चक्रवाती तूफान 'अर्नब' छत्तीसगढ़ में दाखिल, बस्तर से लेकर रायपुर तक अलर्ट मोड पर प्रशासन

चक्रवाती तूफान 'अर्नब' छत्तीसगढ़ में दाखिल, बस्तर से लेकर रायपुर तक अलर्ट मोड पर प्रशासन

बंगाल की खाड़ी से उठे भयानक चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) ने तटीय राज्यों में तबाही मचाने के बाद अब छत्तीसगढ़ के मैदानी और दक्षिणी इलाकों में प्रवेश कर लिया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों से टकराने के बाद हालांकि यह तूफान कमजोर होकर अवदाब (Depression) में तब्दील हो गया है, लेकिन इसके असर से प्रदेश भर के मौसम में अचानक भारी बदलाव आया है। बस्तर संभाग समेत राज्य के 12 से अधिक जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से हरकत में आ चुके हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रशासनिक मशीनरी को 24 घंटे हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

#1 बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में तूफान का सबसे ज्यादा असर, भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात 'अर्नब' के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और महासमुंद जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं और लगातार हो रही बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा पैदा हो गया है। बस्तर जिले में 18 से अधिक राहत शिविर तैयार किए गए हैं और तटीय इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है। बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए बांधों और जलाशयों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

#1 आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे एक्टिव कंट्रोल रूम, जारी हुए ये आपातकालीन नंबर्स

आपदा प्रबंधन विभाग ने किसी भी आपात स्थिति, जलभराव या दुर्घटना की सूचना देने और सहायता प्राप्त करने के लिए राज्य और जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित कर दिए हैं जो 24 घंटे काम कर रहे हैं:

  • राज्य स्तरीय राज्य आपदा कंट्रोल रूम (टोल फ्री नंबर): 1070

  • रायपुर जिला नियंत्रण कक्ष: 0771-2413233

  • बस्तर (जगदलपुर) बाढ़ नियंत्रण कक्ष: 07782-223122

  • बालोद जिला कंट्रोल रूम: 07749-223950

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम खराब रहने के दौरान बेवजह घरों से बाहर न निकलें, कच्चे या जर्जर मकानों में जाने से बचें और जलभराव वाले स्थलों व नदी-नालों के करीब बिल्कुल न जाएं। किसी भी आपदा या मदद की जरूरत होने पर सीधे जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर्स पर संपर्क किया जा सकता है।

#1 बिजली, स्वास्थ्य और रेलवे विभाग हाई अलर्ट पर, अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

तूफान 'अर्नब' के प्रभाव को देखते हुए राज्य शासन के निर्देश पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा ने समीक्षा बैठक की है। अतिसंवेदनशील जिलों में अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। बिजली विभाग की विशेष टीमों को तैनात किया गया है ताकि आंधी-तूफान से पेड़ गिरने या पोल टूटने पर तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके। इसके साथ ही, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने भी एडवायजरी जारी कर यात्रियों को स्टेशन पहुँचने और ट्रेनों के समय में बदलाव की पुष्टि करने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश और जल जनित बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाइयों का स्टॉक सुनिश्चित किया है।

#1 अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील: जानिए आगे कैसा रहेगा छत्तीसगढ़ में मौसम का हाल

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और मध्य हिस्से में रुक-रुक कर भारी से अति भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग में भी काले बादलों का डेरा जमा रहेगा और मध्यम से तेज बारिश दर्ज की जा सकती है। 30 अक्टूबर के बाद धीरे-धीरे चक्रवात का प्रभाव कम होने की उम्मीद जताई गई है। राज्य सरकार ने सभी कलेक्टर्स और एसपी को निर्देश दिया है कि संवेदनशील गांवों और बस्तियों में राहत टीमों (SDRF/NDRF) को मुस्तैद रखा जाए ताकि जन-धन की क्षति को शून्य रखा जा सके।