चारधाम यात्रा: यातायात नियमों में सख्ती, सुरक्षा और स्वच्छता पर खास जोर

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उत्तराखंड सरकार ने इस साल की चारधाम यात्रा के दौरान यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सभी राज्यों को यात्रा के दौरान पालन किए जाने वाले यातायात नियमों से संबंधित एडवाइजरी जारी की जाएगी। इसके तहत यात्रियों को ट्रक और ट्रैक्टर जैसे अनुपयुक्त वाहनों में लाने पर पूरी तरह रोक होगी।

यातायात नियमों का कड़ाई से पालन

चारधाम यात्रा के दौरान दोपहिया वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं को हेलमेट, गति सीमा और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। पर्वतीय मार्गों पर यात्रियों को लाने वाले कामर्शियल वाहनों के ड्राइवरों के लिए पहाड़ी इलाकों में वाहन चलाने का अनुभव अनिवार्य होगा।

चूंकि यात्रा काल के दौरान मानसून सीजन भी शुरू हो जाता है, जिससे कई क्षेत्रों में सड़क हादसों और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध

परिवहन सचिव बृजेश कुमार संत ने बताया कि इस बार लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा में आएंगे, जिनकी सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात नियमों के पालन और सुरक्षा उपायों को कड़ाई से लागू किया जाएगा। इसके लिए सभी परिवहन अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं, और जल्द ही देश के अन्य राज्यों को भी एडवाइजरी भेजी जाएगी।

स्वच्छता के लिए विशेष पहल

यात्रा मार्गों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए वाहनों में डस्टबिन और गारबेज बैग को अनिवार्य किया जाएगा। यात्री सड़क पर कचरा फेंकने के बजाय इन्हीं डस्टबिन का उपयोग करेंगे और बाद में इसे सरकार द्वारा बनाए गए कूड़ेदानों में डालना होगा। इससे चारधाम यात्रा मार्ग को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने में मदद मिलेगी।

सरकार के इन कदमों का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देना और यात्रा को सुव्यवस्थित और स्वच्छ बनाना है।