चक्रवात 'अर्नब' का रेलवे पर बड़ा असर: 30 अक्टूबर तक 58 से अधिक ट्रेनें रद्द, वंदे भारत समेत कई का बदला समय
बंगाल की खाड़ी में उठे अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) के आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में टकराने की चेतावनी के बीच भारतीय रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान के लैंडफॉल के समय हवाओं की गति 125 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और मूसलाधार बारिश से तटीय रेल पटरियों के जलमग्न होने व सिग्नलिंग पोल क्षतिग्रस्त होने का अंदेशा है। इसी जोखिम को ध्यान में रखते हुए दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) और दक्षिण तटीय रेलवे (SCoR) ने 27 अक्टूबर से लेकर 30 अक्टूबर 2026 तक चलने वाली 58 से अधिक महत्वपूर्ण ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने की आधिकारिक घोषणा की है। इसके साथ ही दर्जनों लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट में बदलाव (Diversion), कई को बीच रास्ते में ही समाप्त (Short-Termination) और समय में फेरबदल (Rescheduling) किया गया है।
रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों की सूची: वंदे भारत, फलकनुमा और गोदावरी एक्सप्रेस शामिल
रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली प्रीमियम और सुपरफास्ट ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं:
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वंदे भारत एक्सप्रेस (दोनों दिशाओं से): सिकंदराबाद-विशाखापट्टनम वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20707/20708 और 20833/20834) को 28 अक्टूबर के लिए पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।
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फलकनुमा सुपरफास्ट एक्सप्रेस: सिकंदराबाद-हावड़ा फलकनुमा एक्सप्रेस (12704) 27 और 28 अक्टूबर तथा हावड़ा-सिकंदराबाद फलकनुमा एक्सप्रेस (12703) 29 अक्टूबर को रद्द रहेगी।
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गोदावरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस: हैदराबाद-विशाखापट्टनम गोदावरी एक्सप्रेस (12728/12727) को दोनों दिशाओं से 27 और 28 अक्टूबर के लिए निरस्त किया गया है।
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गरीबरथ एक्सप्रेस: सिकंदराबाद-विशाखापट्टनम गरीबरथ (12740/12739) को 27 और 28 अक्टूबर को रद्द रखने का फैसला हुआ है।
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काकीनाडा और नरसापुर रूट की गाड़ियां: लिंगमपल्ली-काकीनाडा टाउन कोकनाडा एक्सप्रेस (12776/12775), लिंगमपल्ली-काकीनाडा पोर्ट गौतमी एक्सप्रेस (12738/12737) और नरसापुर एक्सप्रेस 27 व 28 अक्टूबर को नहीं चलेंगी।
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किरंदुल-कोरापुट पैसेंजर सेवाएं: विशाखापट्टनम-किरंदुल नाइट एक्सप्रेस (18515/18516) और किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर (58501/58502) को 27 से 30 अक्टूबर तक पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।
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रत्नचल और उदय एक्सप्रेस: विजयवाड़ा-विशाखापट्टनम रत्नचल एक्सप्रेस (12718/12717) और विशाखापट्टनम-गुंटूर उदय एक्सप्रेस (22875/22876) 28 अक्टूबर को संचालित नहीं होंगी।
कई ट्रेनों को किया गया शॉर्ट-टर्मिनेट और डायवर्ट
पटरियों पर संभावित जलभराव और तेज आंधी के कारण रेलवे ने कई प्रमुख ट्रेनों के रूट को छोटा कर दिया है:
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हीराखंड एक्सप्रेस (18447/18448): भुवनेश्वर से जगदलपुर के बीच चलने वाली यह ट्रेन 27 से 30 अक्टूबर के दौरान केवल रायगड़ा तक ही चलेगी और वहीं से वापस भुवनेश्वर के लिए रवाना होगी (रायगड़ा-जगदलपुर सेक्शन रद्द)।
