल के बाद दुर्ग जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें और यदि बाहर जाना जरूरी हो तो मास्क का उपयोग जरूर करें। इसके अलावा, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल या टिशू पेपर से ढकने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि H1N1 वायरस का यह स्ट्रेन कम प्रतिरोधक क्षमता वाले बुजुर्गों, बच्चों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को तेजी से अपनी चपेट में लेता है, इसलिए थोड़ी सी भी तबीयत बिगड़ने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी भी प्रकार की एंटीबायोटिक या खुद से दवा लेने से बचना चाहिए।

जिला अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स को दिए गए विशेष निर्देश

दुर्ग जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल को निर्देश दिए गए हैं कि वे फ्लू जैसे लक्षणों (ILI - Influenza Like Illness) वाले हर मरीज पर पैनी नजर रखें। अस्पतालों में ओपीडी के दौरान आने वाले सर्दी-जुकाम के मरीजों की तुरंत स्क्रीनिंग और जरूरत पड़ने पर टेस्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स को यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना डॉक्टर के पर्चे के स्वाइन फ्लू या गंभीर सर्दी-जुकाम की दवाइयां सीधे काउंटर से न बेचें। जिला प्रशासन की ओर से आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी मैदानी स्तर पर जागरूकता फैलाने और घर-घर जाकर लोगों को इसके लक्षणों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि समय रहते संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके।

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