Central Government Bonus 2026: दिवाली पर केंद्र के किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस? ₹6,908 तक का एड-हॉक भुगतान, जानें पात्रता नियम

Central Government Bonus 2026: दिवाली पर केंद्र के किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस? ₹6,908 तक का एड-हॉक भुगतान, जानें पात्रता नियम

दिवाली के त्योहारी सीजन में केंद्र सरकार ने लाखों कर्मचारियों को बड़ा वित्तीय संबल देते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दिवाली बोनस का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। वित्त मंत्रालय के अधीन व्यय विभाग (Department of Expenditure) ने राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस यानी तदर्थ (Ad-hoc) बोनस का आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) जारी किया है। इस घोषणा के बाद से ही केंद्रीय सचिवालयों, स्वायत्त संस्थानों, सुरक्षा बलों और विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मियों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि इस बोनस योजना का वास्तविक लाभ किन कर्मचारियों को मिलेगा और किन्हें इस दायरे से बाहर रखा गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित केंद्रीय संस्थानों, रेलवे मंडलों, डाक परिमंडलों और केंद्रीय आयुध डिपो से लेकर दिल्ली के मंत्रालयों तक लाखों कर्मचारी इस भुगतान का इंतजार कर रहे हैं, ताकि त्योहार से पहले उनके बैंक खातों में यह रकम जमा हो सके।

ग्रुप 'सी' और गैर-राजपत्रित ग्रुप 'बी' के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

व्यय विभाग के आदेश के अनुसार, इस 30 दिवसीय नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड (Ad-hoc) बोनस का मुख्य लाभ केंद्र सरकार के सभी ग्रुप 'सी' (Group C) कर्मचारियों और ग्रुप 'बी' (Non-Gazetted Group B) के उन सभी गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को दिया जाएगा जो किसी भी प्रकार की प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) योजना के अंतर्गत कवर नहीं होते हैं। केंद्रीय मंत्रालयों के क्लर्क, मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS), आशुलिपिक, सेक्शन असिस्टेंट और प्रशासनिक संवर्ग के ऐसे कर्मचारी जिन्हें उत्पादकता आधारित बोनस नहीं मिलता, वे सभी इस व्यवस्था के सीधे लाभार्थी हैं। राजपत्रित अधिकारियों (Gazetted Officers) को इस एड-हॉक बोनस योजना से पूरी तरह बाहर रखा गया है।

अर्धसैनिक बल (CAPF) और सशस्त्र बलों के जवान भी दायरे में शामिल

केंद्र सरकार ने सीमा और आंतरिक सुरक्षा में तैनात जवानों के सम्मान को ध्यान में रखते हुए इस योजना में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और भारतीय सशस्त्र बलों के पात्र कर्मियों को भी समान रूप से शामिल किया है। इसके तहत सीआरपीएफ (CRPF), बीएसएफ (BSF), सीआईएसएफ (CISF), आईटीबीपी (ITBP), एसएसबी (SSB) और असम राइफल्स के गैर-राजपत्रित जवान व रक्षा बलों के योग्य कार्मिक इस 30 दिनों के एड-हॉक बोनस का लाभ उठा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के वे कर्मचारी जो केंद्र सरकार के वेतनमान ढांचे का पालन करते हैं और किसी अन्य राज्य स्तरीय या विशेष बोनस स्कीम का लाभ नहीं ले रहे हैं, वे भी इस भुगतान के पात्र होंगे।

31 मार्च 2026 तक की सेवा और न्यूनतम 6 महीने का अनिवार्य नियम

बोनस की पात्रता तय करने के लिए वित्त मंत्रालय ने कुछ कड़े और स्पष्ट नियम निर्धारित किए हैं:

  • 31 मार्च 2026 को सेवा में होना: सामान्य पात्रता नियम के तहत कर्मचारी का 31 मार्च 2026 को सेवा में सक्रिय होना अनिवार्य है।

  • न्यूनतम 6 महीने की निरंतर सेवा: वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान संबंधित कर्मचारी ने कम से कम 6 महीने की निरंतर सेवा पूरी की हो। जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि 6 महीने से 1 वर्ष के बीच है, उन्हें आनुपातिक (Pro-rata) आधार पर बोनस राशि दी जाएगी।

  • सेवानिवृत्ति और विशेष मानवीय मामले: यदि कोई कर्मचारी 31 मार्च 2026 से पहले अधिवर्षिता (Superannuation) पर सेवानिवृत्त हुआ है, चिकित्सीय अक्षमता (Medical Invalidation) के आधार पर सेवामुक्त हुआ है, या उसका सेवाकाल के दौरान असामयिक निधन हुआ है, तो उसे भी कम से कम 6 महीने की सेवा पूरी होने पर आनुपातिक बोनस का लाभ दिया जाएगा।

