4 करोड़ कैश और 17 मोबाइल फोन बरामद, D कंपनी के नाम पर ठगी करने वाले 7 शातिर गिरफ्तार
देशभर में साइबर ठगी और अवैध वसूली के मामलों के खिलाफ पुलिस लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है। हाल ही में पुलिस ने एक ऐसे खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो अंडरवर्ल्ड की मशहूर 'डी कंपनी' (D Company) का डर दिखाकर बड़े कारोबारियों और आम नागरिकों को निशाना बनाता था। इस हाई-प्रोफाइल रैकेट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 7 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से करीब 4 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकदी और 17 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिससे इस गैंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
कैसे देते थे वारदात को अंजाम और क्या था तरीका
यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी सबसे पहले बड़े व्यापारियों, बिल्डर्स और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को चुनते थे। इसके बाद वे फोन कॉल या मैसेज के जरिए खुद को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गिरोह यानी 'डी कंपनी' का सदस्य बताते थे। पीड़ितों को जान से मारने की धमकी देकर उनसे भारी मात्रा में रंगदारी या अवैध वसूली की जाती थी। डर के कारण कई लोग पुलिस के पास जाने से डरते थे, जिसका फायदा उठाकर ये ठग लगातार अपनी ठगी का दायरा बढ़ाते जा रहे थे।
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी और बरामदगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने एक विशेष ऑपरेशन चलाया। तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस ने इन सभी 7 आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर ली और एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से जो सामान मिला, उसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। मौके से 4 करोड़ रुपये कैश, 17 से ज्यादा स्मार्टफोन, कई फर्जी सिम कार्ड और धमकी देने में इस्तेमाल होने वाले दस्तावेज बरामद किए गए हैं। यह इस बात का सबूत है कि यह गैंग काफी लंबे समय से इस अवैध कारोबार को चला रहा था।
आगे की कानूनी कार्रवाई और जनता के लिए चेतावनी
फिलहाल पुलिस सभी सातों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सिंडिकेट के तार देश के किन-किन राज्यों से जुड़े हुए हैं और इनके पीछे कोई मास्टरमाइंड है या नहीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध और ठगी करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, आम जनता और कारोबारियों से अपील की गई है कि यदि उन्हें कभी भी इस तरह की कोई धमकी भरी कॉल आए, तो वे बिना डरे तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को इसकी सूचना दें।