Chanakya Niti : अपनी पत्नी से जुड़ा यह एक राज़ भूलकर भी किसी को न बताएं, वरना सम्मान और रिश्ता दोनों गँवा देंगे
News India Live, Digital Desk: आचार्य चाणक्य को सिर्फ एक महान अर्थशास्त्री और रणनीतिकार ही नहीं, बल्कि जीवन को सही ढंग से जीने का तरीका सिखाने वाला एक कुशल मार्गदर्शक भी माना जाता है। उन्होंने अपनी नीतियों में मानव स्वभाव, रिश्ते और समाज से जुड़ी कई ऐसी गहरी बातें बताई हैं, जो आज भी उतनी ही सच और सटीक हैं जितनी सदियों पहले थीं।
चाणक्य ने पति-पत्नी के रिश्ते को बहुत महत्वपूर्ण माना है और इसे सुखी बनाए रखने के लिए कुछ नियम भी बताए हैं। इन्हीं में से एक बहुत ज़रूरी बात यह है कि एक पति को अपनी पत्नी से जुड़ा कौन-सा राज़ किसी भी हाल में दूसरों को नहीं बताना चाहिए, चाहे वो आपका कितना भी करीबी दोस्त या रिश्तेदार क्यों न हो।
क्या है वो राज़ जिसे हमेशा छिपाकर रखना चाहिए?
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि एक पति को अपनी पत्नी के चरित्र या अवगुणों के बारे में कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति से बात नहीं करनी चाहिए।
इसका मतलब है:
- अगर आपकी पत्नी में कोई बुरी आदत है: हो सकता है आपकी पत्नी में कोई ऐसी आदत हो जो आपको पसंद न हो, जैसे - उसे गुस्सा ज़्यादा आता हो, वह ज़्यादा खर्चीली हो, या घर संभालने में थोड़ी कच्ची हो।
- अगर आपका उससे कोई मनमुटाव हुआ है: पति-पत्नी के बीच झगड़े और बहस होना आम बात है। लेकिन इन झगड़ों की बातें और उस समय गुस्से में कही गईं बातों का ज़िक्र बाहर किसी से नहीं करना चाहिए।
क्यों है यह इतना ज़रूरी?
- यह सम्मान का सवाल है: जब आप अपनी पत्नी की बुराई या उसके अवगुणों की चर्चा किसी और से करते हैं, तो आप असल में खुद अपने ही सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं। आपकी पत्नी आपके घर की इज़्ज़त है। अगर आप ही उसका सम्मान नहीं करेंगे, तो बाहर वाला कोई क्यों करेगा?
- रिश्ते में दरार आती है: ज़रा सोचिए, अगर आपकी पत्नी को यह पता चले कि आप उसकी निजी बातें या उसकी कमजोरियां अपने दोस्तों में बताते हैं, तो उसे कैसा महसूस होगा? उसका आप पर से भरोसा टूट जाएगा। यह बात आपके रिश्ते में एक ऐसी दरार डाल सकती है, जिसे भरना बहुत मुश्किल हो जाएगा।
- लोग मज़ाक उड़ाते हैं: आप शायद सहानुभूति पाने के लिए अपनी बात किसी से साझा करें, लेकिन ज़्यादातर लोग पीठ पीछे आपके और आपकी पत्नी के रिश्ते का मज़ाक ही उड़ाते हैं। वे आपकी समस्या को सुलझाने की बजाय उसे और उलझा देते हैं।
चाणक्य नीति हमें सिखाती है कि पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास और सम्मान की नींव पर टिका होता है। अगर कोई समस्या है भी, तो उसे आपस में बात करके सुलझाना चाहिए, न कि दुनिया के सामने उसका तमाशा बनाकर। एक बुद्धिमान व्यक्ति अपने घर की बातें हमेशा घर के अंदर ही रखता है।