सऊदी पर मिसाइल हमले के बाद भी क्रूड ऑयल में भारी उतार-चढ़ाव: $106 के उछाल के बाद फिसलने लगे दाम; क्या भारत में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते सैन्य तनाव और तेल निर्यातक देशों पर मंडराते हमलों के साए के बीच अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में कच्चे तेल (Crude Oil) की चाल ने विश्लेषकों को हैरान कर दिया है। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र यानबु (Yanbu) और ताइफ को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की खबर के बाद शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड में लगभग 3% से 5% का तेज उछाल आया और यह $106.60 प्रति बैरल तक पहुंच गया। हालांकि, इस गंभीर भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद कच्चे तेल की तेजी टिक नहीं सकी और वायदा बाजार में भाव फिसलकर $105 प्रति बैरल के आसपास आ गए।
आम तौर पर जब भी सऊदी अरब जैसे दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश के बुनियादी ढांचे पर हमला होता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम आसमान छूने लगते हैं। लेकिन इस बार मिसाइल हमलों की खबरों के बाद भी तेल की कीमतों में ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली और गिरावट का रुख देखने को मिला है। इस अप्रत्याशित ट्रेंड ने भारतीय उपभोक्ताओं और वाहन चालकों के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आगामी दिनों में घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम सस्ते हो सकते हैं।
हमले के बावजूद क्यों गिरे कच्चे तेल के दाम? जानिए 3 बड़े कारण
कमोडिटी और एनर्जी मार्केट एनालिस्ट्स के अनुसार, सऊदी पर हमलों के बाद भी कीमतों पर लगाम लगने और ऊपरी स्तरों से गिरावट आने के पीछे तीन प्रमुख वैश्विक कारण हैं:
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छह मिसाइलें हवा में इंटरसेप्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित: सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने स्पष्ट किया कि यमन से दागी गई सभी 6 बैलिस्टिक मिसाइलों को सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया। यानबु तेल रिफाइनरी और रेड सी एक्सपोर्ट टर्मिनल को कोई भौतिक नुकसान नहीं पहुंचा, जिससे तत्काल सप्लाई बाधित होने का डर खत्म हो गया।
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सऊदी अरब का स्ट्रैटेजिक सप्लाई डायवर्जन: ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर दबाव के बावजूद सऊदी अरामको ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए अपने शिपमेंट्स को बढ़ाकर 29 लाख से 40 लाख बैरल प्रति दिन तक पहुंचा दिया है। वैश्विक बाजार में सऊदी तेल का प्रवाह मजबूत बना हुआ है, जिससे आपूर्ति संकट टल गया।
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अमेरिका-ईरान कूटनीतिक बातचीत की उम्मीदें: न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठकों के दौरान पर्दे के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की निर्बाध आवाजाही को लेकर संभावित शांति समझौते की खबरों ने बाजार से 'वॉर प्रीमियम' (Risk Premium) को काफी हद तक कम कर दिया है।
क्या भारत में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
कच्चे तेल में $106 के उच्च स्तर से आई हल्की नरमी के बावजूद भारतीय खुदरा बाजार में तत्काल पेट्रोल और डीजल सस्ता होने की संभावना बेहद कम नजर आ रही है। इसके पीछे का गणित समझना आवश्यक है:
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$100 से ऊपर क्रूड का स्तर कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण: भारतीय तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के वित्तीय मॉडल के अनुसार, जब तक ब्रेंट क्रूड $75 से $80 प्रति बैरल के दायरे में नहीं रहता, तब तक खुदरा कीमतों में कटौती की गुंजाइश नहीं बनती। वर्तमान में क्रूड का $100 से $105 के स्तर पर बने रहना रिफाइनिंग और मार्केटिंग मार्जिन पर भारी दबाव डाल रहा है।
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सरकारी तेल कंपनियों की भरपाई नीति: जब कच्चा तेल अत्यधिक महंगा होता है, तब कंपनियां घरेलू कीमतों को स्थिर रखकर अंडर-रिकवरी (नुकसान) झेलती हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में $2-$3 की मामूली गिरावट का लाभ अंतिम ग्राहकों को देने के बजाय कंपनियां अपने घाटे की भरपाई के लिए इस्तेमाल करती हैं।
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रुपये की विनिमय दर: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये पर बने दबाव के चलते आयातित तेल का बिल ऊंचा बना हुआ है, जिससे खुदरा कीमतों में कटौती की संभावना सीमित हो जाती है।
प्रमुख महानगरों में आज पेट्रोल-डीजल की स्थिति
देश के चार बड़े महानगरों में पेट्रोल और डीजल की दरें आज भी पूरी तरह स्थिर बनी हुई हैं:
| महानगर | पेट्रोल (₹ प्रति लीटर) | डीजल (₹ प्रति लीटर) | स्थिति |
| नई दिल्ली | ₹94.72 | ₹87.62 | स्थिर |
| मुंबई | ₹104.21 | ₹92.15 | स्थिर |
| कोलकाता | ₹103.94 | ₹90.76 | स्थिर |
| चेन्नई | ₹100.75 | ₹92.34 | स्थिर |
उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि यदि अमेरिका-ईरान वार्ता सफल होती है और मध्य पूर्व में तनाव शांत होने से ब्रेंट क्रूड टूटकर $85-$90 के नीचे आता है, तभी त्योहारी सीजन में सरकार और तेल कंपनियां उत्पाद शुल्क में रियायत या खुदरा मूल्य में ₹2 से ₹3 प्रति लीटर की राहत देने पर विचार कर सकती हैं। तब तक घरेलू बाजार में मौजूदा कीमतों के ही स्थिर रहने के पूरे आसार हैं।