छत्तीसगढ़ : दशगात्र कार्यक्रम के दौरान जादू-टोने के शक में 'बैगा' की पीट-पीटकर हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ : दशगात्र कार्यक्रम के दौरान जादू-टोने के शक में 'बैगा' की पीट-पीटकर हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के एक सुदूर ग्रामीण इलाके में अंधविश्वास का एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर से आधुनिक समाज के दावों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। एक शोक कार्यक्रम के दौरान जादू-टोने और ओझा-गुणी के शक में कुछ लोगों ने मिलकर एक पारंपरिक 'बैगा' यानी स्थानीय तांत्रिक की लाठी-डंडों और पत्थरों से बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में मौके पर पहुंचकर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया। इस निर्मम हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण भी इस खौफनाक वारदात के बाद से सहमे हुए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में संलिप्त मुख्य आरोपियों समेत तीन लोगों को दबोच लिया है, जिनसे पूछताछ का दौर लगातार जारी है।

#दशगात्र कार्यक्रम के दौरान कैसे भड़का जादू-टोने का शक

यह सनसनीखेज वारदात छत्तीसगढ़ के एक ग्रामीण अंचल में स्थित उस वक्त घटी जब वहां एक परिवार में किसी परिजन के निधन के बाद दशगात्र या मृत्यु भोज का कार्यक्रम चल रहा था। इस धार्मिक और सामाजिक आयोजन में गांव के तमाम लोग और रिश्तेदार एकत्रित हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों के मन में यह पुरानी और अंधविश्वासी शंका घर कर गई कि गांव में हुई उस मौत के पीछे किसी तांत्रिक या बैगा का ही काला जादू या टोना-टोटका जिम्मेदार है। इस अंधविश्वास के दलदल में फंसे कुछ संदिग्ध लोगों ने अपनी निजी रंजिश और अंधी आस्था के चलते वहां मौजूद उस बैगा को ही इसका मुख्य जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे बात इतनी बढ़ गई कि सामान्य बातचीत और बहस ने एक उग्र रूप ले लिया और आरोपियों ने बिना कुछ सोचे-समझे भीड़ के सामने ही उस गरीब बैगा पर हमला बोल दिया।

#लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला और मौके पर ही मौत

जादू-टोने के झूठे और बेबुनियाद शक में अंधे हो चुके आरोपियों ने अपनी सारी इंसानियत को ताक पर रखकर उस बैगा पर बेरहमी से टूट पड़े। उनके पास लाठी-डंडे और भारी पत्थर मौजूद थे, जिनसे उन्होंने उस व्यक्ति के सिर और शरीर के अन्य नाजुक अंगों पर ताबड़तोड़ कई वार किए। इस अचानक हुए खूनी हमले से वहां अफरा-तफरी मच गई और किसी को भी बीच-बचाव करने का मौका तक नहीं मिला। गंभीर रूप से घायल होकर वह बैगा खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार होने की फिराक में थे, लेकिन ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस बल तुरंत हरकत में आ गया और चारों तरफ नाकाबंदी कर दी गई।

#पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी तुरंत भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस टीम ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को भी मौके पर बुलवाकर तमाम वैज्ञानिक साक्ष्य और खून के नमूने सुरक्षित एकत्र किए। स्थानीय लोगों से पूछताछ और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही घंटों के भीतर इस जघन्य हत्याकांड में शामिल तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल कर ली। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अंधविश्वास के फेर में आकर इस वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस पूरी साजिश के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश भी जुड़ी हुई थी। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या और प्रासंगिक संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उन्हें न्यायालय में पेश करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

#अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता और समाज के लिए चेतावनी

छत्तीसगढ़ के इस भयावह कांड ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि इक्कीसवीं सदी के इस आधुनिक दौर में भी देश के कई ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में अंधविश्वास और जादू-टोने जैसी कुप्रथाएं कितनी गहरी जड़ें जमा चुकी हैं। थोड़ी सी गलतफहमी और अंधी आस्था के चलते लोग कानून को अपने हाथ में लेने से भी गुरेज नहीं करते, जिसके परिणाम स्वरूप किसी निर्दोष की जान चली जाती है और कई परिवार तबाह हो जाते हैं। इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने गांवों में विशेष रूप से जागरूकता अभियान चलाने और लोगों को ओझा-गुणी के चक्कर से दूर रहने की अपील करने का निर्णय लिया है। पुलिस अधिकारियों का भी यह कहना है कि अंधविश्वास फैलाने वाले और इस तरह के जघन्य अपराधों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानून के तहत सबसे कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की अमानवीय घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।