लैपटॉप हो गया है बेहद स्लो और अटक-अटक कर चल रहा है? बिना ₹1 खर्च किए घर बैठे अपनाएं ये आसान सेटिंग्स और बनाएं उसे रॉकेट जैसा तेज
टेक डेस्क ग्राउंड रिपोर्ट: क्यों वक्त के साथ सुस्त पड़ने लगता है आपका लैपटॉप? वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन पढ़ाई या ऑफिस के जरूरी काम के दौरान जब लैपटॉप अचानक हैंग होने लगे या लोडिंग का चक्का घूमने लगे, तो काम का सारा फ्लो बिगड़ जाता है। कई लोग लैपटॉप के सुस्त होते ही यह मान लेते हैं कि सिस्टम पुराना हो गया है और तुरंत रैम (RAM) या एसएसडी (SSD) अपग्रेड करने के लिए सर्विस सेंटर की दौड़ लगाने लगते हैं। जमीनी हकीकत यह है कि ज्यादातर मामलों में हार्डवेयर खराब नहीं होता, बल्कि ऑपरेटिंग सिस्टम में जमा होने वाली डिजिटल गंदगी, बैकग्राउंड में चुपचाप चलने वाले अनचाहे ऐप्स और गलत सिस्टम सेटिंग्स इसके धीमेपन की असली वजह होती हैं। अगर आप सही तरीके से विंडोज की इनबिल्ट सेटिंग्स को कस्टमाइज कर लें, तो बिना एक भी रुपया खर्च किए आपका पुराना लैपटॉप भी नए जैसा स्मूथ और तेज चलने लगेगा।
स्टार्टअप ऐप्स की मनमानी रोकें: बूट होते ही रैम को करें आजाद जैसे ही आप लैपटॉप का पावर बटन दबाते हैं, विंडोज के साथ-साथ दर्जनों ऐसे सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड में एक्टिव हो जाते हैं जिनकी आपको उस वक्त कतई जरूरत नहीं होती। स्पॉटिफाई, स्काइप, स्टीम, एडोब अपडेटर और कई थर्ड-पार्टी क्लाउड ड्राइव्स सिस्टम के चालू होते ही बैकग्राउंड में रैम और सीपीयू को घेर लेते हैं। इसे ठीक करने के लिए सबसे पहले कीबोर्ड पर Ctrl + Shift + Esc एक साथ दबाकर टास्क मैनेजर खोलें। इसके बाद ऊपर दिए गए 'Startup Apps' टैब पर जाएं। यहां आपको वे सभी ऐप्स दिखेंगे जो सिस्टम ऑन होते ही शुरू हो जाते हैं। जिन ऐप्स की तुरंत जरूरत नहीं होती, उन पर राइट-क्लिक करें और 'Disable' चुन लें। इससे लैपटॉप का बूट टाइम आधा हो जाएगा और सिस्टम पर लोड खत्म होगा।
सिस्टम की डिजिटल सफाई: कैशे और टेम्परेरी फाइल्स का करें पूरी तरह सफाया हफ्तों और महीनों के इंटरनेट ब्राउजिंग और सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से विंडोज में हजारों अस्थाई (Temporary) फाइलें जमा हो जाती हैं, जो हार्ड ड्राइव की इंडेक्सिंग और रीड-राइट स्पीड को सुस्त कर देती हैं। इन फाइलों को डिलीट करने के लिए आसान शॉर्टकट अपनाएं। कीबोर्ड पर Windows + R दबाकर रन बॉक्स खोलें, उसमें temp टाइप करें और एंटर दबाएं। खुलने वाले फोल्डर की सभी फाइलों को Ctrl + A से सेलेक्ट करके डिलीट कर दें। इसी प्रक्रिया को दोबारा दोहराएं और रन बॉक्स में %temp% लिखकर एंटर करें तथा वहां मौजूद सभी जंक फाइल्स को हटा दें। अंत में रन बॉक्स में prefetch टाइप करके खुलने वाले फोल्डर की फाइलों को भी साफ कर दें। जो फाइलें उस समय बैकग्राउंड में चल रही हों और डिलीट न हों, उन्हें 'Skip' कर दें।
स्टोरेज सेंस और डिस्क क्लीनअप: C: ड्राइव को दें सांस लेने की जगह विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम को सुचारू रूप से काम करने और वर्चुअल कैशिंग के लिए अपनी प्राइमरी सी ड्राइव (C: Drive) में कम से कम 15 से 20 प्रतिशत खाली स्पेस की जरूरत होती है। जब सी ड्राइव पूरी तरह लाल हो जाती है, तो सिस्टम फ्रीज होने लगता है। विंडोज के सर्च बार में 'Disk Cleanup' लिखकर खोलें, सी ड्राइव सेलेक्ट करें और 'Clean up system files' पर क्लिक करें। यहां पुरानी विंडोज अपडेट फाइल्स, रीसायकल बिन और थंबनेल जैसी भारी फाइलों को टिक करके हमेशा के लिए मिटा दें। इसके अलावा लैपटॉप सेटिंग्स में जाकर 'System' के अंदर 'Storage' पर क्लिक करें और 'Storage Sense' को चालू कर दें। यह फीचर भविष्य में गैर-जरूरी जंक फाइल्स को अपने आप समय-समय पर हटाता रहेगा।
