Chhattisgarh News : अंबिकापुर गरबा में क्यों भड़क उठे लोग, एल्विश, अंजलि और गोविंदा पर फूटा गुस्सा
News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में गरबा कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा विवाद सामने आया है, जिसमें यूट्यूबर और 'बिग बॉस ओटीटी' विजेता एल्विश यादव, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा और बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा का विरोध हुआ. यह घटना यह दर्शाती है कि जब कोई सेलेब्रिटी सार्वजनिक रूप से किसी कार्यक्रम में आता है, तो जनता की उम्मीदें और नैतिक मानदंड कितने अलग-अलग हो सकते हैं, और इन पर हमेशा एक गहरी बहस होती रहती है.
जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर में गरबा उत्सव का आयोजन किया गया था, जिसमें एल्विश यादव, अंजलि अरोड़ा और गोविंदा जैसे सितारे शिरकत करने पहुंचे थे. यह निश्चित रूप से कार्यक्रम में भीड़ खींचने का एक बड़ा ज़रिया था. लेकिन किसी वजह से इन हस्तियों के कार्यक्रम में पहुंचने या उनके प्रदर्शन को लेकर विरोध शुरू हो गया. विरोध का सटीक कारण तो स्पष्ट नहीं है, लेकिन आमतौर पर ऐसी घटनाएं नैतिक मूल्यों, सेलेब्रिटी की सार्वजनिक छवि, कार्यक्रम के शुल्क या स्थानीय रीति-रिवाजों के उल्लंघन को लेकर होती हैं.
विरोध के संभावित कारण:
- सेलेब्रिटी की छवि: एल्विश यादव और अंजलि अरोड़ा जैसे सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स अक्सर अपनी कंट्रोवर्शियल कंटेंट या निजी जिंदगी के लिए चर्चा में रहते हैं, ऐसे में धार्मिक आयोजनों में उनकी मौजूदगी पर कुछ लोगों को आपत्ति हो सकती है.
- गोविंदा का विरोध: गोविंदा जैसे वरिष्ठ अभिनेता का विरोध थोड़ा चौंकाने वाला है, और इसके पीछे किसी विशेष कारण, जैसे उनके कार्यक्रम में देर से आने या किसी अन्य बयान का हाथ हो सकता है.
- कार्यक्रम की शुचिता: धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों, जैसे गरबा में, लोग एक विशेष मर्यादा और शुचिता की उम्मीद करते हैं. अगर किसी को लगा हो कि इन हस्तियों की उपस्थिति से इसकी पवित्रता भंग हो रही है, तो उन्होंने विरोध किया होगा.
- स्थानीय मुद्दे: यह भी संभव है कि विरोध के पीछे कोई स्थानीय राजनीतिक या सामाजिक मुद्दा हो जिसे इन हस्तियों के कार्यक्रम से जोड़ा गया हो.
इस घटना से यह साफ होता है कि सेलिब्रिटी संस्कृति और पारंपरिक या धार्मिक आयोजनों के बीच की खाई कई बार जनता की नाराजगी का कारण बन जाती है. खासकर सोशल मीडिया के दौर में, जब हर कोई हर सेलेब्रिटी की हर बात को करीब से देखता है, तो सार्वजनिक मंच पर उनकी उपस्थिति पर लोगों की कड़ी प्रतिक्रिया आ सकती है. अंबिकापुर की यह घटना इस बात की मिसाल है कि सेलेब्रिटीज को अपनी सार्वजनिक छवि और आयोजनों के संदर्भ को लेकर और अधिक सावधान रहने की ज़रूरत है.