Post Office Schemes 2026-27: डाकघर की सभी बचत योजनाओं की नई ब्याज दरें, नियम और टैक्स छूट के बड़े फायदे; जानें पूरी जानकारी

Post Office Schemes 2026-27: डाकघर की सभी बचत योजनाओं की नई ब्याज दरें, नियम और टैक्स छूट के बड़े फायदे; जानें पूरी जानकारी

सुरक्षित और बिना किसी बाजार जोखिम के निश्चित रिटर्न चाहने वाले भारतीय निवेशकों के लिए डाकघर (India Post) की लघु बचत योजनाएं सबसे भरोसेमंद माध्यम मानी जाती हैं। केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा समर्थित होने के कारण इन योजनाओं में जमा पूंजी और मिलने वाले ब्याज पर 100% सॉवरेन गारंटी मिलती है। वर्ष 2026-27 के दौरान वरिष्ठ नागरिकों, बालिकाओं, नियमित बचत करने वाले वेतनभोगियों और मासिक पेंशन चाहने वाले रिटायर्ड कर्मियों के लिए डाकघर की विभिन्न योजनाएं आकर्षक ब्याज दरें प्रदान कर रही हैं। नीचे दी गई तालिका में डाकघर की सभी प्रमुख योजनाओं की ब्याज दरें, परिपक्वता अवधि और न्यूनतम निवेश सीमा का तुलनात्मक विवरण दिया गया है:

योजना का नाम (Scheme Name) वार्षिक ब्याज दर (Interest Rate) परिपक्वता अवधि (Tenure) न्यूनतम निवेश सीमा टैक्स लाभ (Tax Status)
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) 8.20% 21 वर्ष (15 वर्ष जमा) ₹250 सालाना EEE (पूर्णतः कर-मुक्त)
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) 8.20% 5 वर्ष ₹1,000 80C छूट, ब्याज कर-योग्य
राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) 7.70% 5 वर्ष ₹1,000 80C छूट
किसान विकास पत्र (KVP) 7.50% (115 महीने में दोगुना) 9 वर्ष 7 महीने ₹1,000 ब्याज कर-योग्य
5-वर्षीय टाइम डिपॉजिट (TD/FD) 7.50% 5 वर्ष ₹1,000 धारा 80C लागू
मंथली इनकम स्कीम (POMIS) 7.40% 5 वर्ष ₹1,000 ब्याज कर-योग्य
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) 7.10% 15 वर्ष ₹500 सालाना EEE (पूर्णतः कर-मुक्त)
5-वर्षीय रेकरिंग डिपॉजिट (RD) 6.70% 5 वर्ष ₹100 प्रति माह ब्याज कर-योग्य
डाकघर बचत खाता (Savings Account) 4.00% अनिश्चित ₹500 ₹10,000 तक ब्याज छूट

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): बेटियों के भविष्य के लिए सबसे अधिक ब्याज दर

सुकन्या समृद्धि योजना बालिकाओं की उच्च शिक्षा और विवाह के लिए एक समर्पित बचत योजना है, जिस पर वर्तमान में सबसे अधिक 8.20% की वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज दर दी जा रही है। 10 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के नाम उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा यह खाता खोला जा सकता है। इसमें एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। खाता खुलने की तारीख से 15 साल तक पैसा जमा करना होता है और 21 साल पूरे होने पर खाता परिपक्व हो जाता है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका 'EEE' स्टेटस है, यानी निवेश राशि पर धारा 80C के तहत छूट, सालाना अर्जित ब्याज और परिपक्वता पर मिलने वाली पूरी रकम शत-प्रतिशत टैक्स-फ्री होती है।

सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS): 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए वरदान

सेवानिवृत्त कर्मचारियों और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह योजना नियमित आय का प्रमुख जरिया है। इसमें भी 8.20% की आकर्षक वार्षिक ब्याज दर मिल रही है, जिसका भुगतान हर तीन महीने में (त्रैमासिक आधार पर) किया जाता है। इस योजना में एक व्यक्ति अधिकतम ₹30 लाख तक जमा कर सकता है। इसकी परिपक्वता अवधि 5 वर्ष है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर 3-3 वर्ष के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। इसमें किए गए निवेश पर धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की कर कटौती का लाभ मिलता है।

