करियर ब्रेक के बाद दोबारा शुरू कर रहे हैं नौकरी? बंद या इनऑपरेटिव PF अकाउंट ऐसे होगा एक्टिव, जानिए उमंग ऐप और फेस ऑथेंटिकेशन का नया नियम

करियर ब्रेक के बाद दोबारा शुरू कर रहे हैं नौकरी? बंद या इनऑपरेटिव PF अकाउंट ऐसे होगा एक्टिव, जानिए उमंग ऐप और फेस ऑथेंटिकेशन का नया नियम

करियर में ब्रेक लेना, उच्च शिक्षा, मातृत्व अवकाश, पारिवारिक जिम्मेदारियों या बिजनेस में हाथ आजमाने के बाद दोबारा कॉरपोरेट या संगठित क्षेत्र की नौकरी में लौटना अब आम बात है। लेकिन काम पर वापसी के दौरान कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ी उलझन उनके पुराने एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) खाते को लेकर आती है। कई महीनों या सालों तक अंशदान (Contribution) न होने के कारण कर्मचारी यह मान लेते हैं कि उनका पीएफ खाता हमेशा के लिए बंद हो चुका है या उसमें जमा गाढ़ी कमाई फंस गई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों के अनुसार, अगर आप दोबारा नौकरी से जुड़ रहे हैं, तो अपने इनऑपरेटिव या इनएक्टिव पीएफ खाते को फिर से चालू करना और पुरानी बचत को नए खाते में जोड़ना अब बेहद आसान हो गया है। ईपीएफओ ने फेस रिकग्निशन और ऑनलाइन ऑटो-ट्रांसफर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शुरू कर दी हैं, जिससे दफ्तरों के चक्कर काटने का झंझट पूरी तरह खत्म हो चुका है।

क्या होता है इनऑपरेटिव पीएफ अकाउंट और कब रुकता है ब्याज?

ईपीएफओ के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, किसी पीएफ खाते को केवल इसलिए इनऑपरेटिव घोषित नहीं किया जाता कि उसमें कुछ समय से अंशदान नहीं आया है। जब कोई कर्मचारी 55 वर्ष की आयु के बाद सेवानिवृत्त होता है, विदेश में स्थायी रूप से बस जाता है, या बिना निकासी के 36 महीने (3 साल) तक खाते में कोई वित्तीय लेन-देन नहीं होता, तब खाता इनऑपरेटिव की श्रेणी में आता है। अगर आपकी उम्र 58 वर्ष से कम है, तो नौकरी छूटने या गैप आने के बाद भी आपके पुराने पीएफ बैलेंस पर सरकार द्वारा निर्धारित सालाना ब्याज (वर्तमान में 8.25%) लगातार जुड़ता रहता है। हालांकि, 58 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद अगर खाते से निकासी या ट्रांसफर नहीं किया गया, तो ब्याज मिलना बंद हो जाता है। इसलिए नई कंपनी जॉइन करते ही पुराने बैलेंस को तुरंत एक्टिव करना जरूरी है।

उमंग ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन: यूएएन एक्टिवेशन का नया ऑनलाइन नियम

ईपीएफओ ने फ्रॉड और साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए यूएएन (Universal Account Number) एक्टिवेशन प्रक्रिया को और सुरक्षित बना दिया है। अब उमंग (UMANG) मोबाइल ऐप पर 'आधार बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन' (Face Authentication) अनिवार्य कर दिया गया है। यदि आपका यूएएन पहले कभी एक्टिवेट नहीं हुआ था या पासवर्ड भूलने की वजह से ब्लॉक पड़ा है, तो आप इन स्टेप्स से इसे घर बैठे एक्टिवेट कर सकते हैं:

  1. ऐप्स डाउनलोड करें: अपने स्मार्टफोन में गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से 'UMANG App' और यूआईडीएआई का आधिकारिक 'Aadhaar FaceRD App' इंस्टॉल करें।

  2. रजिस्ट्रेशन: उमंग ऐप में अपने आधार से लिंक्ड एक्टिव मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें और 4 अंकों का सुरक्षा पिन (MPIN) बनाएं।

  3. सर्विस का चयन: ऐप में 'EPFO' सर्च करें और 'UAN Services Through Face Auth' मेन्यू में जाकर 'UAN Activation' विकल्प पर क्लिक करें।

  4. डिटेल्स और फेस स्कैन: अपना 12 अंकों का यूएएन, आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें। इसके बाद स्क्रीन पर कैमरा ऑन होगा, जहां रोशनी में अपना चेहरा स्कैन करें। हरा घेरा बनते ही बायोमेट्रिक पुष्टि हो जाएगी।

  5. सफलतापूर्वक एक्टिवेशन: विवरण की पुष्टि होते ही आपका यूएएन तुरंत एक्टिवेट हो जाएगा और आपके रजिस्टर्ड नंबर पर एसएमएस के जरिए लॉगिन पासवर्ड भेज दिया जाएगा।

नई नौकरी में पुराने पीएफ को कैसे करें मर्ज और रिएक्टिवेट?

जैसे ही आप किसी नए संस्थान में काम शुरू करते हैं, आपका नया नियोक्ता (Employer) आपके मौजूदा यूएएन के तहत एक नई मेंबर आईडी (Member ID) जनरेट करता है। पुराने और नए खाते को जोड़ने के लिए यह प्रक्रिया अपनाएं:

  • केवाईसी अपडेट करें: सबसे पहले ईपीएफओ के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर लॉगिन करें। 'Manage' सेक्शन में जाकर 'KYC' चुनें और सुनिश्चित करें कि आपका आधार, पैन कार्ड और नया बैंक खाता सही तरीके से वेरिफाइड है।

  • एग्जिट डेट (Date of Exit) जांचें: पोर्टल पर 'Service History' चेक करें। अगर पिछली कंपनी ने आपकी नौकरी छोड़ने की तारीख दर्ज नहीं की है, तो 'Manage > Mark Exit' में जाकर आधार ओटीपी की मदद से खुद ही एग्जिट डेट अपडेट कर लें।

  • ऑनलाइन ट्रांसफर रिक्वेस्ट (One Member, One EPF): 'Online Services' टैब पर जाएं और 'One Member - One EPF Account (Transfer Request)' पर क्लिक करें। अपनी पिछली मेंबर आईडी दर्ज करें और अटेस्टेशन के लिए वर्तमान नियोक्ता का चयन करें।

  • ऑटो-रिएक्टिवेशन: जैसे ही ट्रांसफर क्लेम प्रोसेस होता है, पुराने बंद पड़े खाते का पूरा फंड (ईपीएफ और पेंशन सर्विस हिस्ट्री) आपके नए एक्टिव अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है और इनऑपरेटिव स्टेटस स्वतः समाप्त होकर एक्टिव बन जाता है।

अगर दोबारा नौकरी नहीं करना चाहते तो क्या करें?

यदि आपका करियर ब्रेक लंबा रहने वाला है या आप स्वरोजगार शुरू कर चुके हैं और नौकरी में नहीं लौटना चाहते, तो 2 महीने (60 दिन) से अधिक समय तक बेरोजगार रहने पर आप अपने इनऑपरेटिव खाते से पूरा पैसा निकाल सकते हैं। इसके लिए ईपीएफओ पोर्टल पर 'Claim (Form-19 & 10C)' भरकर सीधे अपने बैंक खाते में पूरा सेटलमेंट प्राप्त किया जा सकता है। ध्यान रहे कि अगर आपकी कुल नौकरी 5 साल से कम की है, तो निकासी की रकम पर टैक्स नियम लागू हो सकते हैं, इसलिए टैक्स कटौती से बचने के लिए फॉर्म 15G/15H लगाना न भूलें।