वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत और गिफ्ट निफ्टी की चाल: गुरुवार के कारोबारी सत्र में क्यों दिख रही है सुस्ती?
दलाल स्ट्रीट पर गुरुवार का कारोबारी सत्र निवेशकों और खासकर डेरिवेटिव्स ट्रेडर्स के लिए बेहद सतर्कता भरा साबित होने जा रहा है। घरेलू शेयर बाजार में हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन और साप्ताहिक ऑप्शंस एक्सपायरी के मौके पर व्यापक सुस्ती और सीमित दायरे (रेंज-बाउंड) में कारोबार होने के स्पष्ट तकनीकी संकेत मिल रहे हैं। सुबह के शुरुआती सत्र में गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) से मिलने वाले रुझान किसी बड़ी छलांग के बजाय फ्लैट से लेकर हल्की नरमी के साथ खुलने का इशारा कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांकों डाउ जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक में पिछले सत्र के दौरान सीमित हलचल देखी गई, क्योंकि वैश्विक निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर आने वाले बयानों और भू-राजनीतिक गतिविधियों के बीच वेट-एंड-वॉच की मुद्रा में हैं। इसके साथ ही डॉलर इंडेक्स का 103 के आसपास स्थिर रहना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव एशियाई बाजारों के उत्साह को सीमित कर रहा है। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग भी एक सीमित दायरे में ट्रेड करते नजर आ रहे हैं। जब वैश्विक ट्रिगर्स शांत या सुस्त होते हैं, तो घरेलू बाजार की पूरी बागडोर स्थानीय तकनीकी स्तरों, संस्थागत कैश फ्लो और वीकली एक्सपायरी के दौरान होने वाली शॉर्ट-कवरिंग या अनवाइंडिंग के हाथों में आ जाती है।
निफ्टी 50 का टेक्निकल चार्ट और पहला सपोर्ट: 24,950-25,000 के दायरे में टिकी है बाजार की नजर
चार्ट्स और तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से आज के दिन सबसे बड़ा और अहम सवाल यही है कि अगर बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो निफ्टी 50 को पहला सहारा यानी पहला सपोर्ट कहां मिलेगा। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए तात्कालिक और सबसे पहला मजबूत सपोर्ट 25,050 से 25,000 के स्तर पर स्थित है। यदि बाजार इस स्तर के नीचे फिसलता है, तो 24,950 का स्तर सबसे अहम बेस की तरह काम करेगा। 24,950 से 25,000 का यह दायरा सिर्फ एक मनोवैज्ञानिक स्तर नहीं है, बल्कि यहां निफ्टी का 20-डे सिंपल मूविंग एवरेज (20-DMA) और पिछले कारोबारी सत्रों का कंसोलिडेशन जोन एक साथ आकर मिलता है। यदि तेजड़िये (बुल्स) इस 25,000 के पहले रक्षा कवच को बचाने में कामयाब रहते हैं, तो दिन के निचले स्तरों से एक त्वरित पुलबैक रैली की उम्मीद की जा सकती है। इसके विपरीत, यदि निफ्टी 24,950 के नीचे लगातार 15 से 30 मिनट तक टिक जाता है, तो बाजार में लॉन्ग अनवाइंडिंग का दौर शुरू हो सकता है, जो सूचकांक को 24,850 और 24,800 के दूसरे बड़े सपोर्ट जोन की तरफ धकेल सकता है। ऊपर की तरफ जब तक निफ्टी 25,200 के रेजिस्टेंस को पार कर टिकता नहीं है, तब तक हर उछाल पर मुनाफावसूली का खतरा मंडराता रहेगा।
ऑप्शंस चेन और ओपन इंटरेस्ट का गणित: 25,000 पुट पर भारी जमावड़ा और 25,200 कॉल पर कड़ा पहरा
गुरुवार को होने वाली साप्ताहिक कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी के कारण नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ऑप्शंस चेन डेटा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। ताजा ओपन इंटरेस्ट (OI) के आंकड़ों पर नजर डालें तो कॉल राइटर्स और पुट राइटर्स ने अपनी पोजीशन बहुत स्पष्ट रूप से बांट रखी है। पुट साइड में सबसे ज्यादा ओपन इंटरेस्ट और ताजा राइटिंग 25,000 की स्ट्राइक पर देखी जा रही है, जो यह पुष्टि करती है कि डेरिवेटिव्स मार्केट के बड़े ट्रेडर्स 25,000 को आज के सत्र के लिए एक अभेद्य दीवार मानकर चल रहे हैं। यही कारण है कि यह स्तर बाजार का सबसे पहला और भरोसेमंद सपोर्ट बन जाता है। दूसरी तरफ, ऊपरी मोर्चे पर 25,150 और 25,200 की स्ट्राइक पर आक्रामक कॉल राइटिंग देखने को मिल रही है, जो दर्शाती है कि कॉल राइटर्स सूचकांक को 25,200 के पार आसानी से जाने नहीं देंगे। निफ्टी का पुट-कॉल रेशियो (PCR) वर्तमान में 0.85 से 0.92 के बीच न्यूट्रल से हल्के ओवरसोल्ड जोन में डोल रहा है। पीसीआर का यह स्तर बताता है कि बाजार में चौतरफा तेजी का अभाव है, लेकिन निचले स्तरों पर बिकवाली भी बहुत आक्रामक नहीं हो पा रही है। ऐसे में आज का दिन दोनों तरफ के प्रीमियम खाने (प्रीमियम डीके) वाले साइडवेज मार्केट का गवाह बन सकता है।
बैंक निफ्टी और प्रमुख सेक्टर्स की भूमिका: क्या प्राइवेट बैंक संभालेंगे कमान या आईटी बढ़ाएगा सिरदर्द?
