Job Loss PF Withdrawal Rules: क्या नौकरी छूटते ही तुरंत निकाल सकते हैं PF का पूरा पैसा? EPFO के नए नियमों में जानिए 75% और 100% निकासी का पूरा गणित

Job Loss PF Withdrawal Rules: क्या नौकरी छूटते ही तुरंत निकाल सकते हैं PF का पूरा पैसा? EPFO के नए नियमों में जानिए 75% और 100% निकासी का पूरा गणित

संगठित क्षेत्र में काम करने वाले प्रत्येक वेतनभोगी कर्मचारी के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) केवल रिटायरमेंट के बाद का वित्तीय सहारा नहीं है, बल्कि अप्रत्याशित संकट के समय एक मजबूत आपातकालीन फंड (Emergency Fund) का भी काम करता है। हालांकि, नौकरी छूटने, ले-ऑफ (Layoff) का शिकार होने या खुद इस्तीफा देने के बाद अक्सर कर्मचारियों के मन में यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या वे अगले ही दिन अपने पीएफ खाते में जमा सारा पैसा निकाल सकते हैं? कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों के अनुसार, नौकरी जाने की स्थिति में पैसा निकालने की सुविधा तो मिलती है, लेकिन इसके लिए कुछ निर्धारित शर्तें, चरणबद्ध प्रतिशत और समय-सीमाएं तय की गई हैं।

नौकरी छूटते ही कितना पैसा निकाल सकते हैं? समझें 75% का नियम

ईपीएफओ के संशोधित और सुव्यवस्थित नियमों के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी की नौकरी छूट जाती है और वह बेरोजगार हो जाता है, तो उसे अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए तुरंत राहत दी जाती है। कर्मचारी अपने कुल ईपीएफ बैलेंस (जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अंशदान व उस पर मिला ब्याज शामिल है) का 75 प्रतिशत तक हिस्सा तुरंत आंशिक निकासी (Special Circumstances Advance) के रूप में निकाल सकता है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह है कि बेरोजगार होने के बाद नए रोजगार की तलाश के दौरान कर्मचारी को दैनिक खर्चों के लिए किसी से कर्ज न लेना पड़े।

100% फुल पीएफ सेटलमेंट कब और कैसे होता है?

यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक बेरोजगार रहता है या नया काम शुरू नहीं कर पाता है, तो वह अपने खाते के पूरे 100% पैसे की निकासी (Final Settlement) के लिए क्लेम कर सकता है। नए विनियामक ढांचे के तहत बचा हुआ 25% हिस्सा और अंतिम सेटलमेंट निरंतर बेरोजगारी की तय अवधि पूरी होने के बाद किया जा सकता है। इस नियम के पीछे सरकार और ईपीएफओ की मंशा यह है कि कर्मचारी के रिटायरमेंट फंड और पेंशन पात्रता (EPS) पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यदि कर्मचारी कुछ महीनों बाद ही नई नौकरी जॉइन कर लेता है, तो उसे पुराना खाता बंद करने के बजाय अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के जरिए पीएफ को नई कंपनी में ट्रांसफर कराने की सलाह दी जाती है।

नौकरी छोड़ने के बाद 'डेट ऑफ एग्जिट' (Date of Exit) दर्ज होना जरूरी

नौकरी छूटने के बाद पीएफ निकासी या फाइनल सेटलमेंट फॉर्म भरने से पहले सबसे जरूरी काम अपनी पिछली कंपनी से 'डेट ऑफ एग्जिट' दर्ज कराना होता है।

  • कर्मचारी ईपीएफओ यूनिफाइड पोर्टल पर 'Manage > Mark Exit' विकल्प में जाकर खुद भी अपनी नौकरी छोड़ने की तारीख दर्ज कर सकते हैं।

  • ध्यान रहे कि अंतिम कार्यदिवस (Last Working Day) के कम से कम 60 दिन बाद ही सिस्टम में एग्जिट डेट मार्क करने की अनुमति मिलती है।

  • यदि एग्जिट डेट पोर्टल पर अपडेट नहीं होगी, तो सिस्टम आपका फाइनल सेटलमेंट क्लेम प्रोसेस नहीं करेगा और केवल एडवांस फॉर्म (Form 31) ही सबमिट हो सकेगा।

ईपीएस (EPS) पेंशन का पैसा निकालने के क्या हैं नियम?

पीएफ खाते में जमा राशि के साथ-साथ नियोक्ता के योगदान का एक हिस्सा एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) में भी जाता है। पेंशन के पैसे को लेकर नियम इस प्रकार हैं:

  • 10 वर्ष से कम की कुल सेवा: यदि आपकी कुल सेवा अवधि 10 साल से कम है और आप बेरोजगार हैं, तो आप फॉर्म 10C (Form 10C) भरकर अपनी पूरी पेंशन राशि एकमुश्त निकाल सकते हैं या पेंशन स्कीम सर्टिफिकेट ले सकते हैं।

  • 10 वर्ष या उससे अधिक की सेवा: यदि आपने कुल मिलाकर 10 साल या उससे अधिक की सेवा पूरी कर ली है, तो आप पेंशन फंड की एकमुश्त निकासी नहीं कर सकते। ऐसे में आपको 'स्कीम सर्टिफिकेट' जारी किया जाता है और 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर आपको आजीवन मासिक पेंशन मिलने की पात्रता प्राप्त होती है।

5 साल से पहले पीएफ निकालने पर टीडीएस (TDS) और टैक्स का नियम

यदि आपने किसी भी संस्थान में लगातार 5 साल की कुल सेवा पूरी नहीं की है और आप पीएफ की निकासी करते हैं, तो निकाली गई राशि आयकर के दायरे में आ सकती है।

  • यदि निकासी राशि ₹50,000 से अधिक है और पैन कार्ड लिंक है, तो 10% टीडीएस काटा जाता है।

  • यदि पैन कार्ड लिंक नहीं है, तो अधिकतम दर (34.6%) पर टीडीएस कट सकता है।

  • यदि आपकी कुल वार्षिक आय टैक्स छूट सीमा से कम है, तो आप टीडीएस से बचने के लिए फॉर्म 15G या 15H जमा कर सकते हैं।

  • 5 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी होने के बाद पीएफ से निकाली गई पूरी राशि पूरी तरह से टैक्स-फ्री होती है।

ऑनलाइन पीएफ क्लेम करने की आसान स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

  1. ईपीएफओ के आधिकारिक मेंबर सेवा पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर जाएं।

  2. अपना यूएएन (UAN), पासवर्ड और कैप्चा कोड डालकर लॉग इन करें।

  3. 'Online Services' मेन्यू में जाकर 'Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)' पर क्लिक करें।

  4. अपने बैंक खाते के अंतिम 4 अंक दर्ज करके बैंक अकाउंट को सत्यापित (Verify) करें।

  5. क्लेम का कारण चुनें (बेरोजगारी की स्थिति में एडवांस के लिए Form 31 या फुल सेटलमेंट के लिए Form 19)।

  6. अपने बैंक चेक की स्कैन कॉपी या पासबुक का फ्रंट पेज अपलोड करें और आधार-लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी (Aadhaar OTP) से क्लेम सबमिट करें। सामान्यतः 3 से 7 कार्यदिवसों के भीतर राशि आपके बैंक खाते में क्रेडिट हो जाती है।

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