10.37 करोड़ की Ferrari 849 Testarossa भारत में लॉन्च! 1050 हॉर्सपावर की इस हाइब्रिड सुपरकार के फीचर्स उड़ा देंगे होश
लग्जरी और तेज रफ्तार कारों के शौकीनों के लिए इतालवी सुपरकार निर्माता फेरारी (Ferrari) ने भारतीय बाजार में अपनी अब तक की सबसे दमदार रोड कार Ferrari 849 Testarossa को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है. 15 मार्च, 2026 को देश में उतरी इस प्लग-इन हाइब्रिड सुपरकार की शुरुआती कीमत ₹10.37 करोड़ (एक्स-शोरूम) रखी गई है. यह नई हाइब्रिड सुपरकार बाजार में फेरारी SF90 स्ट्राडेल (Stradale) की जगह लेगी और सीधे तौर पर लैंबरघिनी रेवुएल्टो (Lamborghini Revuelto) को कड़ी टक्कर देने आ रही है.
'रेड हेड' नाम के पीछे छिपा है 70 साल पुराना रेसिंग इतिहास
इस कार के साथ फेरारी ने अपने करीब 70 साल पुराने ऐतिहासिक नाम को दोबारा जिंदा किया है. साल 1956 में फेरारी ने अपनी जिन रेसिंग कारों के कैम कवर्स को लाल रंग से रंगा था, उन्हें 'Testarossa' नाम दिया गया था. इटैलियन भाषा में इसका सीधा मतलब "रेड हेड" (लाल सिर) होता है. इसके अलावा, कार के नाम में शामिल "849" का भी एक खास गणित है, जो इसके इंजन को दर्शाता है—यानी इसमें 8 सिलेंडर का इंजन लगा है और इसके हर एक सिलेंडर की क्षमता 490cc है.
1970 के दशक का लुक और जबरदस्त एरोडायनामिक डिजाइन
डिजाइन के मामले में यह कार SF90 से काफी अलग और आक्रामक दिखती है. इसके फ्रंट लुक को 1970 के दशक के एंड्योरेंस रेसिंग प्रोटोटाइप और 1980 की क्लासिक टेस्टारोसा से प्रेरित होकर तैयार किया गया है. कार में बेहद पतली एलईडी हेडलाइट्स दी गई हैं.
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पहिए और ब्रेक्स: कार के साइड प्रोफाइल में 20 इंच के बड़े अलॉय व्हील्स के साथ हाई-परफॉर्मेंस सिरेमिक ब्रेक कैलिपर्स और स्टैगर्ड टायर्स (अलग-अलग साइज के टायर) दिए गए हैं.
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1970 की रेसिंग ट्रिक: कार के पिछले हिस्से में ट्विन-टेली डिजाइन है, जो 512S रेसिंग कार की याद दिलाता है. इसमें एक एक्टिव स्पॉइलर लगा है जो 1 सेकंड से भी कम समय में अपनी पोजीशन बदलकर 100 किलोग्राम तक का अतिरिक्त डाउनफोर्स पैदा कर सकता है. 250 किमी/घंटे की रफ्तार पर इसका कुल डाउनफोर्स 415 किलोग्राम तक पहुंच जाता है.
1,050 PS की बेमिसाल ताकत और 330 km/h से ज्यादा की टॉप स्पीड
फेरारी 849 टेस्टारोसा में 3.9-लीटर का ट्विन-टर्बोचार्ज्ड V8 इंजन दिया गया है, जो अकेले 830 PS की पावर जेनरेट करता है. इस इंजन का साथ देने के लिए इसमें 3 इलेक्ट्रिक मोटर (दो आगे के पहियों पर और एक पीछे) जोड़ी गई हैं, जो फॉर्मूला-1 की आधुनिक तकनीक पर काम करती हैं.
रफ्तार का जादू: यह पूरा सिस्टम मिलकर कुल 1,050 PS की कड़क पावर जनरेट करता है. कार में 7.45 kWh की बैटरी लगी है, जिससे यह सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर 25 किलोमीटर तक चल सकती है. रफ्तार की बात करें तो यह महज 2.3 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा और सिर्फ 6.3 सेकंड में 200 किमी/घंटे की स्पीड पकड़ लेती है. इसकी टॉप स्पीड 330 किमी/घंटे से भी ज्यादा है.
कॉकपिट जैसा इंटीरियर और भारत में सर्विस सपोर्ट
कार के केबिन के अंदर कदम रखते ही आपको किसी फाइटर जेट या रेस कार जैसा अहसास होगा. इसके इंटीरियर में प्रीमियम लेदर, कार्बन फाइबर और अल्कांतारा मटेरियल का इस्तेमाल किया गया है. ड्राइवर के लिए 16-इंच का बड़ा डिजिटल डिस्प्ले, पैसेंजर के लिए अलग परफॉर्मेंस स्क्रीन, वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto जैसे फीचर्स दिए गए हैं. स्टीयरिंग व्हील पर पुराने हैप्टिक टच की जगह अब सॉलिड फिजिकल स्विच और कार्बन-फाइबर पैडल शिफ्टर्स दिए गए हैं. भारत में फेरारी इस कार को अपने मुंबई और नई दिल्ली के शोरूम के जरिए बेचेगी, जबकि इसका मुख्य सर्विस सपोर्ट बेंगलुरु से संचालित किया जाएगा.