PM YASASVI Scholarship 2026-27: 9वीं से 12वीं के छात्रों को सालाना ₹1.25 लाख तक स्कॉलरशिप, जानिए पात्रता और आवेदन
केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice and Empowerment) द्वारा संचालित 'पीएम यशस्वी' (PM Young Achievers Scholarship Award Scheme for Vibrant India - YASASVI) योजना आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से पिछड़े तबके के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा का बड़ा संबल बनकर उभरी है। अक्सर देखा जाता है कि प्रतिभाशाली बच्चे पारिवारिक तंगी, महंगी स्कूल फीस और हॉस्टल खर्च न उठा पाने के कारण बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए सरकार कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों की पूरी स्कूली शिक्षा का खर्च वहन कर रही है। इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC) और गैर-अधिसूचित, खानाबदोश व अर्ध-खानाबदोश जनजातियों (DNT) के छात्रों को देश के प्रतिष्ठित और सूचीबद्ध शीर्ष स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना है।इस योजना के अंतर्गत 'टॉप क्लास स्कूल एजुकेशन' घटक के तहत चयनित विद्यार्थियों को सालाना ₹75,000 से लेकर ₹1,25,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि छात्र की ट्यूशन फीस, हॉस्टल चार्ज, किताबों और अन्य शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने के लिए सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए हस्तांतरित की जाती है। इस योजना के जरिए केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रतिभा संसाधनों की कमी के आगे कभी न झुके।
कक्षा अनुसार छात्रवृत्ति राशि: 9वीं से 12वीं के छात्रों को कितना मिलेगा फंड?
पीएम यशस्वी योजना के तहत छात्रवृत्ति राशि को दो अलग-अलग वर्गों में वर्गीकृत किया गया है ताकि स्कूली शिक्षा के विभिन्न स्तरों की वित्तीय जरूरतों को पूरा किया जा सके:
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कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए: इन कक्षाओं में पढ़ने वाले योग्य छात्र-छात्राओं को प्रति वर्ष अधिकतम ₹75,000 तक की स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है। इसमें स्कूल की वार्षिक ट्यूशन फीस और गैर-वापसी योग्य अनिवार्य शैक्षणिक शुल्क शामिल होते हैं।
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कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए: सीनियर सेकेंडरी स्तर पर पढ़ाई का खर्च बढ़ने के मद्देनजर कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्रति वर्ष अधिकतम ₹1,25,000 तक की सहायता राशि आवंटित की जाती है। इस राशि से छात्र अपनी लैबोरेट्री फीस, हॉस्टल खर्च और बोर्ड परीक्षा की तैयारी से जुड़ी जरूरी अध्ययन सामग्री का खर्च आसानी से निकाल सकते हैं। यह पूरी धनराशि किसी बिचौलिए या स्कूल प्रशासन के माध्यम से न जाकर सीधे विद्यार्थी या उनके अभिभावक के बैंक खाते में वार्षिक किस्तों में भेजी जाती है।
पात्रता और शर्तें: कौन-कौन से छात्र कर सकते हैं आवेदन?
इस छात्रवृत्ति का लाभ उठाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए पात्रता मानकों को पूरा करना अनिवार्य होता है:
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श्रेणीगत पात्रता: आवेदक छात्र का संबंध अनिवार्य रूप से ओबीसी (OBC), ईबीसी (EBC) अथवा डीएनटी/एनटी (DNT/SNT) श्रेणी से होना चाहिए और उनके पास सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध जाति प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
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पारिवारिक आय सीमा: छात्र के माता-पिता अथवा अभिभावक की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹2.50 लाख (दो लाख पचास हजार रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष का आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना जरूरी है।
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स्कूल नामांकन: छात्र को केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित 'टॉप क्लास एम्पैनल्ड स्कूल्स' (Notified Top Class Schools) में कक्षा 9वीं या 11वीं में नियमित पूर्णकालिक छात्र के रूप में अध्ययनरत होना चाहिए।
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शैक्षणिक रिकॉर्ड: छात्र ने अपनी पिछली कक्षा (जैसे 9वीं में प्रवेश के लिए कक्षा 8वीं और 11वीं में प्रवेश के लिए कक्षा 10वीं) में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों।
प्रवेश परीक्षा (YET) की बाध्यता खत्म: जानिए अब कैसे होता है चयन?
पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा इस योजना के लिए एक अलग राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा (YASASVI Entrance Test - YET) आयोजित की जाती थी, जिससे दूरदराज के ग्रामीण छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक जाने और फॉर्म भरने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सरकार ने छात्रों के हित में बड़ा नीतिगत सुधार करते हुए इस अलग प्रवेश परीक्षा को समाप्त कर दिया है। अब चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और मेरिट-आधारित कर दी गई है।वर्तमान चयन प्रणाली के अनुसार, नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर प्राप्त आवेदनों में से छात्रों की पिछली कक्षा के अंतिम वार्षिक परीक्षा अंकों के आधार पर राज्यवार मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। इस मेरिट सूची में छात्र-छात्राओं के लिए निर्धारित कोटे और लैंगिक अनुपात का ध्यान रखा जाता है, जिसमें कुल सीटों का 30 प्रतिशत हिस्सा मेधावी छात्राओं के लिए आरक्षित रखा गया है। मेरिट में स्थान पाने वाले छात्रों का स्कूल और जिला नोडल अधिकारी स्तर पर सत्यापन होने के बाद स्कॉलरशिप स्वीकृत कर दी जाती है।
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर ऑनलाइन आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
पीएम यशस्वी योजना के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित होती है। छात्र नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं:
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वन टाइम रजिस्ट्रेशन (NSP OTR): सबसे पहले केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल scholarships.gov.in पर जाएं। यदि आपने पहले रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, तो 'New OTR Registration' पर क्लिक करके अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और पहचान सत्यापन के जरिए एक यूनीक वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) आईडी जनरेट करें।
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लॉगिन और स्कीम चयन: अपनी OTR आईडी और पासवर्ड की मदद से पोर्टल पर लॉगिन करें। डैशबोर्ड में जाकर 'PM YASASVI Central Sector Scheme of Top Class Education in Schools for OBC, EBC and DNT Students' विकल्प का चयन करें।
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फॉर्म में विवरण भरें: आवेदन पत्र में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, पिछली कक्षा के प्राप्तांक, रोल नंबर, माता-पिता की आय और बैंक खाते का पूरा विवरण दर्ज करें।
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दस्तावेज अपलोड करें: निर्धारित फॉर्मेट में जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पिछली कक्षा की अंकतालिका, स्कूल बोनाफाइड सर्टिफिकेट और फोटो की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
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फाइनल सबमिशन व ट्रैकिंग: भरे हुए विवरणों की दोबारा जांच करें और 'Final Submit' बटन दबाएं। फॉर्म सबमिट होने के बाद जनरेट होने वाली एप्लीकेशन रिसीट का प्रिंटआउट निकालें और उसकी एक प्रति अपने स्कूल के नोडल अधिकारी के पास सत्यापन के लिए जमा करा दें ताकि समय पर वेरिफिकेशन पूरा हो सके।