बेंगलुरु से चेन्नई अब सिर्फ ढाई घंटे में, देखिए कैसे आकार ले रहा है देश का नया हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे
बेंगलुरु से चेन्नई या चेन्नई से बेंगलुरु... अगर आपने भी कभी इस रूट पर सफर किया है, तो आप जानते होंगे कि 6-7 घंटे का यह सफर कितना थका देने वाला हो सकता है। ट्रैफिक, शहरों की भीड़ और लंबा रास्ता, यह सब मिलकर सफर का मज़ा किरकिरा कर देते हैं।
लेकिन अब कल्पना कीजिए... यही सफर आप सिर्फ और सिर्फ ढाई घंटे में पूरा कर लें! जी हाँ, यह सपना बहुत जल्द हकीकत बनने जा रहा है, शुक्रिया बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे का, जिस पर काम बहुत तेजी से चल रहा है।
क्या है यह एक्सप्रेसवे और क्यों है इतना खास?
यह कोई पुरानी सड़क को चौड़ा करने का काम नहीं है, बल्कि यह एक बिल्कुल नई, सीधी और सुपर-फास्ट सड़क बनाई जा रही है, जो भारत के दो बड़े आईटी और इंडस्ट्रियल हब, बेंगलुरु और चेन्नई को जोड़ेगी।
चलिए जानते हैं इसकी कुछ बड़ी बातें:
- लंबाई: यह एक्सप्रेसवे लगभग 262 किलोमीटर लंबा होगा।
- स्पीड: इसे 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिज़ाइन किया गया है। यानी आप इस पर बिना किसी रुकावट के तेज रफ्तार से गाड़ी चला सकेंगे।
- लेन: यह एक 4-लेन का चौड़ा एक्सप्रेसवे होगा, जिसे भविष्य में और भी चौड़ा किया जा सकेगा।
- रास्ता: यह कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, तीन राज्यों से होकर गुज़रेगा।
सबसे बड़ा फायदा: समय की बचत
इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा आम आदमी को मिलेगा। जो सफर आज 6 से 7 घंटे का है, वह घटकर सिर्फ 2 से ढाई घंटे का रह जाएगा। इसका मतलब है कि अब आप सुबह बेंगलुरु से निकलकर लंच चेन्नई में कर सकते हैं, और शाम तक वापस भी आ सकते हैं!
सिर्फ सफर ही नहीं, तरक्की भी होगी तेज़
यह एक्सप्रेसवे सिर्फ दो शहरों के बीच की दूरी को ही कम नहीं करेगा, बल्कि यह तरक्की का भी हाईवे साबित होगा।
- जब दो बड़े शहर इतनी तेज़ी से जुड़ेंगे तो व्यापार बढ़ेगा, सामान जल्दी पहुँचेगा, और लॉजिस्टिक्स की लागत भी कम होगी।
- इससे दोनों शहरों की अर्थव्यवस्था को नए पंख लगेंगे और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
फिलहाल इस एक्सप्रेसवे पर काम तेजी से जारी है, और जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, उन्हें देखकर यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यह बनने के बाद कितना शानदार दिखने वाला है। यह एक्सप्रेसवे नए भारत की उस तस्वीर को दिखाता है जहां फासले कम हो रहे हैं और तरक्की की रफ्तार बढ़ रही है।