  • इस्तीफे पर नो-बोनस: यदि किसी कर्मचारी ने 31 मार्च 2026 से पहले पद से स्वैच्छिक त्यागपत्र (Resignation) दे दिया है, तो वह इस बोनस का हकदार नहीं होगा।

  • डेपुटेशन का नियम: जो केंद्रीय कर्मचारी राज्य सरकारों, यूटी प्रशासनों या पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर हैं, उन्हें मूल विभाग से यह बोनस नहीं मिलेगा, बल्कि वे जिस संस्था में कार्यरत हैं, वहां लागू नियमावली के आधार पर उनके बोनस का फैसला होगा।

अधिकतम ₹6,908 का बोनस: कैसे होती है इसकी सटीक गणना

केंद्र सरकार के एड-हॉक बोनस की गणना के लिए मासिक वेतन की अधिकतम सीमा (Calculation Ceiling) ₹7,000 प्रति माह तय की गई है। भले ही 7वें वेतन आयोग के बाद किसी कर्मचारी की बेसिक पे ₹18,000 या ₹35,000 हो, लेकिन बोनस की गणना ₹7,000 की वैधानिक सीलिंग पर ही की जाती है।

  • एक दिन का बोनस: ₹7,000 ÷ 30.4 (महीने के औसत दिन) = ₹230.26

  • 30 दिनों का कुल देय बोनस: ₹230.26 × 30 = ₹6,907.89

  • अंतिम भुगतान: निकटतम रुपये में राउंड ऑफ करने पर यह राशि ₹6,908 निर्धारित होती है।

यदि किसी कर्मचारी का मासिक परिलाभ ₹7,000 से कम है, तो उसकी गणना वास्तविक वेतन पर की जाती है। वहीं आनुपातिक सेवा वाले कर्मचारियों के लिए महीनों की संख्या के आधार पर इसे प्रो-राटा विभाजित किया जाता है।

कैजुअल लेबर (Casual Labourers) के लिए भी तय किए गए विशेष नियम

मंत्रालय ने सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले दिहाड़ी और कैजुअल श्रमिकों को भी बोनस का अधिकार दिया है। जिन कार्यालयों में सप्ताह में 6 दिन काम होता है, वहां कैजुअल श्रमिक का पिछले 3 वर्षों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन कार्य करना आवश्यक है। 5-दिवसीय सप्ताह वाले दफ्तरों में यह न्यूनतम उपस्थिति प्रति वर्ष 206 दिन निर्धारित की गई है। ऐसे पात्र श्रमिकों के लिए ₹1,200 की परिकल्पित मासिक सीलिंग के आधार पर ₹1,184 का एकमुश्त बोनस स्वीकृत किया गया है।

रेलवे और डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस अलग

केंद्रीय कर्मचारियों के बीच एक बड़ा वर्ग रेलवे (Indian Railways) और डाक विभाग (Department of Posts) का है। इन दोनों विभागों के कर्मचारियों को नॉन-पीएलबी (एड-हॉक) बोनस के बजाय 'प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस' (PLB) दिया जाता है। रेल मंत्रालय अपने गैर-राजपत्रित रेलकर्मियों को 78 दिनों का बोनस प्रदान करता है, जो ₹7,000 की सीलिंग के आधार पर अधिकतम ₹17,951 तक पहुंचता है। वहीं, डाक विभाग के ग्रुप 'सी', मल्टी-टास्किंग स्टाफ और ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) को 60 दिनों का पीएलबी बोनस मिलता है, जो ₹13,816 तक बनता है। इन दोनों विभागों के आदेश संबंधित मंत्रालयों द्वारा अलग से जारी किए जाते हैं।

दिवाली से ठीक पहले खातों में क्रेडिट होगी रकम

व्यय विभाग ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और वित्तीय सलाहकारों को निर्देशित किया है कि बोनस पर आने वाला व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के स्वीकृत बजट प्रावधानों के भीतर से ही पूरा किया जाए। यह राशि सीधे कर्मचारियों के वेतन खाते में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर (PFMS) के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी। यह बोनस पूरी तरह वेतन आय का हिस्सा माना जाता है और कर्मचारी के संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर नियमानुसार टीडीएस व टैक्स लागू होता है। धनतेरस और दीपावली के खर्चों के बीच सरकार की इस समयबद्ध मंजूरी से लाखों कर्मचारियों के परिवारों में त्योहारी उमंग बढ़ना तय है।