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नागरसोल-नरसापुर एक्सप्रेस (12788): 27 अक्टूबर को यह ट्रेन केवल चरलापल्ली तक चलाई जा रही है और चरलापल्ली से नरसापुर के बीच इसे आंशिक रूप से निरस्त किया गया है।
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तिरुपति-विशाखापट्टनम तिरुमला एक्सप्रेस (18522): यह ट्रेन अपनी पूरी यात्रा के बजाय रेनिगुंटा पर ही समाप्त कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, दक्षिण भारत से उत्तर भारत और बिहार/पूर्वांचल की ओर जाने वाली कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को विजयवाड़ा-विशाखापट्टनम मुख्य तटीय लाइन से हटाकर बल्हारशाह, नागपुर और रायपुर के वैकल्पिक सुरक्षित अंतर्देशीय मार्गों पर डायवर्ट किया जा रहा है।
रेलवे की इमरजेंसी तैयारी: दुर्घटना राहत ट्रेनें और ट्रैक पेट्रोलिंग तैनात
चक्रवात के भीषण रूप को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने तटीय रेल मंडलों (विजयवाड़ा, विशाखापट्टनम, गुंतकल और संबलपुर) में 24 घंटे का वॉर रूम स्थापित किया है। किसी भी अप्रत्याशित हादसे या ट्रैक टूटने की स्थिति से निपटने के लिए काजीपेट, दोरनाकल और विजयवाड़ा में बोल्डर (बड़े पत्थरों), रेत की बोरियों और लकड़ी के स्लीपरों से लदी विशेष राहत ट्रेनें स्टैंडबाय पर रखी गई हैं। इसके साथ ही एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन्स (ART) और मेडिकल रिलीफ इक्विपमेंट वैन (ARME) को डॉक्टर्स की टीम के साथ मुस्तैद रखा गया है। संवेदनशील पुलों और पानी के तेज बहाव वाले कॉजवे पर रेल कर्मचारियों की विशेष पेट्रोलिंग टीमें तैनात की गई हैं, ताकि पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर जाते ही सिग्नल को तुरंत रेड किया जा सके।
IRCTC का पूरा रिफंड और पैसेंजर्स के लिए हेल्पडेस्क नियम
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक आपदा और चक्रवात के चलते जिन ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है, उनके यात्रियों को पूरा किराया (Full Refund) वापस किया जाएगा:
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ऑनलाइन टिकट धारक: जिन यात्रियों ने IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ई-टिकट बुक किए हैं, उन्हें टिकट कैंसिल करने की कोई जरूरत नहीं है। सिस्टम द्वारा ट्रेन रद्द होते ही 3 से 5 कार्यदिवसों के भीतर पूरा पैसा उसी बैंक खाते या वॉलेट में ऑटो-रिफंड कर दिया जाएगा जिससे भुगतान हुआ था।
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काउंटर पीआरएस (PRS) टिकट: रेलवे स्टेशन के काउंटर से खरीदे गए टिकटों का रिफंड पाने के लिए यात्री यात्रा की तारीख के 72 घंटे के भीतर किसी भी कंप्यूटराइज्ड रिजर्वेशन काउंटर पर जाकर अपनी मूल टिकट जमा करके नकद रिफंड प्राप्त कर सकते हैं।
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हेल्पलाइन नंबर: यात्री अपनी ट्रेन का लाइव रनिंग स्टेटस और पुनर्निर्धारित समय जानने के लिए रेलवे के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर सहायता केंद्र (Helpdesks) सक्रिय कर दिए गए हैं ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
यात्रियों के लिए आवश्यक सलाह: घर से निकलने से पहले स्टेटस जरूर जांचें
यदि आप 27 से 30 अक्टूबर के बीच पूर्वी तटीय मार्ग, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल या दक्षिण भारत की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो रेलवे स्टेशनों के लिए रवाना होने से पहले अपनी ट्रेन का वास्तविक समय और संचालन स्थिति अवश्य चेक कर लें। रेलवे द्वारा यात्रियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों पर एसएमएस के जरिए बदलावों की सीधी सूचना भेजी जा रही है। यात्री 'NTES' (National Train Enquiry System) ऐप या IRCTC पोर्टल पर लाइव स्टेटस देखकर ही घर से निकलें ताकि चक्रवात की विभीषिका के बीच किसी स्टेशन पर अनावश्यक रूप से फंसने से बचा जा सके।