Postal Department Bonus 2026: डाक विभाग के लाखों कर्मचारियों और GDS की बल्ले-बल्ले, FY 2025-26 के लिए 60 दिन के बोनस का आदेश जारी
दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले केंद्र सरकार के डाक विभाग (Department of Posts) के लाखों कर्मचारियों और ग्रामीण डाक सेवकों (Gramin Dak Sevaks - GDS) के लिए बहुप्रतीक्षित खुशखबरी सामने आ गई है। संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने पात्र कर्मचारियों को 60 दिनों के परिलब्धियों (Emoluments) के बराबर 'उत्पादकता से जुड़ा बोनस' (Productivity Linked Bonus - PLB) देने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (Department of Expenditure) से अंतिम वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद डाक विभाग के कार्मिक अनुभाग (PAP Section) ने आदेश संख्या PP-26/1/2020-PAP के तहत यह अधिसूचना प्रभावी कर दी है।
इस घोषणा से डाक विभाग में कार्यरत एमटीएस (MTS), पोस्टमैन, मेल गार्ड, ग्रुप 'सी' (Group C) और गैर-राजपत्रित ग्रुप 'बी' (Non-Gazetted Group B) के नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ देश भर के कोने-कोने में डाक सेवाएं देने वाले 2.5 लाख से अधिक ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) और पूर्णकालिक कैजुअल लेबरर्स में खुशी की लहर दौड़ गई है। त्योहारों के मौसम में मिलने वाली इस एकमुश्त प्रोत्साहन राशि से कर्मचारियों को त्योहार की खरीदारी और घरेलू बजट को संतुलित करने में सीधा संबल मिलेगा। आइए समझते हैं कि इस 60 दिन के बोनस की गणना का आधिकारिक गणित क्या है, अधिकतम कितना पैसा खाते में आएगा और किन कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।
किन कर्मचारियों को मिलेगा 60 दिन का बोनस: पात्रता की 3 प्रमुख श्रेणियां
डाक विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस 60-दिवसीय उत्पादकता आधारित बोनस को मुख्य रूप से तीन व्यापक श्रेणियों में बांटा गया है:
-
नियमित विभागीय कर्मचारी (Regular Departmental Staff): इसमें मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS), पोस्टल असिस्टेंट (PA), सॉर्टिंग असिस्टेंट (SA), मेल गार्ड और सभी गैर-राजपत्रित ग्रुप 'बी' व ग्रुप 'सी' के नियमित कर्मचारी शामिल हैं।
-
ग्रामीण डाक सेवक (GDS): पूरे देश में नियमित रूप से कार्यरत ग्रामीण डाक सेवकों को नियमों के अनुरूप अनुग्रह बोनस (Ex-gratia Bonus) प्रदान किया जाएगा।
-
कैजुअल लेबरर्स (Casual Labourers): डाक विभाग में कार्यरत पूर्णकालिक कैजुअल लेबरर्स और अस्थायी दर्जा प्राप्त (Temporary Status) आकस्मिक श्रमिकों को निर्धारित सेवा शर्तों के अधीन तदर्थ बोनस (Ad-hoc Bonus) का भुगतान किया जाएगा।
इसके साथ ही आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जो कर्मचारी 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के दौरान सेवानिवृत्त (Retired) हुए हैं, जिन्होंने इस्तीफा दिया है या जो विभाग के भीतर अथवा बाहर प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर गए थे, वे भी अपनी सक्रिय सेवा अवधि के अनुपात में इस बोनस के पूर्ण हकदार होंगे।
बोनस गणना का आधिकारिक फॉर्मूला और ₹7,000 की सीलिंग लिमिट
डाक विभाग में बोनस की गणना वास्तविक कुल वेतन के आधार पर नहीं होती, बल्कि इसके लिए वित्त मंत्रालय द्वारा एक वैधानिक काल्पनिक वेतन सीमा (Calculation Ceiling) निर्धारित की जाती है। वर्ष 2025-26 के इस आदेश के तहत गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा ₹7,000 प्रति माह तय की गई है।
नियमित कर्मचारियों के लिए बोनस निकालने का आधिकारिक फॉर्मूला इस प्रकार है:
$$\text{PLB Bonus} = \frac{\text{औसत मासिक परिलब्धियां (अधिकतम ₹7,000)} \times \text{बोनस के कुल दिन (60)}}{30.4 \text{ (महीने के औसत दिन)}}$$
यहां फॉर्मूले में प्रयुक्त 30.4 वर्ष के 365 दिनों को 12 महीनों से विभाजित करने पर आने वाले एक महीने के औसत दिनों की संख्या को दर्शाता है ($365 / 12 = 30.416$)।
खाते में कितना पैसा आएगा (Indicative Amount):
यदि किसी कर्मचारी का मासिक वेतन (बेसिक पे + डीए) ₹7,000 से अधिक है (जो कि आज सभी नियमित कर्मचारियों का होता ही है), तो उसके लिए अधिकतम ₹7,000 की लिमिट ही लागू होगी।
$$\text{बोनस राशि} = \frac{₹7,000 \times 60}{30.4} = ₹13,815.789$$
सरकारी नियमों के अनुसार निकटतम रुपये में राउंड-ऑफ करने के बाद प्रत्येक पात्र नियमित डाक कर्मचारी को अधिकतम ₹13,816 की बोनस राशि देय होगी।
ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) और कैजुअल श्रमिकों के लिए क्या हैं नियम?
ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) के लिए भी बोनस गणना का यही अनुपात लागू किया गया है। GDS को मिलने वाले टाइम-रिलेटेड कंटीन्यूटी अलाउंस (TRCA) और महंगाई भत्ते (DA) को मिलाकर यदि मासिक राशि ₹7,000 से अधिक बैठती है, तो उनकी गणना भी अधिकतम ₹7,000 की सीलिंग पर ही आधारित होगी। यदि किसी डाक सेवक ने पूरे 12 महीने सेवा दी है, तो उसे भी ₹13,816 का एक्स-ग्रेशिया बोनस मिलेगा। वर्ष के दौरान नई नियुक्ति पाने वाले या सेवा में व्यवधान झेलने वाले सेवकों को आनुपातिक (Proportionate) राशि दी जाएगी।
वहीं पूर्णकालिक कैजुअल लेबरर्स के मामले में ₹1,200 की काल्पनिक मासिक मजदूरी दर (Notional Monthly Wage) को आधार मानकर प्रति दिन की दर निकाली जाती है और पूरे वर्ष में उनके द्वारा किए गए वास्तविक कार्य दिवसों के अनुसार उनके खाते में बोनस की राशि हस्तांतरित की जाती है।
कर्मचारी श्रेणियों के अनुसार बोनस और पात्रता की तुलना
| कर्मचारी श्रेणी | पात्रता का आधार | गणना हेतु मासिक सीलिंग | मिलने वाले दिनों की संख्या | अधिकतम देय बोनस (लगभग) |
| नियमित ग्रुप C व MTS | 2025-26 में निरंतर सेवा | ₹7,000 | 60 दिन | ₹13,816 |
| गैर-राजपत्रित ग्रुप B | पर्यवेक्षी व तकनीकी स्टाफ | ₹7,000 | 60 दिन | ₹13,816 |
| ग्रामीण डाक सेवक (GDS) | TRCA + DA आधार | ₹7,000 | 60 दिन | ₹13,816 (अनुग्रह बोनस) |
| कैजुअल लेबरर्स (फुल टाइम) | कार्य दिवसों के आधार पर | ₹1,200 (काल्पनिक बेस) | कार्य दिवस अनुपात | सेवा दिवसों के अनुसार |
कब तक खातों में ट्रांसफर होगा पैसा?
डाक विभाग के आधिकारिक आदेश में सभी जोनल हेड्स, चीफ पोस्टमास्टर जनरल (CPMG) और वित्तीय सलाहकारों को तत्काल बिल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह खर्च चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के स्वीकृत बजटीय अनुदान से वहन किया जाएगा। रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का पीएलबी बोनस मिलने के बाद डाक कर्मचारी भी इस 60-दिवसीय आदेश का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। विभाग की पूरी तैयारी है कि दिवाली से पूर्व सभी कर्मचारियों और ग्रामीण डाक सेवकों के वेतन खातों में इस बोनस राशि का सीधा इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर (NEFT/PFMS के जरिए) पूरा कर दिया जाए, जिससे डाक परिवार हर्षोल्लास के साथ दीपोत्सव मना सके।