FSSAI का बड़ा एक्शन: गंदगी मिलने पर बेकरी का लाइसेंस सस्पेंड, एवरेस्ट जीरा पाउडर का खास बैच वापस मंगाने का आदेश; जानें पूरा मामला
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले खाद्य कारोबारियों और बड़ी कंपनियों के खिलाफ अब तक का सबसे कड़ा रुख अपना लिया है। देश भर में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नियामक संस्था ने निगरानी और औचक निरीक्षण का दायरा काफी बढ़ा दिया है। हालिया कार्रवाई में जहां एक तरफ निर्माण इकाई में भयानक गंदगी और बुनियादी स्वच्छता मानकों की अनदेखी के चलते एक बेकरी का संचालन लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, वहीं दूसरी तरफ देश के जाने-माने मसाला ब्रांड एवरेस्ट के जीरा पाउडर के एक विशिष्ट बैच को बाजार से तत्काल वापस मंगाने यानी रीकॉल करने का आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। त्योहारी और सामान्य दिनों में पैकेज्ड फूड और बेकरी उत्पादों की मांग में लगातार हो रहे इजाफे के बीच इस प्रकार की कठोर प्रशासनिक कार्रवाई ने पूरे फूड प्रोसेसिंग उद्योग को कड़ा संदेश दिया है कि नियमों से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपभोक्ताओं के अधिकारों और स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए FSSAI ने स्पष्ट किया है कि ब्रांड कितना भी बड़ा और प्रतिष्ठित क्यों न हो, यदि लैब जांच या फील्ड इंस्पेक्शन में कोई भी गंभीर खामी पाई जाती है तो कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बेकरी परिसर में मिली भारी गंदगी, निर्माण लाइसेंस तुरंत सस्पेंड
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के एक विशेष जांच दल ने जब संबंधित बेकरी इकाई पर औचक छापा मारा, तो वहां का नजारा बेहद चिंताजनक और चौंकाने वाला था। निर्माण स्थल पर साफ-सफाई के न्यूनतम मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं और जिस जगह ब्रेड, बिस्कुट, केक और अन्य बेकरी उत्पाद तैयार किए जा रहे थे, वहां कीड़े-मकोड़ों, मक्खियों और चूहे-चूहियों की आवाजाही के स्पष्ट प्रमाण मिले। कच्चे माल के भंडारण कक्ष में नमी और फफूंद जमी पाई गई, जबकि आटा गूंथने और बेकिंग करने वाली मशीनों की लंबे समय से कोई गहरी सफाई नहीं की गई थी। इसके अलावा वहां काम कर रहे श्रमिकों के पास अनिवार्य मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं थे और वे बिना एप्रन, ग्लव्स और हेयर कैप के ही खाद्य सामग्री को सीधे हाथों से छू रहे थे। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (लाइसेंसिंग एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ फूड बिजनेसेज) रेगुलेशंस की धारा 32 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए FSSAI के अभिहित अधिकारी ने बेकरी का मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। प्राधिकरण ने बेकरी संचालक को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जब तक पूरे परिसर का कायाकल्प नहीं किया जाता, पेस्ट कंट्रोल का पुख्ता प्रमाण नहीं दिया जाता और सभी हाइजीन मानकों को दुरुस्त करके पुनः निरीक्षण में हरी झंडी नहीं मिल जाती, तब तक वहां किसी भी प्रकार की उत्पादन या बिक्री गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
एवरेस्ट जीरा पाउडर के खास बैच को बाजार से वापस मंगाने का फरमान
बेकरी पर कार्रवाई के साथ-साथ पैकेज्ड फूड सेक्टर में सबसे बड़ी खबर एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स के लोकप्रिय जीरा पाउडर से जुड़ी सामने आई है। नियामक संस्था ने एक औपचारिक नोटिस जारी करते हुए एवरेस्ट जीरा पाउडर के एक खास बैच को खुदरा दुकानों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से तुरंत वापस मंगाने का आदेश दिया है। नियमित बाजार निगरानी के तहत जब इस खास बैच के नमूने एकत्र कर सरकारी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में सघन रासायनिक परीक्षण के लिए भेजे गए थे, तो रिपोर्ट में गुणवत्ता मानकों और अनुमेय रासायनिक अवशेषों के स्तर में गंभीर विसंगति दर्ज की गई। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, जीरा पाउडर के इस बैच में निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में बाहरी अवांछित तत्वों या कीटनाशक अवशेषों की मौजूदगी पाई गई, जो सीधे तौर पर इंसानी सेहत, खासकर लिवर और पाचन तंत्र के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। FSSAI ने कंपनी प्रबंधन को कड़े शब्दों में आदेश दिया है कि वह आपूर्ति श्रृंखला से इस चिन्हित बैच के सभी पैकेट तुरंत जब्त करे और अब तक बेचे गए माल का पूरा ब्योरा नियामक के समक्ष प्रस्तुत करे।
