यूट्यूब क्रिएटर्स की बल्ले-बल्ले! शॉपिंग प्रोग्राम में जुड़े Amazon-Meesho समेत 5 दिग्गज ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स, फेस्टिव सेल से पहले होगी बंपर कमाई

यूट्यूब क्रिएटर्स की बल्ले-बल्ले! शॉपिंग प्रोग्राम में जुड़े Amazon-Meesho समेत 5 दिग्गज ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स, फेस्टिव सेल से पहले होगी बंपर कमाई

त्योहारी सीजन की महासेल से ठीक पहले यूट्यूब ने भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। गूगल के स्वामित्व वाले वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब ने अपने 'यूट्यूब शॉपिंग एफिलिएट प्रोग्राम' (YouTube Shopping Affiliate Program) का बड़ा विस्तार करते हुए देश के 5 प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को अपने साथ जोड़ लिया है। अब क्रिएटर्स अपने लॉन्ग वीडियो, यूट्यूब शॉर्ट्स और लाइवस्ट्रीम में सीधे इन दिग्गज रिटेलर्स के प्रोडक्ट्स को टैग कर सकेंगे। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु से लेकर टियर-2 और टियर-3 शहरों के लाखों रीजनल और इंडिपेंडेंट क्रिएटर्स के लिए यह फैसला त्योहारी सीजन में कमाई के नए दरवाजे खोलने वाला साबित होगा।

यूट्यूब शॉपिंग में शामिल हुए ये 5 नए दिग्गज प्लेटफॉर्म्स

यूट्यूब शॉपिंग इकोसिस्टम में पहले से ही फ्लिपकार्ट, मिंत्रा, नायका, पर्पल, शॉपसी और तीरा जैसे प्लेटफॉर्म शामिल थे। अब इस नेटवर्क में 5 नए दिग्गज मर्चेंट पार्टनर्स की आधिकारिक एंट्री हो गई है:

  1. अमेजन (Amazon India): दुनिया के सबसे बड़े ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस के लाखों इलेक्ट्रॉनिक्स, होम अप्लायंसेज और फेस्टिव प्रोडक्ट्स अब टैगिंग के लिए उपलब्ध होंगे।

  2. मीशो (Meesho): बजट-फ्रेंडली, टियर-2/टियर-3 ऑडियंस और वैल्यू-फोकस्ड फैशन प्रोडक्ट्स के लिए लोकप्रिय प्लेटफॉर्म।

  3. आजियो (AJIO): रिलायंस रिटेल का यह प्रमुख फैशन डेस्टिनेशन युवाओं और ट्रेंडी अपैरल की बड़ी रेंज पेश करता है।

  4. टाटा क्लिक (Tata CLiQ): टाटा ग्रुप का यह प्रीमियम लाइफस्टाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स प्लेटफॉर्म हाई-वैल्यू परचेज के अवसर देगा।

  5. स्नैपडील (Snapdeal): अफोर्डेबल और रीजनल कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की विस्तृत रेंज उपलब्ध कराने वाला मार्केटप्लेस।

इन नए पार्टनर्स के आने से अब फैशन, ब्यूटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, होम डेकोर और ग्रॉसरी जैसे हर सेगमेंट के प्रोडक्ट्स एक ही जगह उपलब्ध हो गए हैं, जिससे दर्शकों को वीडियो देखते-देखते खरीदारी करने का सहज अनुभव मिलेगा।

क्रिएटर्स की कमाई में 160% का भारी उछाल

यूट्यूब के आंकड़ों के अनुसार, भारत में क्रिएटर-लेड कॉमर्स तेजी से मुख्यधारा बन रहा है। साल 2025 और 2026 की पहली तिमाही के बीच भारतीय क्रिएटर्स को मिलने वाले औसत पेआउट में 160% से अधिक की जोरदार सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। यह वैश्विक स्तर पर दर्ज की गई 100% की औसत वृद्धि दर से कहीं आगे है।

वर्तमान में भारत के 50% से अधिक योग्य क्रिएटर्स यूट्यूब शॉपिंग प्रोग्राम में एनरोल हो चुके हैं। भारतीय क्रिएटर्स अब तक 1.9 करोड़ (19 मिलियन) से अधिक वीडियोज में प्रोडक्ट्स को सफलतापूर्वक टैग कर चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक, देश में 45 करोड़ से ज्यादा लॉग-इन यूजर्स यूट्यूब पर शॉपिंग से जुड़े रिव्यूज और कंटेंट सर्च करते हैं।

क्रिएटर्स और दर्शकों के लिए नए AI टूल्स भी लॉन्च

शॉपिंग अनुभव को और आसान बनाने के लिए यूट्यूब ने कई अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फीचर्स भी पेश किए हैं:

  • आस्क यूट्यूब फॉर शॉपिंग (Ask YouTube for Shopping): इस फीचर के जरिए दर्शक वीडियो के वॉच पेज पर ही प्रोडक्ट से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे। स्मार्ट टीवी पर वीडियो देख रहे यूजर्स रिमोट में वॉइस कमांड देकर भी प्रोडक्ट की पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

  • ग्लोबल ऑडियंस के लिए स्मार्ट करेंसी टैग्स: अगर किसी भारतीय क्रिएटर का वीडियो विदेश में देखा जाता है, तो यूट्यूब दर्शक की लोकेशन के अनुसार वहां की लोकल करेंसी और स्थानीय रिटेलर्स के ऑफर्स दिखाएगा। इससे भारतीय क्रिएटर्स विदेशी व्यूअर्स से भी आसानी से इंटरनेशनल एफिलिएट कमीशन कमा सकेंगे।

  • आस्क स्टूडियो फॉर ब्रांड पार्टनरशिप्स (Ask Studio for Brand Partnerships): यह जनरेटिव एआई टूल क्रिएटर्स को यूट्यूब स्टूडियो के अंदर ही ब्रांड्स के लिए आकर्षक पिच बनाने और ब्रांड ब्रीफ का तुरंत जवाब देने में मदद करेगा।

क्रिएटर्स कैसे उठाएं इस मौके का फायदा?

पारंपरिक एफिलिएट मार्केटिंग में क्रिएटर्स को डिस्क्रिप्शन बॉक्स में लंबे-लंबे लिंक्स डालने पड़ते थे, जिससे यूजर्स ऐप से बाहर चले जाते थे। अब यूट्यूब शॉपिंग के जरिए वीडियो स्क्रीन के नीचे ही एक डिजिटल शेल्फ दिखती है, जहां दर्शक सीधे क्लिक करके खरीदारी कर सकते हैं।

क्रिएटर्स अपने 500 से अधिक सब्सक्राइबर्स वाले मोनेटाइज्ड चैनल के जरिए पुराने और नए वीडियोज में ट्रेंडिंग प्रोडक्ट्स को टैग कर सकते हैं। आगामी फेस्टिव सेल (दिवाली, धनतेरस, दशहरा) के दौरान टेक अनबॉक्सिंग, फैशन हॉल्स, होम मेकओवर और गिफ्टिंग गाइड्स जैसे वीडियोज बनाकर क्रिएटर्स एफिलिएट कमीशन से अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा सकते हैं।