पूर्व विधायक गुरुशरण नायक हमला कांड: NIA का बड़ा खुलासा छत्तीसगढ़ के माओवादियों ने रची थी साजिश

पूर्व विधायक गुरुशरण नायक हमला कांड: NIA का बड़ा खुलासा छत्तीसगढ़ के माओवादियों ने रची थी साजिश

मनोहरपुर के पूर्व विधायक गुरुशरण नायक पर हुए जानलेवा हमले और उनके दो अंगरक्षकों (बॉडीगार्ड्स) की नृशंस हत्या के मामले में एनआईए (NIA) की जांच ने छत्तीसगढ़ के माओवादी कनेक्शन को उजागर किया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस खौफनाक वारदात को छत्तीसगढ़ के माओवादियों के एक विशेष दस्ते ने अंजाम दिया था।

हमले का मास्टरमाइंड और 'स्पेशल एक्शन टीम'

NIA के अनुसार, इस हमले का नेतृत्व तत्कालीन प्लाटून कमांडर अश्विन ने किया था।

हिड़मा की भूमिका: बीजापुर का कुख्यात माओवादी संदीप उर्फ हिड़मा पोडियम भी इस हमले में सीधे तौर पर शामिल था।

रिमांड में खुलासा: चाईबासा जेल में बंद संदीप को प्रोडक्शन वारंट पर रांची लाया गया, जहां 7 से 14 अप्रैल तक NIA की रिमांड के दौरान उसने कई राज उगले।

सरेंडर: वारदात को लीड करने वाला प्लाटून कमांडर अश्विन भी अब पुलिस के समक्ष सरेंडर कर चुका है, जिसकी औपचारिक घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।

पूर्व माओवादी कुलदीप गंझू की गवाही

इस केस में पूर्व माओवादी कुलदीप गंझू (जो अब हजारीबाग ओपन जेल में है) एक महत्वपूर्ण गवाह बनकर उभरा है। उसने NIA कोर्ट के समक्ष गवाही देते हुए बताया कि:

हमले की पूरी साजिश माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा ने रची थी।

दस्ते में मिसिर बेसरा के अलावा रघु, अश्विन, चंदन, मोछू और सुशांत जैसे कई अन्य नक्सली शामिल थे।

कुलदीप ने केस में गैर-नामजद कई अन्य अभियुक्तों की भूमिका का भी विवरण NIA को सौंपा है।

क्या थी पूरी घटना? (4 जनवरी 2022)

स्थान: पश्चिम सिंहभूम के गोइलकेरा थाना क्षेत्र का झिलरूआ गांव।

अवसर: ग्राम विकास समिति द्वारा आयोजित एक फुटबॉल प्रतियोगिता, जहां गुरुशरण नायक मुख्य अतिथि थे।

वारदात: शाम करीब 5:45 बजे माओवादियों की 'स्पेशल एक्शन टीम' ने अचानक हमला बोल दिया।

शहादत: हमले में पूर्व विधायक के दो बॉडीगार्ड ठाकुर हेंब्रम और शंकर नायक शहीद हो गए, जबकि एक अन्य गार्ड रामकुमार टुडू गंभीर रूप से घायल हुआ।

लूट: नक्सली पुलिसकर्मियों से दो इंसास राइफल और एक एके-47 (AK-47) लूटकर फरार हो गए थे।

जांच का घटनाक्रम: 5 जनवरी 2022 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे 30 जून 2022 को एनआईए रांची ने टेकओवर किया। अब जैसे-जैसे बड़े माओवादी गिरफ्त में आ रहे हैं या सरेंडर कर रहे हैं, केस की कड़ियां सुलझती जा रही हैं।

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