Chanakya Niti : कहीं आप भी तो नहीं पाल रहे ये 4 आदतें? कामयाबी के रास्ते का सबसे बड़ा कांटा हैं ये
News India Live, Digital Desk : हम सब अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं। अच्छी नौकरी, बड़ा बिज़नेस, ढेर सारा पैसा और मान-सम्मान ये ख्वाइश किसकी नहीं होती? हम मेहनत भी करते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हम अपनी मंज़िल के करीब पहुंचकर भी फिसल जाते हैं। हम सोचते हैं कि शायद हमारी किस्मत ख़राब है, लेकिन Acharya Chanakya (कौटिल्य) का कहना कुछ और ही है।
चाणक्य नीति, जो सदियों पहले लिखी गई थी, आज भी उतनी ही सटीक बैठती है जितनी तब थी। आचार्य चाणक्य ने साफ़ कहा है कि इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि उसकी खुद की आदतें और कमजोरियां होती हैं। उन्होंने ऐसी 4 बड़ी बाधाओं का जिक्र किया है जो टैलेंटेड से टैलेंटेड इंसान को भी बर्बाद कर सकती हैं।
आइये, आज जरा इत्मीनान से बैठकर खुद से सवाल पूछते हैं कहीं हम भी तो इन 4 गलतियों के शिकार नहीं हैं?
1. आलस्य (Laziness): टैलेंट का सबसे बड़ा दुश्मन
चाणक्य कहते हैं कि दुनिया में अगर कोई चीज़ है जो आपकी काबिलियत को दीमक की तरह खा सकती है, तो वो है 'आलस्य'। बहुत से लोग सोचते तो बहुत बड़ा हैं"मैं कल ये कर दूंगा, परसों वो कर दूंगा"लेकिन जब करने की बारी आती है, तो शरीर और मन साथ नहीं देता।
अगर आपको आज का काम कल पर टालने की आदत है, या सुबह उठने में आपको 'मौत' आती है, तो समझ लीजिये कि सफलता आपसे कोसों दूर भाग रही है। आलसी इंसान के पास न विद्या टिकती है और न ही धन। इसलिए, अगर जीतना है, तो सबसे पहले अपने 'कंफर्ट जोन' को लात मारनी होगी।
2. असफलता का डर (Fear of Failure)
"अगर मैं हार गया तो क्या होगा?" या “लोग क्या कहेंगे?”ये वो वाक्य हैं जिन्होंने दुनिया में सबसे ज़्यादा सपनों का गला घोंटा है। चाणक्य समझाते हैं कि डर इंसान की बुद्धि को बांध देता है। जब आप डरे हुए होते हैं, तो आप सही फैसला ले ही नहीं सकते।
सफल वो नहीं होता जिसे डर नहीं लगता, सफल वो होता है जो डर के बावजूद कदम बढ़ाता है। अगर आप रिस्क लेने से घबराते रहेंगे, तो आप वहीं खड़े रह जाएंगे जहाँ आज हैं, जबकि दुनिया आगे निकल जाएगी।
3. कल करे सो आज कर (Procrastination)
हम भारतीय अक्सर एक बीमारी से ग्रस्त होते हैं"अभी तो बहुत टाइम है, बाद में कर लेंगे।" आचार्य चाणक्य के अनुसार, समय को बर्बाद करना अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है। बीता हुआ एक सेकंड भी करोड़ों रुपये देकर वापस नहीं ख़रीदा जा सकता।
जो इंसान समय की कद्र नहीं करता, समय भी उसकी कद्र करना छोड़ देता है। अगर आपके अंदर काम को टालने की आदत है, तो इसे अभी इसी वक़्त सुधार लें, नहीं तो बाद में सिर्फ़ अफ़सोस ही हाथ लगेगा।
4. गुस्सा और अहंकार (Anger and Ego)
आप कितने भी बुद्धिमान क्यों न हों, अगर आप अपने गुस्से पर काबू नहीं रख सकते, तो आप सब कुछ खो देंगे। चाणक्य ने क्रोध को 'अग्नि' कहा है जो दूसरों को बाद में जलाती है, पहले खुद जिसके मन में उठी है, उसे खाक करती है।
गुस्से में लिया गया फैसला और अहंकार में बोली गई बात, अक्सर बने-बनाए काम को बिगाड़ देती है। विनम्रता ही सफलता की कुंजी है। जो पेड़ फलों से लदा होता है, वो हमेशा झुका रहता है।