FD पर 8.5% तक ब्याज दे रहे ये बैंक; जानिए ₹10 लाख के निवेश पर सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) या बैंक FD, कहां मिलेगा सबसे तगड़ा रिटर्न
रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे अधिक) की पहली प्राथमिकता नियमित आय और अपनी जमा-पूंजी की पूर्ण सुरक्षा होती है। जब भी फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स की बात आती है, तो डाकघर की सरकारी योजना सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और बैंकों की सीनियर सिटीजन फिक्स्ड डिपॉजिट (Bank FD) के बीच तुलना सबसे अहम हो जाती है।
वर्तमान में जहां भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज सार्वजनिक व निजी बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 7.00% से 7.10% के आसपास ब्याज दे रहे हैं, वहीं कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFBs) चुनिंदा अवधियों के लिए 8.25% से लेकर 8.50% तक का वार्षिक ब्याज ऑफर कर रहे हैं।
सीनियर सिटीजंस को 8.5% तक ब्याज देने वाले बैंकों की पूरी लिस्ट
स्मॉल फाइनेंस बैंकों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को दी जा रही उच्च ब्याज दरें आमतौर पर 2 से 3 साल (24 से 36 महीने) की विशेष अवधि के लिए उपलब्ध हैं:
| बैंक का नाम | लागू अवधि (Tenure) | सामान्य नागरिकों को ब्याज | सीनियर सिटीजंस को अधिकतम ब्याज |
| Shivalik Small Finance Bank | 23 महीने 1 दिन से 27 महीने | 8.00% | 8.50% |
| Equitas Small Finance Bank | 3 वर्ष 1 दिन (Maxima FD) | 8.00% | 8.50% |
| ESAF Small Finance Bank | 2 वर्ष से 3 वर्ष की अवधि | 7.75% | 8.25% - 8.50% |
| Suryoday Small Finance Bank | 30 महीने से 3 वर्ष | 7.75% | 8.25% - 8.50% |
| Jana Small Finance Bank | 2 वर्ष से 3 वर्ष (1095 दिन) | 7.80% | 8.30% |
| Unity Small Finance Bank | 501 दिन | 7.80% | 8.30% |
| Utkarsh Small Finance Bank | 666 दिन | 7.75% | 8.25% |
(नोट: बैंक अपनी ब्याज दरों में समय-समय पर संशोधन करते रहते हैं, इसलिए निवेश से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव दरें अवश्य जांचें।)
₹10 लाख के निवेश पर रिटर्न: SCSS बनाम 8.5% बैंक FD
यदि एक वरिष्ठ नागरिक ₹10,00,000 (10 लाख रुपये) का एकमुश्त निवेश करते हैं, तो दोनों विकल्पों में ब्याज और रिटर्न का स्वरूप इस प्रकार रहेगा:
| पैरामीटर / तुलना | सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) | 8.5% बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) |
| वर्तमान ब्याज दर | 8.20% प्रति वर्ष | 8.50% प्रति वर्ष |
| अवधि (Tenure) | 5 वर्ष (3 साल और बढ़ाने का विकल्प) | 2 से 3 वर्ष (स्पेशल टेन्योर) |
| ब्याज भुगतान का तरीका | हर तिमाही (Quarterly Payout) | मासिक, तिमाही या मैच्योरिटी पर (Cumulative) |
| वार्षिक ब्याज (साधारण दर पर) | ₹82,000 प्रति वर्ष | ₹85,000 प्रति वर्ष (तिमाही चक्रवृद्धि से अधिक) |
| तिमाही आय (Quarterly Income) | ₹20,500 हर 3 महीने पर | लगभग ₹21,250 हर 3 महीने पर |
| टैक्स लाभ (धारा 80C) | ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट (पुरानी कर व्यवस्था) | 5 वर्षीय टैक्स सेवर FD पर छूट, 2-3 साल वाली पर नहीं |
रिटर्न विश्लेषण:
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नियमित आय के लिए: यदि आप संचयी (कंपाउंडिंग) विकल्प चुनते हैं, तो 8.5% वाली 3 साल की बैंक FD में चक्रवृद्धि ब्याज के कारण ₹10 लाख पर 3 साल में कुल ब्याज लगभग ₹2,84,000 बनेगा। वहीं SCSS में हर तिमाही ₹20,500 का निश्चित भुगतान सीधे बैंक खाते में जमा होता है।
सुरक्षा, लिक्विडिटी और टैक्स: दोनों में से कौन बेहतर?
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सुरक्षा (Sovereign Guarantee vs DICGC Insurance):
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SCSS: यह केंद्र सरकार द्वारा समर्थित योजना है, इसलिए इसमें जमा ₹10 लाख का एक-एक पैसा 100% संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) के साथ पूरी तरह सुरक्षित है।
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स्मॉल फाइनेंस बैंक FD: ये बैंक भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेगुलेटेड हैं। हालांकि, आरबीआई के DICGC नियमों के तहत प्रति बैंक प्रति जमाकर्ता केवल ₹5 लाख तक (मूलधन + ब्याज मिलाकर) का ही बीमा कवर होता है। यदि आप किसी एक बैंक में ₹10 लाख डालते हैं, तो ₹5 लाख से ऊपर की राशि पर संस्थागत जोखिम हो सकता है।
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टैक्स नियम (TDS और छूट):
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दोनों ही माध्यमों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयकर की धारा 80TTB के तहत ₹50,000 तक का वार्षिक ब्याज कर-मुक्त होता है। इससे अधिक ब्याज पर टीडीएस (TDS) कटता है, जिसे फॉर्म 15H जमा कर टाला जा सकता है बशर्ते कुल आय कर योग्य सीमा से कम हो।
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एक्सपर्ट की सलाह: ₹10 लाख का सही आवंटन कैसे करें?
वित्तीय सलाहकारों (Financial Planners) के अनुसार, सारा पैसा एक ही जगह लगाने के बजाय जोखिम और लिक्विडिटी को संतुलित करना सबसे समझदारी भरा कदम है:
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₹5 लाख SCSS में डालें: 5 साल के लिए 8.2% की दर से सरकार-समर्थित सुरक्षित तिमाही पेंशन सुनिश्चित करें।
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₹5 लाख स्मॉल फाइनेंस बैंक FD में लगाएं: किसी शीर्ष SFB (जैसे शिवालिक, इक्विटास या उज्जीवन) में 2 से 3 साल के लिए 8.5% पर निवेश करें। इससे आपको 8.5% का ऊंचा रिटर्न भी मिलेगा और आपकी पूरी राशि ₹5 लाख की DICGC इंश्योरेंस लिमिट के भीतर 100% सुरक्षित भी रहेगी।