SBI की 444 दिन वाली 'अमृत वृष्टि' FD में ₹5 लाख लगाने पर कितना मिलेगा ब्याज? 6.45% की दर से समझें पूरा कैलकुलेशन

SBI की 444 दिन वाली 'अमृत वृष्टि' FD में ₹5 लाख लगाने पर कितना मिलेगा ब्याज? 6.45% की दर से समझें पूरा कैलकुलेशन

सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न की तलाश कर रहे फिक्स्ड इनकम निवेशकों के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की 444 दिन की अवधि वाली स्पेशल टर्म डिपॉजिट योजना 'अमृत वृष्टि' (Amrit Vrishti) लोकप्रिय विकल्पों में से एक बनी हुई है। इस विशेष रिटेल डिपॉजिट स्कीम में बैंक सामान्य नागरिकों (Regular Citizens) को 6.45% वार्षिक की दर से ब्याज ऑफर कर रहा है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को 50 बेसिस प्वाइंट का अतिरिक्त लाभ देते हुए 6.95% वार्षिक की दर से रिटर्न दिया जा रहा है।

बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज की गणना तिमाही आधार पर चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) के अनुसार की जाती है। 444 दिन की अवधि लगभग 14.5 महीने (1 वर्ष 2 महीने 9 दिन या 1.2164 वर्ष) बैठती है।

₹5 लाख के निवेश पर ब्याज और मैच्योरिटी रिटर्न का पूरा हिसाब

श्रेणी / निवेशक ब्याज दर (p.a.) कुल निवेश अर्जित ब्याज (Interest Earned) कुल मैच्योरिटी राशि (Maturity Value)
सामान्य नागरिक (Regular) 6.45% ₹5,00,000 ₹40,490 ₹5,40,490
वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizen) 6.95% ₹5,00,000 ₹43,780 ₹5,43,780
सुपर सीनियर सिटीजन (80+ वर्ष) 7.05% ₹5,00,000 ₹44,440 ₹5,44,440

नोट: बैंक कार्यप्रणाली में 444 दिनों के वास्तविक दिनों की संख्या और तिमाही चक्रवृद्धि फॉर्मूले $A = P \times (1 + r/4)^{4 \times t}$ के अनुसार यह अनुमानित आंकड़े हैं। स्रोत पर कर कटौती (TDS) निवेशक की कुल वार्षिक कर योग्य आय के अनुसार अलग से लागू होगी।

एफडी से जुड़ी प्रमुख शर्तें और टैक्स नियम

  1. समय पूर्व निकासी (Premature Withdrawal): यदि किसी आपात स्थिति में 444 दिन पूरे होने से पहले एफडी तोड़ी जाती है, तो ₹5 लाख तक के डिपॉजिट पर 0.50% की पेनल्टी काटी जाती है। वास्तविक अवधि के लागू ब्याज दर में से पेनल्टी घटाकर भुगतान किया जाता है।

  2. लोन व ओवरड्राफ्ट सुविधा: आपात फंड की जरूरत पड़ने पर एफडी तोड़ने के बजाय जमा राशि के 90% तक का लोन या ओवरड्राफ्ट सीधे योनो (YONO) ऐप या बैंक शाखा से लिया जा सकता है।

  3. टीडीएस (TDS) सीमा: एक वित्तीय वर्ष में बैंकों से मिलने वाला कुल एफडी ब्याज यदि सामान्य नागरिकों के लिए ₹50,000 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1,00,000 से अधिक होता है, तो बैंक 10% टीडीएस काटते हैं। कर योग्य आय न होने पर निवेशक बैंक में फॉर्म 15G या 15H जमा कर टीडीएस से छूट ले सकते हैं।