वीकेंड आउटिंग को नया रूप देगा बेंगलुरु का यह AI स्टार्टअप, फ्लिपकार्ट वेंचर्स और पावरहाउस से जुटाई ₹9.5 करोड़ की Funding

वीकेंड आउटिंग को नया रूप देगा बेंगलुरु का यह AI स्टार्टअप, फ्लिपकार्ट वेंचर्स और पावरहाउस से जुटाई ₹9.5 करोड़ की Funding

शहरी भागदौड़ भरी जिंदगी में वीकेंड आउटिंग और लीजर टाइम बिताने के पारंपरिक तौर-तरीकों को पूरी तरह बदलने के लिए बेंगलुरु के एक उभरते हुए टेक स्टार्टअप ने बड़ा कदम उठाया है। बेंगलुरु आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पावर्ड एक्सपीरियंस-टेक प्लेटफॉर्म 'अलाइव ऐप' (Alive App) ने अपने नए फंडिंग राउंड में 1 मिलियन डॉलर यानी करीब 9.5 करोड़ रुपये का निवेश जुटाया है। यह फंडिंग राउंड पावरहाउस वेंचर्स (Powerhouse Ventures) और ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट की निवेश शाखा 'फ्लिपकार्ट वेंचर्स' (Flipkart Ventures) के संयुक्त नेतृत्व में पूरा हुआ है।

भारत के तेजी से बढ़ते एक्सपीरियंस इकोनॉमी (Experience Economy) सेक्टर में यह निवेश काफी अहम माना जा रहा है। अब तक देश के बड़े शहरों में वीकेंड बिताने का मतलब सिर्फ किसी रेस्टोरेंट में खाना खाना, मूवी देखना या मॉल जाना ही समझा जाता था। लेकिन विवेक कुमार द्वारा स्थापित Alive App इस सोच को बदलकर लोगों को एडवेंचर, फूड, वेलनेस, आर्ट, कल्चर और नई चीजें सीखने से जुड़े एक्सक्लूसिव और क्यूरेटेड अनुभव उपलब्ध करा रहा है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य वीकेंड एक्सप्लोरेशन को एक आदत बनाना है, ताकि शहरी लोग हर हफ्ते अपने खाली समय का भरपूर और रचनात्मक आनंद ले सकें।

₹9.5 करोड़ की नई फंडिंग का कहां होगा इस्तेमाल? जानिए कंपनी की 3X ग्रोथ रणनीति

फ्लिपकार्ट वेंचर्स और पावरहाउस वेंचर्स से मिले इस नए फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी और सप्लाई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में करेगी। Alive App का लक्ष्य अपने एआई-इंजन को और अधिक एडवांस बनाना है, जिससे यूजर्स को उनके मूड, लोकेशन और प्राथमिकताओं के आधार पर पर्सनलाइज्ड वीकेंड एक्टिविटीज सुझाई जा सकें। इसके साथ ही, कंपनी आगामी कुछ महीनों में अपने रेवेन्यू में तीन गुना (3X) वृद्धि का लक्ष्य लेकर चल रही है।

कंपनी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही है कि उसने अपने सबसे बड़े और पहले बाजार यानी बेंगलुरु में पहला प्रॉफिटेबल क्वार्टर (Profitable Quarter) दर्ज कर लिया है। इस वित्तीय मजबूती के बाद कंपनी अब अन्य महानगरों में अपनी मौजूदगी को और घना करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। फ्लिपकार्ट वेंचर्स के इस निवेश के जरिए अलाइव ऐप को फ्लिपकार्ट के विशाल डिजिटल इकोसिस्टम, मेंटरशिप और कंज्यूमर रीच का भी सीधा रणनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

बेंगलुरु से दिल्ली-मुंबई तक विस्तार: 500 से ज्यादा अनोखे अनुभव और 400 क्रिएटर्स का नेटवर्क

अलाइव ऐप का दायरा अब सिर्फ आईटी हब बेंगलुरु तक ही सीमित नहीं रह गया है। पिछले छह महीनों के दौरान प्लेटफॉर्म ने तेजी से विस्तार करते हुए मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद और गोवा जैसे प्रमुख शहरों में अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। वर्तमान में इस प्लेटफॉर्म पर 500 से अधिक विभिन्न श्रेणियों के क्यूरेटेड अनुभव उपलब्ध हैं और इसके नेटवर्क में 400 से ज्यादा स्थानीय क्रिएटर्स और पार्टनर्स शामिल हो चुके हैं।

कंपनी साधारण लिस्टिंग एग्रीगेटर की तरह काम करने के बजाय क्रिएटर्स के साथ मिलकर नए और अनूठे अनुभव खुद डिजाइन और लॉन्च करती है। कंपनी हर महीने अपने प्लेटफॉर्म पर करीब 100 नए अनुभव जोड़ रही है। Alive App के संस्थापक और सीईओ विवेक कुमार का कहना है कि मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में यूजर्स का रिस्पॉन्स बेंगलुरु के शुरुआती दिनों की तुलना में कहीं अधिक तेज रहा है। भारत के मेट्रो और टियर-1 शहरों के युवा अब सामान्य सैर-सपाटे से आगे बढ़कर ऐसी एक्टिविटीज की तलाश कर रहे हैं जो यादगार हों और उन्हें नई ऊर्जा से भर दें।

निवेशकों का भरोसा: भारतीय युवाओं में क्यों बढ़ रहा है 'एक्सपीरियंस इकोनॉमी' का क्रेज?

निवेश पर टिप्पणी करते हुए पावरहाउस वेंचर्स के जनरल पार्टनर क्षितिज गोलवलकर ने कहा कि Alive App इस कैटेगरी की सबसे अलग और कैपिटल-एफिशिएंट कंपनियों में से एक है। उन्होंने रेखांकित किया कि किस तरह यह स्टार्टअप सिर्फ एक फीचर के तौर पर नहीं, बल्कि अपने पूरे बिजनेस मॉडल और ऑपरेशन्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके कंज्यूमर टेक सेक्टर में नई मिसाल पेश कर रहा है।

भारत में मिलेनियल्स और जेनरेशन-जेड (Gen-Z) के बीच भौतिक वस्तुओं पर खर्च करने के मुकाबले नए अनुभवों को जीने का रुझान तेजी से बढ़ा है। चाहे वीकेंड पर क्ले पॉटरी सीखना हो, स्टारगेजिंग नाइट कैंपिंग हो, या किसी हेरिटेज वॉक का हिस्सा बनना हो—शहरी आबादी अब इन विकल्पों के लिए पैसे खर्च करने से नहीं हिचक रही है। फ्लिपकार्ट वेंचर्स द्वारा मिला यह वित्तीय समर्थन न केवल इस स्टार्टअप के लिए नई राहें खोलेगा, बल्कि देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में लीजर-टेक और एक्सपीरियंस-टेक सेक्टर को भी एक नई दिशा प्रदान करेगा।