उपभोक्ताओं के लिए अलर्ट और बैच नंबर की जांच की अपील
नियामक संस्था ने आम उपभोक्ताओं और गृहिणियों के लिए एक सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए अपील की है कि वे अपनी रसोई में रखे मसालों की जांच तुरंत करें। यदि किसी उपभोक्ता ने हाल ही में एवरेस्ट जीरा पाउडर खरीदा है, तो वह पैकेट के पीछे छपे बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डिटेल का मिलान आधिकारिक रीकॉल लिस्ट से अवश्य कर लें। यदि खरीदा गया पैकेट प्रभावित बैच का हिस्सा निकलता है, तो उसका सेवन तुरंत रोक दें और उसे संबंधित दुकानदार को वापस कर दें या नजदीकी खाद्य सुरक्षा कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं। डॉक्टरों और आहार विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी या रासायनिक रूप से दूषित मसालों का लंबे समय तक इस्तेमाल शरीर में विषाक्तता बढ़ा सकता है, जिससे पेट दर्द, उल्टी, एलर्जी और दीर्घकालिक प्रतिरक्षा संबंधी विकार उत्पन्न हो सकते हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे किसी भी खाद्य उत्पाद को खरीदते समय पैकेट की सील, FSSAI लाइसेंस नंबर, बैच कोड और मैन्युफैक्चरिंग डिटेल्स को ध्यान से देखने की आदत डालें।
डिस्ट्रीब्यूटर्स और खुदरा व्यापारियों को कड़े कानूनी निर्देश
FSSAI ने केवल निर्माता कंपनियों पर ही शिकंजा नहीं कसा है, बल्कि पूरे सप्लाई चेन नेटवर्क को जवाबदेह बनाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी सुपरमार्केट्स, किराना स्टोर्स, होलसेल डीलर्स और ई-कॉमर्स ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म्स को हिदायत दी गई है कि वे निलंबित बेकरी के किसी भी स्टॉक और एवरेस्ट जीरा पाउडर के प्रतिबंधित बैच की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोक दें। यदि कोई भी दुकानदार या ऑनलाइन विक्रेता इन उत्पादों की बिक्री या वितरण करता हुआ पाया गया, तो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत उसके खिलाफ भारी आर्थिक जुर्माना लगाने के साथ-साथ दुकान का लाइसेंस रद्द करने और आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। डिस्ट्रीब्यूटर्स को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे वापस लिए गए सभी पैकेट्स को एक अलग सुरक्षित एरिया में सील करके रखें और कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों को सौंपते हुए उसका लिखित रिकॉर्ड सुरक्षित रखें, ताकि FSSAI की ऑडिट टीम किसी भी समय उसका भौतिक सत्यापन कर सके।
खाद्य सुरक्षा मानकों पर जीरो टॉलरेंस की नीति
FSSAI के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि देश भर में नागरिकों को शुद्ध, पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना कानूनन अनिवार्य है और इस मामले में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है। खाद्य नियामक अब पारंपरिक सैंपलिंग के साथ-साथ आधुनिक एआई आधारित डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ट्रैकिंग का सहारा ले रहा है, जिससे बाजार में बिकने वाले घटिया और मिलावटी उत्पादों की पहचान बहुत तेजी से हो रही है। देश के विभिन्न राज्यों में विशेष खाद्य सुरक्षा जांच अभियान शुरू किए जा चुके हैं, जिसके तहत होटल, रेस्टोरेंट, स्ट्रीट फूड वेंडर्स, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर प्लांट, मसाला मिलों और बेकरियों की सघन चेकिंग की जा रही है। FSSAI ने नागरिकों से भी सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया है और कहा है कि यदि किसी भी इलाके में खाद्य निर्माण में गंदगी, मिलावट या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत 'फूड सेफ्टी कनेक्ट' ऐप या राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं, जिस पर 48 घंटे के भीतर जांच अधिकारी मौके पर पहुंचकर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।