विजुअल इफेक्ट्स को करें कस्टमाइज: कमजोर हार्डवेयर पर न डालें लोड विंडोज 10 और विंडोज 11 में दिखने वाले खूबसूरत एनिमेशन, विंडो ओपनिंग ट्रांजिशन और शैडो इफेक्ट्स देखने में अच्छे लगते हैं, लेकिन अगर आपके लैपटॉप में 4GB या 8GB रैम है और कोई डेडिकेटेड ग्राफिक्स कार्ड नहीं है, तो ये इफेक्ट्स प्रोसेसर पर भारी पड़ते हैं। स्पीड बढ़ाने के लिए Windows + R दबाएं और sysdm.cpl लिखकर एंटर करें। खुलने वाली विंडो में 'Advanced' टैब पर जाएं और 'Performance' के नीचे दिए गए 'Settings' बटन पर क्लिक करें। यहां 'Adjust for best performance' का विकल्प चुनें। अगर आप टेक्स्ट को धुंधला नहीं देखना चाहते, तो नीचे लिस्ट में से 'Smooth edges of screen fonts' और 'Show thumbnails instead of icons' को टिक रहने दें और बाकी सभी फैंसी एनिमेशन को बंद करके 'Apply' कर दें।
वर्चुअल मेमोरी और पेजफाइल साइज को खुद करें ऑप्टिमाइज़ कम रैम वाले लैपटॉप में जब कई टैब या ऐप्स एक साथ खोले जाते हैं, तो रैम फुल हो जाती है और सिस्टम हैंग करने लगता है। ऐसी स्थिति में विंडोज हार्ड डिस्क या एसएसडी के एक हिस्से को वर्चुअल रैम के तौर पर इस्तेमाल करता है। इसे ऑप्टिमाइज करने के लिए सिस्टम प्रॉपर्टीज (sysdm.cpl) के 'Advanced' टैब में जाएं, परफॉर्मेंस सेटिंग्स खोलें और दोबारा 'Advanced' टैब पर क्लिक करें। नीचे 'Virtual memory' के सामने 'Change' पर क्लिक करें। 'Automatically manage paging file size' का टिक हटाएं, 'Custom size' चुनें और अपनी मौजूदा फिजिकल रैम के आधार पर इनिशियल साइज (रैम का 1.5 गुना) और मैक्सिमम साइज (रैम का 3 गुना) MB में दर्ज करके सेट कर दें। यह तरकीब मल्टीटास्किंग के दौरान लैपटॉप को अचानक अटकने से बचाती है।
पावर मोड और बैकग्राउंड प्राइवेसी सेटिंग्स में करें यह जरूरी बदलाव अक्सर लैपटॉप बैटरी बचाने के चक्कर में अपने प्रोसेसर की पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पाते। लैपटॉप को हमेशा हाई परफॉर्मेंस पर चलाने के लिए सेटिंग्स में 'Power & battery' सेक्शन में जाएं और 'Power mode' को 'Balanced' या 'Battery saver' से हटाकर 'Best performance' पर सेट कर दें। इसके अलावा सेटिंग्स के 'Apps' और 'Privacy & security' मेन्यू में जाकर उन फालतू ब्लोटवेयर ऐप्स को तुरंत अनइंस्टॉल कर दें जो लैपटॉप खरीदते समय पहले से इंस्टॉल आए थे और जिनका आप कभी इस्तेमाल नहीं करते।
ब्राउज़र की भारी फाइल्स हटाएं और सिस्टम को दें एक फ्रेश रीस्टार्ट अगर आपका लैपटॉप मुख्य रूप से गूगल क्रोम या माइक्रोसॉफ्ट एज पर इंटरनेट चलाते समय अटकता है, तो समस्या ब्राउज़र में हो सकती है। ब्राउज़र के थ्री-डॉट मेन्यू में जाकर 'Extensions' खोलें और जिन एड-ऑन की जरूरत न हो उन्हें हटा दें। ब्राउज़र सेटिंग्स में 'Clear browsing data' पर जाकर कैशे और कुकीज को साफ करें और सेटिंग्स में 'Memory Saver' फीचर को इनेबल रखें। इन सभी सेटिंग्स को सही तरीके से लागू करने के बाद लैपटॉप को स्लीप मोड में डालने के बजाय एक बार पूरी तरह 'Restart' करें। यह पूरी प्रक्रिया आपके लैपटॉप के ऑपरेटिंग सिस्टम को रिफ्रेश कर देगी और बिना किसी अतिरिक्त हार्डवेयर के उसकी स्पीड में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।