Chhattisgarh news : अब पैसे की वजह से नहीं टूटेगा डॉक्टर-इंजीनियर बनने का सपना, सरकार ने 100 बच्चों के लिए शुरू की ये उड़ान
News India Live, Digital Desk: Chhattisgarh news : हर साल छत्तीसगढ़ के छोटे-छोटे गांवों और कस्बों से कई होनहार बच्चे 12वीं पास करते हैं। उनकी आंखों में डॉक्टर या इंजीनियर बनकर परिवार का नाम रोशन करने का सपना होता है, लेकिन एक चीज उनके सपनों के आड़े आ जाती है - पैसा। दिल्ली, कोटा या भिलाई जैसे शहरों में NEET और JEE की महंगी कोचिंग का खर्च उठाना हर किसी के बस में नहीं होता। इसी मजबूरी के कारण न जाने कितनी ही प्रतिभाएं दम तोड़ देती हैं।
लेकिन अब शायद ऐसा नहीं होगा। राजनांदगांव जिला प्रशासन ने इन बच्चों के सपनों को पंख देने के लिए एक ऐसी पहल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन सकती है। प्रशासन ने "प्रोजेक्ट उड़ान" के नाम से एक ऐसी योजना शुरू की है, जिसके तहत 100 प्रतिभाशाली बच्चों को NEET और JEE की तैयारी बिल्कुल मुफ्त में कराई जाएगी।
क्या है यह 'प्रोजेक्ट उड़ान'?
यह सिर्फ एक कोचिंग क्लास नहीं, बल्कि उन 100 बच्चों के लिए एक गुरुकुल जैसा है, जिनका चयन एक कठिन परीक्षा के बाद किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत:
जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल की देखरेख में इस पूरी योजना को तैयार किया गया है। इसका मकसद साफ है - पैसे की कमी को किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे की राह का रोड़ा नहीं बनने देना है।
कैसे चुने गए ये 100 होनहार?
इस योजना का लाभ सही बच्चों तक पहुंचे, इसके लिए कुछ समय पहले पूरे जिले में एक प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में हजारों बच्चों ने हिस्सा लिया, जिनमें से मेरिट के आधार पर 100 सबसे काबिल बच्चों को चुना गया है। इनमें 50 बच्चे गणित (JEE की तैयारी के लिए) और 50 बच्चे जीव विज्ञान (NEET की तैयारी के लिए) के हैं।
2 सितंबर से इन बच्चों की कोचिंग राजनांदगांव के स्टेट हाई स्कूल में शुरू हो जाएगी। अब इन बच्चों को अपने सपने पूरे करने के लिए घर-परिवार छोड़कर बड़े शहरों में भटकने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें अपने ही जिले में वो हर सुविधा मिलेगी, जो बड़े कोचिंग संस्थानों में मिलती है। यह पहल वाकई उन गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है, जो अपने बच्चों को ऊंची उड़ान भरते देखना चाहते हैं।