बंगाल की खाड़ी में बना नया सिस्टम: जशपुर समेत उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी, 25 से ज्यादा जिलों के लिए अलर्ट
बंगाल की खाड़ी और गांगेय पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के ऊपर बना नया ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) अब मजबूत होकर निम्न दबाव (Low Pressure Area) के क्षेत्र में बदल चुका है। इस नए मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ और पूर्वी भारत के राज्यों में भारी नमी आ रही है, जिससे राज्य में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बेहद तेज हो गई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और मौसम केंद्र रायपुर ने जशपुर, सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरबा और गरियाबंद समेत उत्तर व मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही प्रदेश के 25 से अधिक जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर छत्तीसगढ़ में दिखेगा सबसे ज्यादा असर, बारिश की कमी होगी पूरी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस नए सिस्टम का सबसे अधिक और व्यापक असर उत्तर छत्तीसगढ़ यानी सरगुजा संभाग में देखने को मिलेगा। राहत की बात यह है कि जशपुर, सरगुजा और सूरजपुर जैसे जिलों में इस सीजन में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन आगामी 48 से 72 घंटों के दौरान होने वाली मूसलाधार बारिश से इस कमी की भरपाई होने की पूरी संभावना है। मानसूनी ट्रफ भी इस समय रांची और दीघा से होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है, जो राज्य में बारिश की तीव्रता को और अधिक बढ़ा रहा है।
25 से ज्यादा जिलों के लिए अलर्ट: वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका
मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कबीरधाम, महासमुंद, धमतरी, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कांकेर और बस्तर समेत 25 से अधिक जिलों के लिए बारिश और वज्रपात (बिजली गिरना) का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बौछारें पड़ने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) और स्थानीय नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा जताया गया है।
प्रशासन की चेतावनी और आम जनता के लिए एडवाइजरी
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बिजली चमकने पर सतर्कता: मौसम विभाग ने किसानों और ग्रामीणों को सलाह दी है कि तेज गर्जना या बारिश के दौरान खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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जलभराव और पुल-पुलियों से दूरी: उफनते नाले और रपटों को पार करने की कोशिश न करें, क्योंकि अचानक पानी का बहाव तेज हो सकता है।
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कृषि सलाह: किसानों को खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी (Drainage) की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है।