BSNL Investment Plan: सरकारी टेलीकॉम कंपनी 5 साल में ₹77000 करोड़ निवेश करेगी, 2 लाख नए 4G टावर लगाएगी
सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) निजी टेलीकॉम ऑपरेटरों को कड़ी टक्कर देने और अपनी नेटवर्क कनेक्टिविटी में सुधार लाने के लिए एक नए और बड़े वित्तीय पुनरुद्धार योजना की तैयारी में जुट गई है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने संसद की संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति के सामने यह खुलासा किया है कि BSNL ने अगले 5 वर्षों के लिए ₹77,000 करोड़ के पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure - Capex) का मास्टर प्लान पेश किया है। इस बड़े निवेश का मुख्य उद्देश्य देश भर में 2 लाख नए स्वदेशी 4G मोबाइल टावर (साइट्स) स्थापित करना, चुनिंदा व्यावसायिक और अधिक ट्रैफिक वाले क्षेत्रों में 5G सेवाओं की शुरुआत करना और कंपनी को वित्तीय रूप से मजबूत बनाना है।
FY29 तक ऑपरेशनल ब्रेक-ईवन हासिल करने का नया लक्ष्य
दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा संसद की समिति को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, BSNL अब वित्त वर्ष 2028-29 (FY29) तक परिचालन स्तर (Operational Level) पर ब्रेक-ईवन (लाभ-हानि रहित स्थिति) हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इससे पहले कंपनी ने ब्रेक-ईवन के लिए वित्त वर्ष 2031-32 (FY32) का अनुमानित समय तय किया था। सरकार का मानना है कि बुनियादी ढांचे के इस आधुनिक विस्तार से कंपनी की कवरेज क्षमता बढ़कर 98 प्रतिशत देशव्यापी कवरेज तक पहुंच जाएगी, जिससे ग्राहकों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होगी और राजस्व के नए रास्ते खुलेंगे।
2 लाख नए 4G साइट्स और स्वदेशी 5G रोलआउट पर फोकस
BSNL के इस ₹77,000 करोड़ के विस्तृत निवेश रोडमैप के तहत देश के उन दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों तक नेटवर्क पहुंचाया जाएगा, जहां निजी कंपनियों की कनेक्टिविटी सीमित है। आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक (C-DoT और TCS/तेजस नेटवर्क के कोर सॉफ्टवेयर) पर आधारित 4G नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही, कंपनी हाई-स्पीड इंटरनेट की मांग को पूरा करने के लिए वाणिज्यिक और शहरी केंद्रों में तेजी से स्वदेशी 5G सेवाओं का ट्रायल व रोलआउट पूरा करेगी। ग्राहक सेवा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक एकीकृत कस्टमर सपोर्ट सिस्टम भी विकसित किया जाएगा।
BSNL और Vodafone Idea के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग का सुझाव
संसद की स्थायी समिति ने दूरसंचार विभाग से यह भी सिफारिश की है कि वह BSNL और निजी क्षेत्र की तीसरी बड़ी कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) के बीच बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग (Infrastructure Sharing) पर जल्द निर्णय ले। चूंकि सरकार के पास वोडाफोन आइडिया की भी बड़ी हिस्सेदारी है, इसलिए दोनों कंपनियों के बीच मोबाइल टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) और स्पेक्ट्रम का संयुक्त उपयोग करने से दोहरा खर्च बचेगा और दोनों कंपनियों की परिचालन लागत (Operational Costs) में भारी कमी आएगी।
वित्तीय स्थिति और आगामी चुनौतियां
BSNL के पिछले वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो नेटवर्क विस्तार और स्पेक्ट्रम खर्च के कारण कंपनी पर मूल्यह्रास (Depreciation) का दबाव बढ़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 में BSNL का राजस्व बढ़कर ₹21,199 करोड़ के स्तर पर पहुंचने के बावजूद इसका घाटा बढ़कर ₹4,738 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, सरकार द्वारा स्वीकृत राहत पैकेजों के तहत अतिरिक्त ₹21,588 करोड़ की पूंजी डालने की प्रक्रिया भी जारी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि BSNL समय सीमा के भीतर अपने 2 लाख नए 4G टावर चालू कर लेती है, तो यह भारतीय दूरसंचार बाजार में प्रतिस्पर्धा को एक नया और उपभोक्ता-अनुकूल मोड़ देगी।