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March 28 2026 01:04 pm

CBSE 12th Result : पश्चिम एशिया के छात्रों के लिए हाइब्रिड फॉर्मूला जारी जंग के बीच रद्द हुई थी परीक्षा

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News India Live, Digital Desk : मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध और तनावपूर्ण हालातों के कारण रद्द हुई 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला सुनाया है। बोर्ड ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, ओमान, कुवैत और कतर सहित 7 देशों के छात्रों के लिए 'वैकल्पिक मूल्यांकन योजना' (Alternative Assessment Scheme) का ऐलान किया है। इस नए फॉर्मूले के तहत करीब 23,000 छात्रों का रिजल्ट उनकी पिछली शैक्षणिक परफॉरमेंस और बोर्ड द्वारा आयोजित हो चुकी परीक्षाओं के आधार पर तैयार किया जाएगा।

क्या है सीबीएसई का 'हाइब्रिड' फॉर्मूला? ऐसे मिलेंगे नंबर

सीबीएसई ने साफ किया है कि जिन विषयों की परीक्षाएं फरवरी के अंत तक सफलतापूर्वक आयोजित हो चुकी थीं (कुल 27 विषय), उनमें छात्रों को उनके वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर ही अंक दिए जाएंगे। लेकिन 16 मार्च से 10 अप्रैल के बीच जो परीक्षाएं रद्द हुईं, उनके लिए बोर्ड ने 'हाइब्रिड' तरीका अपनाया है:

80 या 70 अंकों वाली थ्योरी: इसके लिए स्कूलों को छात्रों के 'तिमाही' (Quarterly), 'छमाही' (Half-Yearly) और 'प्री-बोर्ड' परीक्षाओं के अंक भेजने होंगे। इन तीनों में से जिस परीक्षा में छात्र के सबसे अच्छे अंक होंगे, उसी के आधार पर फाइनल रिजल्ट बनेगा।

60, 50 या 30 अंकों वाली थ्योरी: इन विषयों के लिए केवल फाइनल प्री-बोर्ड के अंकों को आधार बनाया जाएगा।

प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट: चूंकि ये परीक्षाएं पहले ही स्कूल स्तर पर पूरी हो चुकी हैं, इसलिए इनके अंकों में कोई बदलाव नहीं होगा।

स्कूलों को मिली सख्त डेडलाइन, 6 अप्रैल से शुरू होगा काम

बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे छात्रों के अंकों का डेटा तैयार रखें। सीबीएसई इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल खोलेगा, जिस पर स्कूलों को 6 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 के बीच अंक अपलोड करने होंगे। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि एक बार डेटा सबमिट होने के बाद उसमें कोई सुधार नहीं किया जा सकेगा, इसलिए स्कूल पूरी सावधानी बरतें। सीबीएसई किसी भी समय स्कूल के रिकॉर्ड (आंसर शीट आदि) की जांच कर सकता है, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शी रहे।

छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि, पीएम मोदी ने भी जताया था भरोसा

बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक संकट (Geopolitical Crisis) को देखते हुए छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा के लिए सीबीएसई ने परीक्षाओं को रद्द करने का कड़ा कदम उठाया था। हाल ही में संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए भरोसा दिलाया था कि विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों का भविष्य खराब नहीं होने दिया जाएगा। बोर्ड का यह फैसला उसी दिशा में एक बड़ी राहत माना जा रहा है। जो छात्र इस मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं होंगे, उन्हें स्थिति सामान्य होने पर जुलाई 2026 में होने वाली 'पूरक परीक्षाओं' (Supplementary Exams) में बैठने का मौका दिया जा सकता है।

