नदी नहाने गए एक ही परिवार के चार लोगों की मौत, मृतकों में 2 नाबालिग

नदी नहाने गए एक ही परिवार के चार लोगों की मौत, मृतकों में 2 नाबालिग

खुशियों और उमंग से भरा हुआ एक हंसता-खेलता परिवार जब किसी अपने से मिलने के लिए निकलता है, तो शायद ही किसी ने इस बात की कल्पना की होगी कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित हो जाएगा। उत्तर प्रदेश के एक इलाके में हुई इस बेहद दर्दनाक और मर्माहत कर देने वाली घटना ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। छुट्टी के दिन अपनों के बीच समय बिताने आए एक ही परिवार के चार सदस्यों की नदी में डूबने से अकाल मौत हो गई। इस भीषण हादसे में दो मासूम नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी जिंदगियां अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुई थीं। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार के घर कोहराम मचा हुआ है।

सुबह की सुहानी धूप और मौसी के घर जाने का उत्साह

घटना वाले दिन सुबह का माहौल बेहद सामान्य और खुशनुमा था। परिवार के ये सदस्य अपनी मौसी के घर घूमने के लिए आए हुए थे। बच्चों की खिलखिलाहट और रिश्तेदारों के मिलने-मिलाने से घर में एक अलग ही रौनक छाई हुई थी। सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था। आने जाने की तैयारियां चल रही थीं क्योंकि सभी को तय कार्यक्रम के मुताबिक उसी शाम को अपने पैतृक घर वापस लौटना था। गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए कुछ युवाओं और बच्चों ने पास की ही नदी में जाकर थोड़ी देर नहाने का मन बनाया। उन्हें क्या पता था कि जिस पानी को वे आनंद का जरिया समझ रहे हैं, वह कुछ ही पलों में उनके लिए काल बनकर सामने आ जाएगा।

नदी की गहराई बना मौत का जाल, एक को बचाने में डूबे बाकी

परिवार के ये लोग जब नदी के किनारे पहुंचे, तो पानी का किनारा शांत दिखाई दे रहा था। शुरुआत में सब कुछ ठीक था और बच्चे पानी के उथले हिस्से में मस्ती कर रहे थे। लेकिन कहते हैं कि नदी की गहराई और उसके अंदर के बहाव का अंदाजा बाहर से लगाना नामुमकिन होता है। नहाते-नहाते अचानक पैर फिसलने या पानी के तेज अंडरकरेंट (undercurrent) की चपेट में आने के कारण उनमें से एक सदस्य गहरे पानी की तरफ खिंचता चला गया। उसे डूबता देख बाकी लोगों ने घबराहट में उसे बचाने के लिए एक-एक करके पानी में छलांग लगा दी। तैराकी की पूरी जानकारी न होने और पानी की अथाह गहराई के कारण एक-एक करके चारों लोग पानी के आगोश में समाते चले गए।

चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी

किनारे पर खड़े अन्य लोगों ने जब इन्हें पानी में डूबते हुए देखा, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने फौरन चीख-पुकार मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण और खेतों में काम कर रहे लोग तुरंत नदी की तरफ भागे। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर फौरन नदी में छलांग लगाई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद एक-एक करके चारों शवों को पानी से बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की आखिरी उम्मीद के साथ तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुंह से यह सुनते ही परिजनों के सब्र का बांध टूट गया और वे दहाड़ें मारकर रोने लगे।

प्रशासनिक अमला पहुंचा मौके पर, हर आंख हुई नम

इस दिल दहला देने वाली दुर्घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। गांव में एक साथ चार अर्थियां उठने की बात सुनकर हर किसी का कलेजा कांप उठा। जो परिवार शाम को अपने घर लौटने की खुशियां मना रहा था, अब वह अपने प्रियजनों के शव लेकर लौटने को मजबूर है। इस हादसे ने एक बार फिर नदी या तालाब के किनारे सुरक्षा के इंतजामों और लापरवाही के खतरों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनजान जलस्त्रोतों या नदी की गहराई वाले हिस्सों में उतरने से हमेशा बचना चाहिए, ताकि इस तरह के भयानक हादसों से बहुमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सके।