भारत में रिकॉर्ड तोड़ कमाई करने वाले रईसों की संख्या में जबरदस्त उछाल, 100 करोड़ से ज्यादा कमाने वाले चार गुना बढ़े

भारत में रिकॉर्ड तोड़ कमाई करने वाले रईसों की संख्या में जबरदस्त उछाल, 100 करोड़ से ज्यादा कमाने वाले चार गुना बढ़े

देश में सालाना 100 करोड़ रुपये या इससे अधिक की कमाई करने वाले रईसों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार की ओर से सोमवार को लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में ₹100 करोड़ से ज्यादा कमाने वाले लोगों की संख्या पिछले पांच साल में बढ़कर करीब चार गुना हो गई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के आधिकारिक आंकड़ों पर अगर नजर डालें तो एसेसमेंट ईयर 2021-22 के दौरान देश में महज 142 लोगों ने अपनी वार्षिक आय 100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा घोषित की थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 तक तेजी से बढ़कर सीधे 576 पर पहुंच गई है। सरकार का यह मानना है कि देश में आर्थिक सुधारों, समावेशी विकास और रोजगार सृजन की दिशा में उठाए गए कदमों के कारण लोगों की आय में यह शानदार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

आयकर कानून में 'अरबपति' की कोई आधिकारिक परिभाषा नहीं

संसद में जब देश के अरबपतियों और उनकी संपत्ति को लेकर सवाल पूछा गया, तो सरकार की ओर से एक बेहद दिलचस्प और कानूनी तथ्य सामने रखा गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि देश के आयकर कानूनों के दायरे में आधिकारिक तौर पर 'अरबपति' (Billionaire) शब्द की कोई निश्चित कानूनी परिभाषा तय नहीं की गई है। सरकार के पास केवल उन करदाताओं का सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध होता है, जो अपने आयकर रिटर्न (ITR) में 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक की कुल आय घोषित करते हैं। इसके अलावा, देश में वेल्थ टैक्स अधिनियम, 1957 को 1 अप्रैल 2016 से पूरी तरह से समाप्त कर दिया जा चुका है, जिसके चलते सरकार अब टैक्सपेर्स की कुल संपत्ति या एग्रीगेट वेल्थ का अलग से कोई डेटा मेंटेन नहीं करती है।

साल-दर-साल तेजी से बढ़ रहा है 100 करोड़ क्लब का दायरा

विगत कुछ वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो यह साफ हो जाता है कि देश में ऊंची आय वाले लोगों का दायरा लगातार चौड़ा हो रहा है। एसेसमेंट ईयर 2022-23 में 100 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों की संख्या 301 थी, जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा थोड़ा सुस्ती दिखाते हुए 284 पर रहा था। हालांकि, इसके बाद के सालों में इसमें ऐतिहासिक उछाल आया है और 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 415 हो गई, जो अब 2025-26 में बढ़कर 576 के ऊंचे स्तर को छू चुकी है। जानकारों के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था में आई तेजी, शेयर बाजार के रिकॉर्ड प्रदर्शन, स्टार्टअप और आईपीओ इकोसिस्टम में बूम, मजबूत टैक्स अनुपालन और रियल एस्टेट जैसी परिसंपत्तियों के दामों में भारी बढ़ोतरी इस तगड़ी कमाई के मुख्य कारण रहे हैं।

बेरोजगारी दर में गिरावट और ITR दाखिल करने की तेजी

देश के आर्थिक मोर्चे पर सकारात्मक संकेत देते हुए सरकार ने यह भी जानकारी दी है कि 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के बीच बेरोजगारी दर साल 2022 के 3.6 प्रतिशत से घटकर 2025 में महज 3.1 प्रतिशत पर आ गई है। सरकार का मुख्य फोकस शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, खाद्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर खर्च बढ़ाकर समावेशी विकास को गति देना है। दूसरी ओर, आयकर विभाग ने सोमवार को एक अहम अपडेट साझा करते हुए बताया कि एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक देश भर में चार करोड़ से ज्यादा आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। विभाग ने सभी करदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम समय की तकनीकी बाधाओं से बचने के लिए 31 जुलाई की तय समय सीमा से पहले अपना आईटीआर जरूर फाइल कर दें।

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