Chhattisgarh Naxal Attack : सेना के जवान का बदला, NIA ने 5 नक्सलियों के खिलाफ दायर की चार्जशीट
News India Live, Digital Desk: Chhattisgarh Naxal Attack : देश की रक्षा के लिए अपनी जान दांव पर लगाने वाले एक फौजी को जब उसी के घर में, उसी के लोगों के बीच बेरहमी से मार दिया जाए, तो यह हमला सिर्फ उस जवान पर नहीं, बल्कि पूरे देश की आत्मा पर होता है। छत्तीसगढ़ में हुए ऐसे ही एक दिल दहला देने वाले मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा कदम उठाया है और 5 क्रूर नक्सलियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है।
कहानी उस जवान की, जो छुट्टी पर घर आया था...
यह दर्दनाक कहानी है भारतीय सेना के जवान गोंडी राम कोसा की, जो देश की सेवा करने के बाद होली मनाने के लिए अपने गांव कौशलनार (छत्तीसगढ़) लौटे थे। उन्हें क्या पता था कि जिन लोगों के बीच वह पले-बढ़े, वहीं कुछ लोग उनकी जान के दुश्मन बन बैठेंगे।
जवान कोसा एक स्थानीय बाजार में थे, तभी प्रतिबंधित CPI (माओवादी) संगठन के नक्सलियों का एक झुंड वहां आ धमका। वे जवान को जबरन खींचकर अपने साथ जंगल में ले गए। वहां नक्सलियों ने अपनी एक अवैध 'जन अदालत' (कंगारू कोर्ट) लगाई और जवान पर पुलिस का मुखबिर होने का झूठा आरोप लगा दिया। इसके बाद, उन दरिंदों ने धारदार हथियारों से बेरहमी से जवान कोसा की हत्या कर दी और शव को वहीं फेंककर भाग गए।
NIA की जांच में हुआ बड़ा खुलासा
शुरुआत में इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस कर रही थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA ने इसे अपने हाथ में ले लिया। NIA की जांच में यह साफ हो गया कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक गहरी और खौफनाक साजिश थी।
NIA ने पाया कि नक्सलियों ने जानबूझकर एक सेना के जवान को निशाना बनाया था, ताकि वे आम लोगों और सुरक्षा बलों के मन में डर और आतंक का माहौल पैदा कर सकें।
कौन हैं ये 5 आरोपी?
NIA ने अपनी चार्जशीट में जिन पांच नक्सलियों को आरोपी बनाया है, वे हैं:
- संतोष कोर्राम
- सुमन उर्फ सोनी कश्यप
- लच्छू बेटी
- समे लाल उर्फ सामू
- बुधु मंडावी
इन सभी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की हत्या और अन्य धाराओं के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। NIA का कहना है कि वे इस मामले से जुड़े बाकी नक्सलियों की भी तलाश कर रहे हैं और उन्हें भी जल्द ही कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। यह चार्जशीट उन देशद्रोहियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो सोचते हैं कि वे देश के रखवालों को मारकर बच निकलेंगे।