CBSE 10th Board : अब साल में दो बार बोर्ड परीक्षा! प्राइवेट छात्रों के लिए सेकंड बोर्ड एग्जाम की गाइडलाइन्स जारी
News India Live, Digital Desk: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की नीति लागू कर दी है। 2026 के शैक्षणिक सत्र से कक्षा 10वीं के छात्र अब साल में दो बार परीक्षा दे सकेंगे। बोर्ड ने विशेष रूप से प्राइवेट उम्मीदवारों (Private Candidates) के लिए 'सेकंड बोर्ड एग्जामिनेशन' (Second Board Examination) की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसका उद्देश्य छात्रों के प्रदर्शन में सुधार करना और परीक्षा के दबाव को कम करना है।
क्या है 'दो बोर्ड परीक्षा' नीति और किसे मिलेगा मौका?
इस नई नीति के तहत, मुख्य बोर्ड परीक्षा के बाद मई 2026 में दूसरी बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें वे छात्र शामिल हो सकते हैं जो अपने प्रदर्शन को सुधारना (Improvement) चाहते हैं या जिन्हें कंपार्टमेंट मिली है। प्राइवेट छात्रों के लिए पात्रता इस प्रकार है:
इंप्रूवमेंट कैटेगरी: जो छात्र मुख्य परीक्षा पास कर चुके हैं, वे किन्हीं तीन मुख्य विषयों (विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा) में अपना स्कोर सुधारने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कंपार्टमेंट श्रेणी: जिन्हें मुख्य परीक्षा में कंपार्टमेंट मिली है, वे भी इस दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
जरूरी शर्त: यदि कोई छात्र मुख्य परीक्षा के 3 या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित रहा है, तो वह सेकंड बोर्ड एग्जाम के लिए पात्र नहीं होगा।
आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें और फीस का विवरण
बोर्ड ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। छात्रों को ध्यान रखना होगा कि कोई भी ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रथम चरण (बिना विलंब शुल्क): 16 अप्रैल 2026 (दोपहर 12 बजे) से 20 अप्रैल 2026 (आधी रात) तक।
द्वितीय चरण (विलंब शुल्क के साथ): 21 अप्रैल 2026 से 22 अप्रैल 2026 तक।
फीस: भारत में प्रति विषय 320 रुपये निर्धारित है। नेपाल के लिए 1000 रुपये और अन्य देशों के लिए 2000 रुपये प्रति विषय फीस होगी। विलंब शुल्क के रूप में 2000 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
कैसे करें आवेदन? इन नियमों का पालन है अनिवार्य
प्राइवेट उम्मीदवार सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाकर 'Private Candidates' लिंक के माध्यम से फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म भरते समय छात्र को अपना फोटो और हस्ताक्षर (40 KB से कम, JPG फॉर्मेट) अपलोड करना होगा। भुगतान केवल ऑनलाइन मोड (नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड) से ही मान्य होगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि एक बार फीस जमा होने के बाद किसी भी स्थिति में वापस नहीं की जाएगी और डेटा में सुधार का कोई मौका नहीं मिलेगा।
समान सिलेबस और निष्पक्ष मूल्यांकन
छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल सिलेबस को लेकर है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि सेकंड बोर्ड एग्जाम का सिलेबस और पैटर्न वही रहेगा जो मुख्य परीक्षा (फरवरी-मार्च) के लिए था। इससे छात्रों को अलग से तैयारी करने की जरूरत नहीं होगी। यह कदम उन छात्रों के लिए संजीवनी साबित होगा जो किसी कारणवश मुख्य परीक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पाए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से छात्रों में 'फेल' होने का डर कम होगा और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकेंगे।