चेकबुक गुम हो गई है? तो फ्रॉड से बचने के लिए तुरंत करें ये काम, वरना मिनटों में खाली हो जाएगा बैंक खाता!
डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई के दौर में भी चेकबुक आज वित्तीय लेन-देन, भारी भुगतानों और आधिकारिक सिक्योरिटी के लिए सबसे अहम बैंकिंग दस्तावेजों में से एक है। लेकिन यदि आपकी चेकबुक या उसमें से साइन किया हुआ या खाली चेक खो जाए अथवा चोरी हो जाए, तो यह आपके बैंक खाते के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकता है। जालसाज चेक पर फर्जी हस्ताक्षर (Signature Forgery), रकम में छेड़छाड़ (Cheque Alteration) या चेक क्लोनिंग के जरिए आपके खाते से मिनटों में लाखों रुपये उड़ा सकते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल कुछ जरूरी कानूनी और बैंकिंग कदम उठाना बेहद अनिवार्य है ताकि आपकी मेहनत की कमाई पूरी तरह सुरक्षित रहे।
1. नेटबैंकिंग या मोबाइल ऐप से तुरंत लगाएं 'Stop Payment'
चेकबुक गुम होने का पता चलते ही सबसे पहला और सबसे तेज कदम यह होना चाहिए कि आप उन सभी चेक नंबरों पर तुरंत भुगतान रोक (Stop Payment) दें। इसके लिए बैंक ब्रांच जाने का इंतजार करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है:
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मोबाइल बैंकिंग/नेटबैंकिंग लॉग इन करें: अपने बैंक के आधिकारिक ऐप (जैसे SBI YONO, HDFC MobileBanking, ICICI iMobile आदि) पर जाएं।
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सर्विस रिक्वेस्ट में जाएं: 'Cheque Services' या 'Service Request' विकल्प को चुनें।
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स्टॉप चेक विकल्प चुनें: 'Stop Cheque Payment' पर क्लिक करें।
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चेक नंबर की रेंज दर्ज करें: यदि पूरी चेकबुक गुम हुई है, तो पहले चेक नंबर से लेकर आखिरी चेक नंबर (Cheque Series) तक की पूरी रेंज दर्ज करें और 'Confirm' करें। ऐसा करते ही सिस्टम में वे सभी चेक तुरंत ब्लॉक हो जाएंगे और कोई भी उन्हें भुना नहीं पाएगा।
2. बैंक के टोल-फ्री कस्टमर केयर और होम ब्रांच को करें सूचित
यदि आपके पास इंटरनेट बैंकिंग का एक्सेस नहीं है, तो तत्काल अपने बैंक के 24x7 आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करें।
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कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव को अपनी पहचान सत्यापित कराने के बाद अपनी पूरी चेकबुक या संबंधित चेक लीव्स पर 'Stop Payment' लगाने का मौखिक अनुरोध दर्ज कराएं।
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इसके तुरंत बाद अपनी होम ब्रांच के मैनेजर को एक औपचारिक ईमेल भेजें या लिखित पत्र (Written Application) सौंपें। इस पत्र में खाता संख्या, चेक नंबरों की श्रृंखला और गुम होने का समय स्पष्ट रूप से लिखें। ब्रांच से इस पत्र की रिसीविंग (Acknowledgement Copy) अपने पास सुरक्षित जरूर रखें।
3. पुलिस में दर्ज कराएं गुमशुदगी की रिपोर्ट (NCR / FIR)
चेकबुक खोने के मामले में कानूनी सुरक्षा हासिल करने के लिए पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराना सबसे अहम कदम है।
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आप अपने राज्य के पुलिस पोर्टल पर जाकर घर बैठे ऑनलाइन 'खोई हुई वस्तु की रिपोर्ट' (Non-Cognizable Report - NCR) दर्ज कर सकते हैं।
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यदि चेकबुक चोरी हुई है या उस पर पहले से आपके हस्ताक्षर थे, तो नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराएं।
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महत्व: भविष्य में यदि कोई धोखेबाज उस चेक को बैंक में लगाकर बाउंस करवा देता है और आपके खिलाफ 'चेक बाउंस' (धारा 138 - Negotiable Instruments Act) का झूठा कानूनी नोटिस भेजता है, तो यह पुलिस कंप्लेंट आपके लिए कोर्ट में सबसे मजबूत कानूनी ढाल बनेगी।
4. पॉजिटिव पे सिस्टम (Positive Pay System - PPS) को तुरंत करें एक्टिव
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा लागू किया गया 'पॉजिटिव पे सिस्टम' बड़े चेक फ्रॉड को रोकने का सबसे अचूक हथियार है।
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इस नियम के तहत ₹50,000 या ₹5,00,000 से अधिक के चेक को क्लियर करने के लिए खाताधारक को पहले से बैंक को चेक नंबर, जारी करने की तारीख, लाभार्थी (Payee) का नाम और सटीक रकम की जानकारी ऐप या एसएमएस से देनी होती है।
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यदि कोई जालसाज आपके चेक पर रकम बदलकर बैंक में पेश भी करेगा, तो बैंक के सिस्टम में दर्ज पॉजिटिव पे विवरण से मेल न खाने के कारण चेक तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
5. बैंक स्टेटमेंट पर रखें पैनी नजर और नई चेकबुक के लिए करें अप्लाई
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चेकबुक गुम होने के बाद अगले कुछ हफ्तों तक अपने बैंक खाते के लेन-देन (Mini Statement / SMS Alerts) पर लगातार नजर रखें।
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यदि खाते से कोई भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखाई दे, तो बिना देर किए बैंक को 'Unauthorized Transaction' की शिकायत दर्ज कराएं।
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पुराने चेक पूरी तरह ब्लॉक कराने के बाद आप अपने बैंक से एक नई चेकबुक जारी करने का अनुरोध दर्ज कर सकते हैं।