समग्र बाजार की दिशा तय करने में बैंक निफ्टी की भूमिका हमेशा निर्णायक होती है, और आज के सत्र में भी बैंकिंग स्टॉक्स पर विशेष नजर रहेगी। बैंक निफ्टी के लिए 51,500 का स्तर पहला तात्कालिक सपोर्ट बना हुआ है, जबकि इसका प्रमुख बेस 51,200 से 51,000 के बीच है। यदि एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे दिग्गज प्राइवेट लेंडर्स निचले स्तरों पर स्थिरता दिखाते हैं, तो यह पूरे बाजार को एक बड़ा डाउनसाइड रिस्क झेलने से बचा सकता है। इसके उलट, सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर में तिमाही नतीजों के बाद से जारी अनिश्चितता और नैस्डैक की सुस्ती के चलते आज भी दबाव देखा जा सकता है। ऑटोमोबाइल और एफएमसीजी सेक्टर्स में आगामी त्योहारी सीजन की मांग के चलते चुनिंदा खरीदारी का रुझान देखने को मिल सकता है, जो बाजार को संतुलन प्रदान करेगा। वहीं, मेटल्स और रियल्टी इंडेक्स में चीन के आर्थिक पैकेजों की धीमी प्रगति के कारण मिला-जुला रुख रहने की संभावना है। सेक्टोरल रोटेशन के इस दौर में किसी एक सेक्टर के दम पर पूरे बाजार को खींचना मुश्किल नजर आ रहा है, जो सुस्ती के तर्क को और पुख्ता करता है।
एफआईआई और डीआईआई की रस्साकशी: विदेशी बिकवाली के सामने घरेलू म्यूचुअल फंड्स का रक्षात्मक कवच
भारतीय शेयर बाजार की मौजूदा सुस्ती के पीछे संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी एक बड़ा कारण हैं। विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) कैश मार्केट में लगातार रुक-रुक कर बिकवाली कर रहे हैं और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस सेगमेंट में अपनी लॉन्ग पोजीशन को कम कर रहे हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हल्की तेजी के कारण एफआईआई जोखिम उठाने से बच रहे हैं। हालांकि, भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ी ताकत घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) और रीटेल निवेशकों का अनवरत म्यूचुअल फंड एसआईपी (SIP) प्रवाह बना हुआ है। डीआईआई लगातार निचले स्तरों पर आक्रामक खरीदारी करके विदेशी निवेशकों की बिकवाली को पूरी तरह सोख रहे हैं। लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे टियर-1 और टियर-2 शहरों से घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने दलाल स्ट्रीट को किसी बड़े क्रैश से सुरक्षित रखा है। जब एक तरफ एफआईआई बिकवाल हों और दूसरी तरफ डीआईआई खरीदार, तो बाजार में दिशाहीनता और कंसोलिडेशन की स्थिति बनती है, जिसे हम वर्तमान में स्क्रीन पर देख रहे हैं।
इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए गुरुवार की रणनीति: बिना जल्दबाजी के सही लेवल्स का करें इंतजार
आज के कारोबारी सत्र में ट्रेडिंग करने वाले रिटेल और इंट्राडे ट्रेडर्स को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। सुस्त बाजार में किसी भी दिशा में जबरन ट्रेड बनाना नुकसान का सबब बन सकता है। सबसे बेहतर रणनीति यह होगी कि बाजार खुलने के पहले 15 से 30 मिनट तक स्क्रीन पर केवल प्राइस एक्शन को देखा जाए। यदि निफ्टी अपने पहले सपोर्ट जोन 25,000 - 25,050 के करीब पहुंचता है और वहां कोई बुलिश रिवर्सल कैंडलस्टिक पैटर्न बनाता है, तो 24,950 के सख्त स्टॉप-लॉस के साथ खरीदारी का दांव (लॉन्ग पोजीशन) लगाया जा सकता है, जिसका पहला लक्ष्य 25,120 और दूसरा लक्ष्य 25,180 होगा। वहीं, यदि निफ्टी दिन के दौरान ऊपर चढ़कर 25,180 से 25,220 के रेजिस्टेंस जोन के पास संघर्ष करता दिखे और वहां बियरिश रिजेक्शन मिले, तो 25,250 के स्टॉप-लॉस के साथ 'सेल ऑन राइज' यानी पुट ऑप्शन खरीदने की रणनीति अपनाई जा सकती है। जब तक 24,950 का निचला स्तर या 25,220 का ऊपरी स्तर निर्णायक वॉल्यूम के साथ ब्रेक नहीं होता, तब तक बड़े ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन की उम्मीद करने से बचें और छोटे मुनाफे को समय पर बांधते रहें।