PM Awas Yojana e-KYC 2026: बिना ई-केवाईसी रुक जाएगी अगली किस्त, 5 मिनट में ऐसे पूरा करें आधार और फेस ऑथेंटिकेशन
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-G एवं PMAY-U 2.0) के तहत पक्का मकान बनाने की आस लगाए बैठे करोड़ों लाभार्थियों के लिए केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने एक सख्त और जरूरी निर्देश जारी किया है। योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में बिना किसी बिचौलिए के पहुंचे, इसके लिए आधार आधारित इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर यानी e-KYC को अनिवार्य बना दिया गया है। यदि किसी लाभार्थी ने निर्धारित समय के भीतर अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं की, तो योजना के तहत जारी होने वाली अगली किस्त का पैसा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) सिस्टम द्वारा रोक दिया जाएगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अपात्र लोगों को बाहर करने और वास्तविक जरूरतमंदों तक 1.20 लाख से 2.50 लाख रुपये तक की सरकारी मदद पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए यह डिजिटल कदम उठाया गया है।
ई-केवाईसी नहीं कराने पर क्या होगा नुकसान?
कई लाभार्थी समय पर औपचारिकताएं पूरी न करने के कारण वित्तीय सहायता से वंचित रह जाते हैं। यदि आपकी ई-केवाईसी पूरी नहीं होती है, तो निम्नलिखित दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है:
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किस्त का भुगतान रुकना: मकान निर्माण की पहली, दूसरी या तीसरी किस्त का डीबीटी ट्रांसफर सिस्टम द्वारा स्वतः ब्लॉक हो जाएगा।
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लाभार्थी सूची से नाम हटना: भौतिक सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड मेल न खाने पर आवेदन को संदिग्ध या अमान्य मानकर निरस्त किया जा सकता है।
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बैंक खाता अन-लिंक्ड होना: आधार सीडिंग और एनपीसीआई (NPCI) मैपिंग न होने से सरकारी अनुदान खाते में क्रेडिट नहीं होगा।
ई-केवाईसी प्रक्रिया शुरू करने से पहले जरूरी दस्तावेज
अपने मोबाइल फोन से केवल 5 मिनट में प्रक्रिया पूरी करने के लिए लाभार्थियों के पास कुछ बुनियादी विवरण तैयार होने चाहिए:
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लाभार्थी का 12 अंकों का वैध आधार कार्ड।
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आधार कार्ड से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर (जिस पर ओटीपी आ सके)।
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आधार सीडेड बैंक या पोस्ट ऑफिस बचत खाता।
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ग्रामीण लाभार्थियों के लिए मनरेगा जॉब कार्ड नंबर (यदि उपलब्ध हो)।
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स्मार्टफोन जिसमें साफ फ्रंट कैमरा हो (फेस ऑथेंटिकेशन के लिए)।
ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थी (PMAY-G): Awaas+ ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन ऐसे करें
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत ई-केवाईसी की प्रक्रिया को बेहद आधुनिक बनाया गया है, जिसे लाभार्थी खुद अपने मोबाइल से या ग्राम पंचायत के सर्वेयर के माध्यम से पूरा कर सकते हैं:
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ऐप डाउनलोड करें: गूगल प्ले स्टोर से आधिकारिक Awaas+ 2024 ऐप और यूआईडीएआई का Aadhaar FaceRD ऐप डाउनलोड करें।
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सेल्फ सर्वे चुनें: ऐप ओपन करके 'Self-Survey' विकल्प पर जाएं और अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
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आधार नंबर दर्ज करें: अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें और 'Aadhaar Based e-KYC' विकल्प का चयन करें।
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फेस ऑथेंटिकेशन: कैमरे के सामने पर्याप्त रोशनी में सीधे बैठें और ऐप के निर्देशों के अनुसार पलकें झपकाएं। चेहरा सत्यापित होते ही आपकी ई-केवाईसी ग्रीन टिक के साथ प्रमाणित हो जाएगी।
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जियो-टैगिंग और सबमिशन: इसके बाद मौजूदा कच्चे घर और प्रस्तावित निर्माण स्थल की जियो-टैग्ड फोटो खींचकर फॉर्म फाइनल सबमिट कर दें।
शहरी क्षेत्र के लाभार्थी (PMAY-U 2.0): पोर्टल से ओटीपी वेरिफिकेशन का तरीका
शहरी क्षेत्र के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी उनके ऑनलाइन असेसमेंट और आवेदन के साथ सीधे आधार ओटीपी के जरिए पूरी होती है:
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पोर्टल पर जाएं: आधिकारिक वेबसाइट pmaymis.gov.in पर जाएं और 'Apply for PMAY-U 2.0 / Citizen Assessment' पर क्लिक करें।
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आधार सत्यापन: अपना आधार नंबर दर्ज करें और आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए 6 अंकों के ओटीपी को सबमिट करें।
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डेटा मिलान: यूआईडीएआई से आपका नाम, जन्मतिथि, लिंग और फोटो स्वतः स्क्रीन पर आ जाएगी। अपनी सहमति (Consent) पर टिक करें।
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बैंक विवरण भरें: डीबीटी इनेबल्ड बैंक खाते की जानकारी दर्ज करें और आवेदन सबमिट करके एप्लीकेशन आईडी सुरक्षित रख लें।
ई-केवाईसी और आवेदन का स्टेटस ऑनलाइन कैसे जांचें?
प्रक्रिया पूरी करने के बाद लाभार्थी यह जांच सकते हैं कि उनका सत्यापन सफल हुआ है या नहीं। इसके लिए ग्रामीण लाभार्थी awaasplus.pmayg.dord.gov.in या pmayg.nic.in पर जाकर 'Stakeholders' मेन्यू में 'IAY/PMAYG Beneficiary' पर क्लिक करें। वहां अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर दर्ज करके सर्च करें। स्क्रीन पर ई-केवाईसी स्टेटस, स्वीकृति पत्र और रिलीज की गई किस्त की पूरी जानकारी दिखाई देगी। वहीं शहरी आवेदक pmaymis.gov.in पर 'Track Assessment Status' में जाकर अपनी एप्लीकेशन आईडी दर्ज करके रियल-टाइम स्टेटस देख सकते हैं। किसी भी प्रकार की तकनीकी अड़चन आने पर लाभार्थी अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।