GRP जवान के पास मिली 1,90,09,303 करोड़ की सपंत्ति, लग्जरी गाड़ियां

GRP जवान के पास मिली 1,90,09,303 करोड़ की सपंत्ति, लग्जरी गाड़ियां

रेलवे पुलिस यानी राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के एक साधारण जवान की अकूत काली कमाई का ऐसा हैरान कर देने वाला सच सामने आया है, जिसने पूरे पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। जांच एजेंसियों और भ्रष्टाचार निवारण टीम द्वारा की गई छापेमारी में इस जीआरपी जवान के पास से कुल 1,90,09,303 रुपये की चल-अचल आय से अधिक संपत्ति उजागर हुई है। एक मामूली सिपाही के पद पर तैनात कर्मचारी की सैलरी और उसके पास से बरामद लग्जरी लाइफस्टाइल के बीच का यह अंतर इतना विशाल है कि जांच अधिकारी भी दस्तावेजों को देखकर दंग रह गए। जांच में शहर के पॉश इलाकों में आलीशान मकान, बहुमूल्य जमीनों के दस्तावेज, लग्जरी चार पहिया गाड़ियां और भारी मात्रा में सोने-चांदी के गहनों का राजफाश हुआ है।

रेलवे स्टेशन और चलती ट्रेनों में उगाही से खड़ा किया बेनामी साम्राज्य

जांच रिपोर्ट और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस जीआरपी कांस्टेबल की असली कमाई का जरिया रेलवे स्टेशन परिसरों और लंबी दूरी की ट्रेनों में होने वाली संगठित अवैध वसूली थी। ट्रेन में यात्रा करने वाले अवैध वेंडरों, संदिग्ध यात्रियों, बिना टिकट सफर करने वालों और स्टेशन क्षेत्र में दुकान चलाने वाले छोटे व्यापारियों से हर महीने लाखों रुपये की मंथली कटिंग और हफ्ता वसूली की जाती थी। जीआरपी वर्दी की धौंस दिखाकर यह जवान रोजाना हजारों रुपये नकद ऐंठता था। धीरे-धीरे उसने इस काली कमाई को सफेद करने और छिपाने के लिए अपने रिश्तेदारों तथा करीबियों के नाम पर जमीनों के प्लॉट खरीदे और रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा निवेश करना शुरू कर दिया।

रेड के दौरान लग्जरी गाड़ियों और बैंक खातों का हुआ बड़ा खुलासा

भ्रष्टाचार निरोधक टीम को जब इस जवान की अनुपातहीन संपत्ति के संबंध में पुख्ता शिकायतें मिलीं, तो गोपनीयता बनाए रखते हुए छापेमारी की योजना बनाई गई। जीआरपी जवान के ठिकानों पर जब एक साथ दबिश दी गई, तो उसके घर के बाहर खड़ी एक से बढ़कर एक ब्रांडेड लग्जरी कारें और महंगी दोपहिया गाड़ियां देखकर पड़ोसी भी अचंभित रह गए। घर के अंदर की गई सघन तलाशी के दौरान अलमारियों से लाखों रुपये कैश, ज्वेलरी के बिल, कई फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के कागजात और अलग-अलग बैंकों की पासबुक बरामद हुईं। इन सभी संपत्तियों का बाजार मूल्य और सरकारी मूल्यांकन जोड़ने पर कुल आंकड़ा 1.90 करोड़ रुपये (1,90,09,303 रुपये) से अधिक का निकला, जो कि उसकी आधिकारिक सेवा अवधि की कुल वैध आय से कई सौ गुना ज्यादा है।

एफआईआर दर्ज कर बेनामी लेनदेन और विभागीय मददगारों की पड़ताल तेज

अवैध कमाई के इस नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद आरोपी जीआरपी जवान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) और विजिलेंस की टीम अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि रेलवे पुलिस विभाग में रहते हुए इस सिपाही को किन-किन वरिष्ठ अधिकारियों या राजनीतिक रसूखदारों का संरक्षण प्राप्त था। माना जा रहा है कि अकेले एक जवान के लिए इतने बड़े पैमाने पर वसूली का गिरोह चलाना संभव नहीं था और इसमें जीआरपी थाने के कुछ अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की सभी अवैध संपत्तियों को जब्त (Attach) करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े नामों पर गाज गिर सकती है।