Inoperative EPF Accounts: 21 लाख पीएफ खातों में फंसे हैं 8505 करोड़ रुपये, संसद में हुआ बड़ा खुलासा; कहीं आपका पैसा भी तो नहीं अटका?

Inoperative EPF Accounts: 21 लाख पीएफ खातों में फंसे हैं 8505 करोड़ रुपये, संसद में हुआ बड़ा खुलासा; कहीं आपका पैसा भी तो नहीं अटका?

देश के नौकरीपेशा कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई और रिटायरमेंट फंड का प्रबंधन करने वाले कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को लेकर संसद के पटल पर एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने संसद में लिखित जवाब देते हुए आधिकारिक जानकारी दी है कि वर्तमान में देश भर के लगभग 21 लाख से अधिक ईपीएफ खातों में कुल 85,05,15,71,020 रुपये (लगभग 8,505 करोड़ रुपये) की भारी-भरकम राशि लावारिस और निष्क्रिय (Inoperative Accounts) स्थिति में पड़ी हुई है। इस विशाल धनराशि पर किसी भी खाताधारक या उनके कानूनी उत्तराधिकारियों द्वारा लंबे समय से कोई दावा पेश नहीं किया गया है। संसद में हुए इस खुलासे के बाद नौकरी बदलने वाले और पुराने पीएफ खातों को भूल चुके लाखों वेतनभोगी कर्मचारियों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि कहीं इस बिना दावे वाली रकम में उनकी मेहनत की कमाई तो शामिल नहीं है।

आखिर क्यों कोई पीएफ खाता बन जाता है 'इनऑपरेटिव' या निष्क्रिय?

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के मौजूदा नियमों के अनुसार, जब कोई कर्मचारी एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी में जाता है और अपने पुराने पीएफ खाते की राशि को नए खाते में ट्रांसफर नहीं करता या 36 महीनों (3 साल) तक उस खाते में कोई नया अंशदान (Contribution) जमा नहीं होता, तो उस खाते को निष्क्रिय यानी इनऑपरेटिव श्रेणी में डाल दिया जाता है। इसके अलावा कई मामलों में कर्मचारी की सेवानिवृत्ति, स्थायी रूप से विदेश प्रवास या दुर्भाग्यवश मृत्यु हो जाने के बाद जब 36 महीने तक निकासी के लिए कोई आवेदन नहीं आता, तो वह खाता तकनीकी रूप से निष्क्रिय मान लिया जाता है। पहले ऐसे खातों पर ब्याज मिलना बंद हो जाता था, लेकिन संशोधित नियमों के तहत अब निष्क्रिय खातों पर भी सामान्य ईपीएफ दर से ब्याज जुड़ता रहता है, जब तक कि खाताधारक की उम्र 58 वर्ष पूरी न हो जाए।

लाखों खातों में पैसा अटकने के मुख्य कारण क्या हैं?

विशेषज्ञों और ईपीएफओ के आंकड़ों के अनुसार, पीएफ खातों में अरबों रुपये लावारिस छूटने के पीछे सबसे बड़ा कारण नौकरी बदलते समय कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरतना है।

  • नौकरी बदलते समय खाता ट्रांसफर न करना: कई कर्मचारी एक संस्थान से दूसरे संस्थान में जाते समय पुराने पीएफ बैलेंस को नए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के साथ मर्ज करना भूल जाते हैं।

  • अधूरा या मिसमैच केवाईसी विवरण: पुराने खातों में आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता संख्या या नाम और जन्मतिथि में स्पेलिंग की गलतियों के कारण ऑनलाइन ट्रांसफर या विड्रॉल अटक जाता है।

  • नॉमिनेशन का अभाव: खाताधारक द्वारा ई-नॉमिनेशन दर्ज न कराने की स्थिति में उनकी असामयिक मृत्यु के बाद परिजनों को लंबी कानूनी प्रक्रियाओं और उत्तराधिकार प्रमाण पत्र की जटिलताओं से जूझना पड़ता है, जिसके कारण क्लेम दाखिल ही नहीं हो पाता।

  • कंपनी का बंद हो जाना: कई छोटी कंपनियां या स्टार्टअप अचानक बंद हो जाते हैं, जिससे कर्मचारियों को अपनी सर्विस हिस्ट्री सत्यापित कराने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

कैसे चेक करें कि आपका पुराना पीएफ खाता निष्क्रिय है या नहीं?

यदि आपने अपने करियर में पूर्व में किसी कंपनी में काम किया था और उस दौरान पीएफ कटा था, तो आप बेहद आसान डिजिटल माध्यमों से अपने पुराने फंड की स्थिति जांच सकते हैं।

  • ईपीएफओ मेंबर सेवा पोर्टल पर लॉगिन: ईपीएफओ के आधिकारिक पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर अपने 12 अंकों के यूएएन (UAN) और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करें।

  • सर्विस हिस्ट्री और पासबुक देखें: 'View' मेन्यू में जाकर 'Service History' विकल्प चुनें। यहां आपको अपनी पिछली सभी कंपनियों की मेंबर आईडी (Member ID) दिखाई देगी।

  • ईपीएफओ पासबुक पोर्टल: पासबुक पोर्टल पर जाकर प्रत्येक मेंबर आईडी के सामने मौजूद बैलेंस चेक करें। यदि किसी पुरानी आईडी में शेष राशि दिख रही है और वह वर्तमान खाते में नहीं जुड़ी है, तो इसका मतलब है कि वह फंड अभी भी अलग पड़ा हुआ है।

निष्क्रिय पीएफ खाते से ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर और क्लेम करने का तरीका

ईपीएफओ ने डिजिटल इंडिया अभियान के तहत पुराने खातों से पैसा निकालना और ट्रांसफर करना पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन बना दिया है।

  • ऑनलाइन ट्रांसफर क्लेम (One Member - One EPF Account): मेंबर पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद 'Online Services' टैब पर जाएं और 'One Member - One EPF Account (Transfer Request)' पर क्लिक करें। यहां अपनी पुरानी मेंबर आईडी डालकर वर्तमान या पूर्व नियोक्ता के माध्यम से डिजिटल रूप से सत्यापित करवाएं। कुछ ही दिनों में पुराना फंड आपके एक्टिव यूएएन खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।

  • ईपीएफओ इनऑपरेटिव अकाउंट हेल्पडेस्क: यदि आपके पास पुराना पीएफ खाता नंबर तो है लेकिन यूएएन एक्टिवेट नहीं है, तो ईपीएफओ के विशेष 'Inoperative A/c Helpdesk' पोर्टल का उपयोग करें। यहां अपनी पुरानी कंपनी का नाम, जॉइनिंग व छोड़ने की तारीख और बुनियादी पहचान विवरण दर्ज कर अपने खाते को ट्रैक किया जा सकता है।

  • ई-नॉमिनेशन अनिवार्य रूप से पूरा करें: अपने एक्टिव पीएफ खाते में तत्काल ई-नॉमिनेशन (E-Nomination) पूरा करें ताकि किसी भी आपात स्थिति में आपके परिवार और आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा फंड बिना किसी प्रशासनिक बाधा के प्राप्त हो सके।

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