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) और राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC)

लंबी अवधि के लिए सुरक्षित और गारंटीड वेल्थ क्रिएशन हेतु पीपीएफ (PPF) सबसे लोकप्रिय खाता है। 15 साल की लॉक-इन अवधि वाले इस खाते में 7.10% वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज दिया जा रहा है। इसमें न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख सालाना जमा किया जा सकता है। PPF भी पूरी तरह EEE टैक्स छूट के दायरे में आता है। वहीं, 5 साल की अवधि वाले नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) पर 7.70% का वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। एनएससी में न्यूनतम ₹1,000 से निवेश शुरू किया जा सकता है और अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। इसमें जमा राशि पर भी धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है।

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) और किसान विकास पत्र (KVP)

डाकघर की मंथली इनकम स्कीम (POMIS) उन लोगों के लिए सर्वोत्तम है जो अपने एकमुश्त पैसे पर हर महीने बंधी-बंधाई आय चाहते हैं। 5 साल की अवधि वाली इस योजना में 7.40% वार्षिक दर से हर महीने ब्याज निवेशक के खाते में जमा होता है। इसमें सिंगल अकाउंट में अधिकतम ₹9 लाख और जॉइंट अकाउंट में अधिकतम ₹15 लाख जमा किए जा सकते हैं। दूसरी ओर, किसान विकास पत्र (KVP) एक ऐसी योजना है जो पूंजी को सीधे दोगुना करने की गारंटी देती है। 7.50% की ब्याज दर के साथ इसमें जमा किया गया पैसा ठीक 115 महीनों (9 वर्ष और 7 महीने) में दोगुना हो जाता है। इसमें 30 महीनों का लॉक-इन पीरियड रहता है, जिसके बाद समय-पूर्व निकासी संभव होती है।

टाइम डिपॉजिट (TD/FD) और 5-वर्षीय रेकरिंग डिपॉजिट (RD)

बैंक एफडी की तरह ही डाकघर में 1 वर्ष, 2 वर्ष, 3 वर्ष और 5 वर्ष की अवधि के लिए टाइम डिपॉजिट (TD) खाते उपलब्ध हैं। 1 वर्ष के लिए 6.90%, 2 वर्ष के लिए 7.00%, 3 वर्ष के लिए 7.10% और 5 वर्ष के लिए 7.50% की ब्याज दर देय है। केवल 5 साल वाले टाइम डिपॉजिट पर धारा 80C का टैक्स लाभ मिलता है। वहीं, हर महीने छोटी-छोटी बचत करने वाले कामगारों के लिए 5-वर्षीय रेकरिंग डिपॉजिट (RD) खाता उपलब्ध है, जिस पर 6.70% की तिमाही चक्रवृद्धि ब्याज दर लागू है। आरडी खाते को मात्र ₹100 प्रति माह से शुरू किया जा सकता है और 1 वर्ष लगातार चलाने के बाद 50% तक लोन लेने की सुविधा भी मिलती है।

डाकघर योजनाओं में खाता खोलने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज

डाकघर की किसी भी लघु बचत योजना में खाता खोलने के लिए प्रक्रिया बेहद सरल है। आवेदक अपने नजदीकी डाकघर में जाकर संबंधित योजना का फॉर्म-1 प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन के साथ पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र या अन्य वैध सरकारी पहचान दस्तावेज की प्रति संलग्न करनी होती है। साथ ही पैन कार्ड, दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो और खाते में नॉमिनी का विवरण दर्ज करना अनिवार्य है। वर्तमान में अधिकांश डाकघर कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (CBS) से जुड़े हैं, जिससे निवेशक इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) मोबाइल बैंकिंग के जरिए भी घर बैठे अपने खातों में राशि ट्रांसफर और बैलेंस चेक कर सकते हैं।