फंड ट्रांसफर करना है? और IFSC Code भूल गए? कैसे मिलेगा? एक दो नहीं.. पूरे 7 तरीके हैं, जो चाहे कर लें इस्तेमाल

फंड ट्रांसफर करना है? और IFSC Code भूल गए? कैसे मिलेगा? एक दो नहीं.. पूरे 7 तरीके हैं, जो चाहे कर लें इस्तेमाल

किसी को भी एनईएफटी (NEFT), आरटीजीएस (RTGS) या आईएमपीएस (IMPS) के जरिए पैसा भेजते समय बैंक खाता नंबर के साथ 11 अंकों का आईएफएससी (IFSC) कोड दर्ज करना अनिवार्य होता है. सही जानकारी न होने की वजह से कई बार लोग सिर्फ अकाउंट नंबर देखकर परेशान हो जाते हैं.

बहुत से लोग यह नहीं जानते कि अकेले बैंक खाता संख्या से कभी भी आईएफएससी कोड नहीं बनता है, क्योंकि खाता नंबर ग्राहक की पहचान होता है, जबकि आईएफएससी बैंक की शाखा की पहचान कराता है. किसी भी बैंक का सही कोड खोजने के लिए आपको बैंक का नाम और उसकी शाखा का शहर पता होना जरूरी है. इन बुनियादी जानकारियों के साथ 7 बहुत ही आसान और भरोसेमंद तरीके हैं, जिनकी मदद से केवल 1 मिनट के भीतर सही कोड हासिल किया जा सकता है.

क्या होता है IFSC कोड और इसका 11 अंकों का ढांचा कैसे बनता है?

आईएफएससी का पूरा नाम 'इंडियन फाइनेंशियल सिस्टम कोड' (Indian Financial System Code) है. यह 11 अक्षरों और अंकों से मिलकर बना एक यूनिक कोड होता है, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर में शामिल हर बैंक शाखा को आवंटित किया जाता है. यह कोड यह तय करता है कि आपका भेजा हुआ पैसा बिना किसी गलती के सीधे सही बैंक और सही ब्रांच के खाते में पहुंचे.

इस 11 अंकों के कोड की बनावट को समझना बहुत आसान है:

पहले 4 अक्षर: यह अंग्रेजी के अक्षर होते हैं जो सीधे बैंक के नाम को दिखाते हैं.

पांचवां अंक: यह हमेशा शून्य (0) होता है, जिसे भविष्य के तकनीकी उपयोग के लिए सुरक्षित रखा गया है.

आखिरी 6 अंक या अक्षर: यह संख्या उस बैंक की खास शाखा (लोकेशन) की पहचान कराती है.

अगर किसी बैंक की देश भर में हजारों शाखाएं हैं, तो उन सभी के पहले चार अक्षर एक जैसे होंगे, लेकिन अंतिम 6 अंक हर शाखा के लिए बिल्कुल अलग-अलग होंगे.

IFSC और MICR कोड में क्या है बुनियादी अंतर?

अक्सर लोग चेक बुक पर लिखे आईएफएससी और एमआईसीआर (MICR) कोड को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों का काम पूरी तरह अलग होता है:

आईएफएससी कोड (11 कैरेक्टर): इसका उपयोग ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल ऐप, एनईएफटी, आरटीजीएस, आईएमपीएस, म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस पेमेंट में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर के लिए होता है.

एमआईसीआर कोड (9 अंक): मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकॉग्निशन एक 9 अंकों का कोड होता है, जो चेक के सबसे नीचे विशेष चुंबकीय स्याही से छपा होता है. इसका इस्तेमाल केवल बैंकों में जमा होने वाले कागजी चेकों की तेज और सटीक क्लीयरेंस के लिए किया जाता है.

