हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश से तबाही मची है। राज्य के कुल्लू जिले से तबाही की चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। बारिश ने यहां इतना कहर बरपाया है कि नदियां और नाले उफान पर हैं। नालियों में बारिश का पानी भर जाने के कारण वाहनों के फंसने की घटनाएं हुई हैं। कुल्लू के अलावा मंडी जिले से भी तबाही की तस्वीरें सामने आई हैं। जिले के ओट क्षेत्र में भूस्खलन के बाद चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिया गया है। मौसम को देखते हुए हिमाचल प्रदेश मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
शनि मंदिर के पास राजमार्ग पर भारी मात्रा में मलबा गिर गया।
कुल्लू जिले की बात करें तो यहां पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिसके चलते आज भूतनाथ कॉजवे जलमग्न हो गया और कई वाहन इसमें फंस गए। इसके अलावा कुल्लू के गांधी नगर में कई वाहन मलबे में दब गए हैं।
राजमार्ग बंद होने से लम्बा यातायात जाम लग गया।
मंडी जिले में भूस्खलन के कारण एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। फिलहाल बस के बारे में ज्यादा जानकारी जारी नहीं की जा रही है, पुलिस फिलहाल जांच कर रही है कि बस में कौन सवार था और यह कहां जा रही थी। भूस्खलन के बाद चार लेन की सड़क बनाने का काम कर रही एफकॉन्स कंपनी की मशीनरी मलबा हटाने में जुटी है। फिलहाल छोटे वाहनों को पार कराया जा रहा है। हाईवे पर मलबा पड़ा होने के कारण लंबा जाम लगा हुआ है और जाम के कारण कई वाहन फंसे हुए हैं। मंडी जिला पुलिस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लोगों से सावधानी से यात्रा करने की अपील की है।
भूतनाथ कॉजवे डूब गया
पुलिस के अनुसार आज सुबह (28 फरवरी) ओट के निकट शनि मंदिर के पास हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा गिर गया, जिसके बाद हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया। हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फोरलेन सड़क निर्माण में लगी एफकॉन्स कंपनी की मशीनरी तुरंत मलबा हटाने के काम में जुट गई।
लाहौल स्पीति सबसे ज्यादा प्रभावित
लाहौल स्पीति सबसे ज्यादा प्रभावित है और यहां लगातार दूसरे दिन भी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। लाहौल स्पीति में तीन दिन में करीब पांच फीट बर्फबारी हो चुकी है और यह क्षेत्र देश-दुनिया से कट गया है। यहां करीब 150 सड़कें बंद हैं और बिजली-पानी सब ठप हो गया है। कुल्लू की तोश घाटी में भूस्खलन के कारण जीरा नाला अवरुद्ध होने से झील बन गई है और पार्वती नदी पर भी खतरा मंडरा रहा है।