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नमस्ते! पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वहां रह रहे हजारों छात्रों के भविष्य को लेकर सीबीएसई (CBSE) ने जो 'हाइब्रिड असेसमेंट' फॉर्मूला जारी किया है उसे 'अमर उजाला' की उस गंभीर और संवेदनशील शैली में पेश करते हैं जो छात्रों की फिक्र को बयां करे। CBSE 12th Result: पश्चिम एशिया के छात्रों के लिए 'हाइब्रिड' फॉर्मूला जारी! जंग के बीच रद्द हुई थी परीक जानें अब कैसे तैयार होगा रिजल्ट नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध और तनावपूर्ण हालातों के कारण रद्द हुई 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शुक सऊदी अरब ओमान कुवैत और कतर सहित 7 देशों के छात्रों के लिए 'वैकल्पिक मूल्यांकन योजना' (Alternative Assessment Scheme) का ऐलान किया है। इस नए फॉर्मूले के तहत करीब 23 000 छात्रों का रिजल्ट उनकी पिछली शैक्षणिक परफॉरमेंस और बोर्ड द्वारा आयोजित हो चुकी परीक्षाओं के आधार पर तैयार किया जाएगा। क्या है सीबीएसई का 'हाइब्रिड' फॉर्मूला? ऐसे मिलेंगे नंबर सीबीएसई ने साफ किया उनमें छात्रों को उनके वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर ही अंक दिए जाएंगे। लेकिन 16 मार्च से 10 अप्रैल के बीच जो परीक्षाएं रद्द हुईं उनके लिए बोर्ड ने 'हाइब्रिड' तरीका अपनाया है: 80 या 70 अंकों वाली थ्योरी: इसके लिए स्कूलों को छात्रों के 'तिमाही' (Quarterly) 'छमाही' (Half-Yearly) और 'प्री-बोर्ड' परीक्षाओं के अंक भेजने होंगे। इन तीनों में से जिस परीक्षा में छात्र के सबसे अच्छे अंक होंगे उसी के आधार पर फाइनल रिजल्ट बनेगा। 60 50 या 30 अंकों वाली थ्योरी: इन विषयों के लिए केवल फाइनल प्री-बोर्ड के अंकों को आधार बनाया जाएगा। प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट: चूंकि ये परीक्षाएं पहले ही स्कूल स्तर पर पूरी हो चुकी हैं इसलिए इनके अंकों में कोई बदलाव नहीं होगा। स्कूलों को मिली सख्त डेडलाइन 6 अप्रैल से शुरू होगा काम बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे छात्रों के अंकों का डेटा तैयार रखें। सीबीएसई इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल खोलेगा जिस पर स्कूलों को 6 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 के बीच अंक अपलोड करने होंगे। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि एक बार डेटा सबमिट होने के बाद उसमें कोई सुधार नहीं किया जा सकेगा इसलिए स्कूल पूरी सावधानी बरतें। सीबीएसई किसी भी समय स्कूल के रिकॉर्ड (आंसर शीट आदि) की जांच कर सकता है ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शी रहे। छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि पीएम मोदी ने भी जताया था भरोसा बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक संकट (Geopolitical Crisis) को देखते हुए छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा के लिए सीबीएसई ने परीक्षाओं को रद्द करने का कड़ा कदम उठा उन्हें स्थिति सामान्य होने पर जुलाई 2026 में होने वाली 'पूरक परीक्षाओं' (Supplementary Exams) में बैठने का मौका दिया जा सकता है। Google Keywords (Hindi & English) CBSE 12th Result 2026 West Asia CBSE alternative assessment scheme UAE Saudi Arabia CBSE Middle East exam cancellation update CBSE result evaluation process 2026 CBSE news for Gulf students CBSE board exam West Asia crisis CBSE marks upload window April 2026 सीबीएसई 12वीं रिजल्ट पश्चिम एशिया सीबीएसई वैकल्पिक मूल्यांकन योजना यूएई सऊदी अरब सीबीएसई समाचार मिडिल ईस्ट परीक्षा रद्द अपडेट अमर उजाला एजुकेशन न्यूज सीबीएसई हाइब्रिड इवैल्यूएशन छात्रों के लिए बड़ी खबर Google Discover Career News Hindi. क्या आप चाहेंगे कि मैं इस मूल्यांकन योजना से जुड़े उन 'अक्सर पूछे जाने वाले सवालों' (FAQs) की एक सूची तैयार करूँ जो छात्रों के मन में चल रहे भ्रम को दूर कर सकें?

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