IFSC निकालने के 7 आसान से तरीके

1. बैंक पासबुक या अकाउंट स्टेटमेंट का पहला पन्ना देखें

यह अपनी शाखा का आईएफएससी कोड पता करने का सबसे पुराना और सबसे आसान तरीका है. बैंक की तरफ से जारी की जाने वाली प्रिंटेड पासबुक के पहले पन्ने पर खाताधारक के नाम और खाते के साथ ब्रांच का पूरा पता और 11 अंकों का कोड साफ अक्षरों में लिखा होता है. अगर आप ई-स्टेटमेंट का उपयोग करते हैं, तो ईमेल पर आने वाले पीडीएफ स्टेटमेंट के सबसे ऊपरी हिस्से में भी यह जानकारी दर्ज होती है.

2. अपनी चेक बुक के पन्ने (Cheque Leaf) की जांच करें

अगर आपके पास चेक बुक मौजूद है, तो आपको कही जाने की जरूरत नहीं है. हर चेक के पन्ने पर सबसे ऊपर बाएं कोने में बैंक के नाम और शाखा के पते के ठीक पास 11 अंकों का आईएफएससी कोड छपा होता है. चेक बुक हमेशा संबंधित होम ब्रांच की तरफ से ही जारी होती है, इसलिए उस पर लिखा कोड आपके खाते के लिए पूरी तरह सही और मान्य होता है.

3. नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग ऐप का उपयोग

अगर आपके पास पासबुक या चेक बुक नहीं है, तो अपने स्मार्टफोन में मौजूद बैंक की आधिकारिक मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल पर लॉगिन करें. वहां 'अकाउंट समरी', 'माई प्रोफाइल' या 'अकाउंट डिटेल्स' वाले सेक्शन में जाएं. वहां आपके खाते के बैलेंस के साथ आपकी होम ब्रांच का नाम और 11 अंकों का कोड स्क्रीन पर दिख जाएगा.

4. बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर ब्रांच लोकेटर टूल

देश के सभी सरकारी और निजी बैंकों की आधिकारिक वेबसाइट पर 'ब्रांच लोकेटर' या 'आईएफएससी फाइंडर' का विकल्प उपलब्ध रहता है.

  • बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के होमपेज पर जाएं.
  • अपना राज्य, जिला, शहर और शाखा का इलाका चुनें.
  • सर्च पर क्लिक करते ही उस शाखा का पूरा पता, पिन कोड और सही आईएफएससी कोड आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा.

5. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आधिकारिक पोर्टल से खोजें

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया देश के सभी कमर्शियल और ग्रामीण बैंकों के कोड का आधिकारिक डेटाबेस रखता है.

  • आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध 'IFSC/MICR Directory' पेज पर जाएं.
  • वहां ड्रॉप-डाउन मेन्यू से अपने बैंक का नाम चुनें और अपनी शाखा का नाम टाइप करें.
  • यह सरकारी पोर्टल आपको तुरंत प्रमाणित और पूरी तरह सुरक्षित कोड की सूची दिखा देगा.

6. बैंक की अधिकृत एसएमएस (SMS) बैंकिंग सेवा

कई बैंक अपने खाताधारकों को साधारण टेक्स्ट मैसेज के जरिए भी शाखा की जानकारी देते हैं. इसके लिए बैंक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से एक निर्धारित फॉर्मेट में एसएमएस भेजना होता है. बैंक का सिस्टम आपके रजिस्टर्ड नंबर की पुष्टि करके कुछ ही सेकंड में जवाबी मैसेज में आपकी ब्रांच का नाम और कोड भेज देता है.

7. बैंक कस्टमर केयर पर कॉल करें या होम ब्रांच जाएं

अगर डिजिटल माध्यम काम न कर रहे हों, तो अपने बैंक के आधिकारिक टोल-फ्री कस्टमर केयर नंबर पर फोन मिलाएं. आईवीआर मेन्यू में अपनी भाषा चुनकर कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव से बात करें. आपसे सुरक्षा के तौर पर नाम, जन्मतिथि और खाते से जुड़े बुनियादी सवाल पूछे जाएंगे, जिसके बाद वे आपको सही कोड बता देंगे. इसके अलावा आप नजदीकी शाखा में जाकर हेल्पडेस्क से भी यह जानकारी ले सकते हैं.

 

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