Centre's strictness : पंजाब में लाखों अपात्र राशन लाभार्थी निशाने पर, मुफ्त अनाज हो सकता है बंद
- by Archana
- 2025-08-21 15:54:00
News India Live, Digital Desk: Centre's strictness : केंद्र सरकार ने पंजाब में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले लगभग 11 लाख लाभार्थियों को 'संदिग्ध' घोषित किया है। केंद्र ने राज्य सरकार से इन सभी संदिग्ध लाभार्थियों का सत्यापन कर 30 सितंबर, 2025 तक उन्हें सूची से हटाने का निर्देश दिया है। ऐसा न होने पर इन परिवारों को मिलने वाला मुफ्त राशन बंद हो सकता है।
केंद्र सरकार की जांच में सामने आया है कि इन 11 लाख लाभार्थियों में ऐसे लोग शामिल हैं जो आयकरदाता हैं, कंपनियों में निदेशक हैं, पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि के मालिक हैं, या चार पहिया वाहनों के मालिक हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सब्सिडी वाला खाद्यान्न प्रदान किया जाता है, और इन मानदंडों को पूरा करने वाले लोग इस श्रेणी में नहीं आते हैं।
इस राष्ट्रव्यापी जांच के दौरान, केंद्र को देशभर में आठ करोड़ से अधिक ऐसे संदिग्ध लाभार्थी मिले हैं जो योजना के निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं करते हैं, जिनमें से 11 लाख अकेले पंजाब से हैं केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि अपात्र लोगों द्वारा मुफ्त राशन लेने से वास्तविक जरूरतमंदों का हक मारा जा रहा है।
पंजाब सरकार ने केंद्र के इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। राज्य सरकार ने दलील दी है कि 1 अक्टूबर से प्रदेश में धान खरीद का सीजन शुरू हो जाएगा, और खाद्य आपूर्ति विभाग का अधिकांश स्टाफ उसी में व्यस्त रहेगा। इसके साथ ही, पंजाब सरकार ने केंद्र से उन सभी 11 लाख संदिग्ध कार्ड धारकों का विस्तृत डेटा भी मांगा है, जिससे निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
पंजाब में कुल 1.53 करोड़ लाभार्थी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आते हैं, जिनमें से प्रत्येक लाभार्थी को 2 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्रति माह 5 किलोग्राम गेहूं मिलता है। राज्य सरकार ने पहले ही अपने स्तर पर कार्रवाई करते हुए 32,473 अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए थे। यह कदम सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने और सब्सिडी का दुरुपयोग रोकने के लिए उठाया गया है।
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