CBSE Board Result 2026 : रिजल्ट आते ही क्रैश हो जाती है वेबसाइट? अपनाएं डिजिलॉकर का यह एक्सेस कोड हैक
News India Live, Digital Desk: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने की तैयारी अंतिम चरण में है। परिणाम जारी होते ही आधिकारिक वेबसाइट पर करोड़ों छात्रों का ट्रैफिक एक साथ आता है, जिससे साइट अक्सर स्लो या क्रैश हो जाती है। इस समस्या से बचने के लिए और अपना डिजिटल सर्टिफिकेट तुरंत पाने के लिए सरकार के 'डिजिलॉकर' (DigiLocker) प्लेटफॉर्म ने एक खास 'एक्सेस कोड' फीचर पेश किया है, जिसे छात्र एक स्मार्ट हैक की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्या है डिजिलॉकर एक्सेस कोड और क्यों है जरूरी?
सीबीएसई ने सुरक्षा और गोपनीयता को और पुख्ता करने के लिए डिजिलॉकर खातों के लिए 6 अंकों का सुरक्षा पिन (Security PIN) पेश किया है। यह एक्सेस कोड छात्रों को उनके स्कूलों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। इस कोड का उपयोग करके छात्र अपने खाते को एक्टिवेट कर सकते हैं, जिससे रिजल्ट घोषित होते ही उनकी मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट सीधे उनके मोबाइल ऐप में आ जाते हैं। इसके बाद आपको भारी ट्रैफिक वाली वेबसाइटों पर घंटों इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ती।
रिजल्ट से पहले ऐसे एक्टिवेट करें अपना खाता
अपने रिजल्ट को बिना किसी रुकावट के पाने के लिए छात्रों को कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे। सबसे पहले डिजिलॉकर की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाएं और 'Get Started with Account Confirmation' पर क्लिक करें। यहां आपको अपनी कक्षा (10वीं या 12वीं) चुननी होगी और फिर अपना स्कूल कोड और रोल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद, स्कूल द्वारा प्रदान किया गया 6 अंकों का एक्सेस कोड डालें। अंत में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी (OTP) के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें।
बिना इंटरनेट के भी देख सकेंगे मार्कशीट
डिजिलॉकर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक बार मार्कशीट आपके अकाउंट में आ गई, तो आप उसे डाउनलोड करके ऑफलाइन भी देख सकते हैं। यह डॉक्यूमेंट डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित (Digitally Signed) होते हैं और आईटी एक्ट के तहत मूल दस्तावेजों के बराबर ही मान्य होते हैं। यानी आप कॉलेज एडमिशन या अन्य जरूरी कामों में इन डिजिटल दस्तावेजों का इस्तेमाल बिना किसी हिचकिचाहट के कर सकते हैं।
स्कूलों की भूमिका है बेहद महत्वपूर्ण
सीबीएसई ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल अपने छात्रों को यह 6 अंकों का पिन समय रहते उपलब्ध करा दें। यदि किसी छात्र को अभी तक अपना एक्सेस कोड नहीं मिला है, तो उसे तुरंत अपने स्कूल प्रशासन से संपर्क करना चाहिए। यह कोड छात्र की सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत होता है, इसलिए इसे किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करने की सलाह दी जाती है। इस स्मार्ट तरीके को अपनाकर आप रिजल्ट वाले दिन की आपाधापी से पूरी तरह बच सकते हैं।