चारधाम यात्रा: 50 साल से अधिक उम्र के श्रद्धालुओं की अनिवार्य स्वास्थ्य जांच, मेडिकल सुविधाएं होंगी मजबूत

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उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा पर आने वाले 50 वर्ष से अधिक उम्र के श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य जांच का निर्णय लिया है। यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए चारधाम मार्ग पर 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) और 31 स्वास्थ्य जांच केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर तीर्थयात्रियों को हाई एल्टीट्यूड में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं की जांच और उपचार की सुविधा मिलेगी।

यात्रा के मुख्य पड़ावों पर होगी प्रारंभिक जांच

सरकार की योजना है कि हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग जैसे प्रमुख पड़ावों पर ही 50 वर्ष और उससे अधिक उम्र के यात्रियों की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच कर ली जाए, जिससे यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।

पिछले साल से ली गई सीख

2024 में चारधाम यात्रा के दौरान 34,000 से अधिक तीर्थयात्री बीमार हुए थे, जिनमें से 1,011 को एंबुलेंस और 90 को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करना पड़ा था। इस अनुभव के आधार पर इस साल स्वास्थ्य मित्रों (फर्स्ट मेडिकल रिस्पॉन्डर) की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि जरूरतमंद श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके।

केदारनाथ और बदरीनाथ में दो नए अस्पताल

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि इस वर्ष केदारनाथ में 17 बेड और बदरीनाथ में 45 बेड के नए अस्पताल खोले जा रहे हैं। यात्रियों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता देने के लिए यात्रा मार्ग पर 154 एंबुलेंस तैनात की जाएंगी, जिनमें 17 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस शामिल हैं।

चारधाम मार्ग पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती

यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए 47 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की गई है। इनमें 19 फिजिशियन, 23 हड्डी रोग विशेषज्ञ और 5 श्वास रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। डीजी स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि चारधाम ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों को किसी भी प्रकार का अवकाश नहीं दिया जाएगा।

उत्तराखंड सरकार के इन प्रयासों से श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगी, जिससे वे बिना किसी स्वास्थ्य जोखिम के दर्शन कर सकेंगे।