सितंबर में हवाई यात्रियों की संख्या 6.5% घटी: स्पाइसजेट की उड़ानें बड़े पैमाने पर रद्द, जानिए अन्य एयरलाइंस का रिपोर्ट कार्ड

सितंबर में हवाई यात्रियों की संख्या 6.5% घटी: स्पाइसजेट की उड़ानें बड़े पैमाने पर रद्द, जानिए अन्य एयरलाइंस का रिपोर्ट कार्ड

देश के एविएशन सेक्टर के लिए सितंबर का महीना सुस्ती भरा साबित हुआ है। विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा जारी मासिक ट्रैफिक आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में भारतीय घरेलू एयरलाइंस से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में सालाना आधार पर लगभग 6.49% (करीब 6.5%) की गिरावट दर्ज की गई है। पूरे महीने के दौरान घरेलू उड़ानों में कुल 118.23 लाख (1.18 करोड़) यात्रियों ने सफर किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले काफी कम है। उद्योग जानकारों के मुताबिक, मानसून के अंतिम चरण, पितृपक्ष और त्योहारी सीजन (दिवाली-छठ) से ठीक पहले की अवधि होने के कारण सितंबर में हवाई यात्राओं की मांग में यह मौसमी नरमी देखने को मिली है। हालांकि, इस मंदी के बीच सबसे ज्यादा चर्चा विभिन्न एयरलाइंस की उड़ानों के संचालन, रद्दीकरण दर और ऑन-टाइम परफॉर्मेंस को लेकर रही है।

संकट में स्पाइसजेट: उड़ानों के रद्दीकरण की दर रिकॉर्ड स्तर पर, मार्केट शेयर 1% से नीचे फिसला

डीजीसीए के ताजा आंकड़ों में बजट एयरलाइन स्पाइसजेट (SpiceJet) की परिचालन संबंधी मुश्किलें खुलकर सामने आई हैं। तकनीकी खामियों, फ्लीट की कमी और वित्तीय दबाव से जूझ रही स्पाइसजेट की उड़ानों में भारी रद्दीकरण देखने को मिला है, जहां एयरलाइन की लगभग 20.29% उड़ानें रद्द या प्रभावित दर्ज की गईं। इसके चलते स्पाइसजेट का घरेलू बाजार हिस्सा (Market Share) घटकर मात्र 0.6% के निचले स्तर पर आ गया है, जो रीजनल कैरियर स्टार एयर (Star Air - 0.7%) से भी नीचे खिसक गया है। उड़ानों के रद्द होने और कई-कई घंटे की देरी के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और डीजीसीए को सबसे अधिक यात्री शिकायतें भी इसी एयरलाइन के खिलाफ प्राप्त हुईं।

इंडिगो का एकतरफा दबदबा: 60% से अधिक मार्केट शेयर और ऑन-टाइम परफॉर्मेंस में नंबर-1

विमानन क्षेत्र में छाई सुस्ती के बावजूद देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने अपने दबदबे को और मजबूत किया है। इंडिगो ने 60% से अधिक घरेलू बाजार हिस्सेदारी पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। परिचालन दक्षता के मामले में भी इंडिगो सबसे आगे रही। देश के चार प्रमुख मेट्रो हवाई अड्डों (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद) पर इंडिगो का 'ऑन-टाइम परफॉर्मेंस' (OTP) 91.1% दर्ज किया गया, यानी उसकी 91% से ज्यादा उड़ानों ने समय पर उड़ान भरी और लैंडिंग की। इंडिगो की कैंसिलेशन दर भी उद्योग के औसत से काफी नीचे 0.5% से 0.8% के बीच सीमित रही।

एयर इंडिया ग्रुप और आकासा एयर का प्रदर्शन: समय की पाबंदी में आकासा ने दी कड़ी टक्कर

टाटा समूह के स्वामित्व वाले एयर इंडिया ग्रुप (Air India और Air India Express) ने मिलकर 25% से अधिक की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी संभाली है। एयर इंडिया के विमानों का पैसेंजर लोड फैक्टर (PLF) लगभग 82% से 85% के बीच दर्ज हुआ। वहीं, नए दौर की एयरलाइन आकासा एयर (Akasa Air) ने अपनी समयबद्धता से एक बार फिर प्रभावित किया। आकासा एयर ने 90.8% के शानदार ऑन-टाइम परफॉर्मेंस के साथ इंडिगो को कड़ी टक्कर दी और उद्योग में दूसरा स्थान हासिल किया। आकासा एयर का कैंसिलेशन रेट मात्र 0.3% के आसपास रहा, जो यह दर्शाता है कि छोटे फ्लीट साइज के बावजूद उसका ऑपरेशन काफी स्थिर बना हुआ है।

यात्रियों के अधिकार और रिफंड पर डीजीसीए के कड़े निर्देश

सितंबर में उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने और देरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए नागर विमानन महानिदेशालय ने सभी एयरलाइंस को पैसेंजर चार्टर का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। डीजीसीए के नियमों के अनुसार:

  • यदि कोई एयरलाइन उड़ान के समय से 24 घंटे से कम समय पहले फ्लाइट रद्द करती है, तो उसे यात्री को वैकल्पिक उड़ान देनी होगी या पूरा रिफंड देने के साथ निर्धारित मुआवजे का भुगतान करना होगा।

  • यदि उड़ान में 4 से 6 घंटे से अधिक की देरी होती है, तो एयरलाइन को एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए जलपान, भोजन और प्रतीक्षालय की मुफ्त व्यवस्था करनी अनिवार्य है।

  • डीजीसीए ने स्पाइसजेट समेत उन सभी एयरलाइंस को अपने विंटर शेड्यूल (Winter Schedule) में केवल उतनी ही उड़ानों की बुकिंग लेने की हिदायत दी है, जितने विमान उनके पास वास्तविक रूप से उड़ने की स्थिति में मौजूद हैं, ताकि आगामी कोहरे और त्योहारी सीजन में यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न उठानी पड़े।