10 नवंबर तक बैंक खातों के री-केवाईसी (Re-KYC) पर आरबीआई की सख्त चेतावनी

10 नवंबर तक बैंक खातों के री-केवाईसी (Re-KYC) पर आरबीआई की सख्त चेतावनी

यदि आपका किसी भी सरकारी या निजी बैंक में बचत या चालू खाता है, तो यह खबर सीधे तौर पर आपके लेन-देन और बैंक बैलेंस की सुरक्षा से जुड़ी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और वित्तीय आसूचना इकाई (FIU) के कड़े नियमों के तहत बैंकों ने अपने उन सभी खाताधारकों को अंतिम चेतावनी जारी की है, जिनकी नियमित 'री-केवाईसी' (Re-KYC) प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। बैंकों द्वारा ग्राहकों को भेजे जा रहे नोटिस में 10 नवंबर की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की गई है। यदि इस निर्धारित तारीख तक ग्राहक अपनी पहचान और निवास से जुड़े अद्यतन दस्तावेज बैंक रिकॉर्ड में जमा या ऑनलाइन सत्यापित नहीं कराते हैं, तो सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उनके बैंक खातों से लेन-देन को आंशिक या पूरी तरह 'फ्रीज' (रोक) किया जा सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि आप खाते में जमा अपने ही पैसे को न तो एटीएम से निकाल सकेंगे और न ही यूपीआई (UPI) या नेट बैंकिंग के जरिए किसी को ट्रांसफर कर पाएंगे।

री-केवाईसी न कराने पर कौन-कौन सी बैंकिंग सेवाएं हो जाएंगी पूरी तरह ठप

10 नवंबर तक केवाईसी अपडेट न होने पर बैंक खातों को जोखिम श्रेणी के आधार पर 'इनऑपरेटिव' (Inoperative) या 'डेबिट फ्रीज' (Debit Freeze) की स्थिति में डाल दिया जाता है। इस स्थिति में खाताधारकों को कई तरह की गंभीर वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है:

  1. यूपीआई और कार्ड ब्लॉक: गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और भीम जैसे यूपीआई ऐप्स के जरिए होने वाले सभी लेन-देन तुरंत खारिज (Fail) होने लगेंगे और डेबिट कार्ड से कैश निकासी बंद हो जाएगी।

  2. ऑटो-डेबिट और ईएमआई बाउंस: यदि आपने होम लोन, पर्सनल लोन, कार लोन या म्यूचुअल फंड एसआईपी (SIP) के लिए ईसीएस (ECS) या नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) मैंडेट सेट कर रखा है, तो खाता फ्रीज होने से ईएमआई बाउंस हो जाएगी। इससे आपको बैंक का बाउंस चार्ज भुगतना पड़ेगा और आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर तेजी से गिर जाएगा।

  3. सरकारी योजनाओं की सब्सिडी पर रोक: एलपीजी सब्सिडी, पीएम किसान सम्मान निधि, लाडली बहना या पेंशन जैसी सरकारी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की राशि खाते में क्रेडिट होने में तकनीकी अड़चन आ सकती है।

  4. चेक और ड्राफ्ट अटकना: बैंक आपके जारी किए गए चेक का भुगतान रोक देगा, जिससे कारोबारी लेन-देन में कानूनी विवाद की नौबत आ सकती है।

ग्राहकों की जोखिम श्रेणी के अनुसार कितने समय में करानी होती है री-केवाईसी

आरबीआई के मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के नियमों के अनुसार बैंकों को अपने ग्राहकों को उनकी वित्तीय गतिविधियों, आय और पेशे के आधार पर तीन प्रमुख जोखिम श्रेणियों में बांटना होता है:

  • उच्च जोखिम वाले ग्राहक (High Risk Customers): ऐसे खाते जिनमें बड़े पैमाने पर नकद जमा, अंतरराष्ट्रीय लेन-देन या उच्च मूल्य के व्यापारिक ट्रांसफर होते हैं, उन्हें हर 2 साल में अपनी री-केवाईसी कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

  • मध्यम जोखिम वाले ग्राहक (Medium Risk Customers): सामान्य वेतनभोगी, छोटे व्यवसायी और मध्यम स्तर के लेन-देन वाले खातों के लिए यह समय-सीमा प्रत्येक 8 वर्ष निर्धारित की गई है।

  • कम जोखिम वाले ग्राहक (Low Risk Customers): सामान्य बचत खाताधारक, गृहिणियां, विद्यार्थी और वरिष्ठ नागरिक जो सीमित घरेलू लेन-देन करते हैं, उन्हें प्रत्येक 10 साल में एक बार अपनी केवाईसी विवरण का नवीनीकरण कराना होता है। इसके अलावा यदि किसी नाबालिग का खाता खोला गया था और वह अब 18 वर्ष का होकर वयस्क बन चुका है, तो उसे बालिग होते ही नए सिरे से पूर्ण केवाईसी दस्तावेज जमा कराने होते हैं।

री-केवाईसी के लिए किन-किन दस्तावेजों (OVD) की होगी जरूरत

बैंक में पहचान और पते के सत्यापन के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित आधिकारिक वैध दस्तावेज (Officially Valid Documents - OVD) ही मान्य होते हैं। सत्यापन के लिए इनमें से कोई एक या दो दस्तावेज आवश्यक हैं:

  • पहचान और पते का प्रमाण: आधार कार्ड (UIDAI आधारित), वैध पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र (Voter ID), ड्राइविंग लाइसेंस या नरेगा जॉब कार्ड।

  • पैन कार्ड अनिवार्य: आयकर नियमों के तहत बैंक खाते में स्थायी खाता संख्या (PAN Card) का लिंक होना अनिवार्य है। यदि किसी के पास पैन कार्ड नहीं है, तो उसे फॉर्म 60 (Form 60) भरकर जमा करना होगा।

  • नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो: बैंक शाखा जाने की स्थिति में दो हालिया रंगीन पासपोर्ट साइज तस्वीरें।

  • मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी: बैंक से जुड़े सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल पते की पुष्टि।

बैंक शाखा जाए बिना घर बैठे ऑनलाइन री-केवाईसी कैसे पूरी करें

यदि आपके पते और पहचान विवरण में कोई बदलाव नहीं हुआ है, तो आपको बैंक शाखा के चक्कर लगाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। अधिकांश प्रमुख बैंक (जैसे SBI, HDFC, ICICI, PNB, Bank of Baroda) घर बैठे डिजिटल री-केवाईसी की सुविधा दे रहे हैं:

  1. मोबाइल बैंकिंग ऐप (YONO / iMobile / PNB ONE): अपने बैंक के आधिकारिक मोबाइल ऐप में लॉगिन करें। 'Services' या 'Service Request' सेक्शन में जाकर 'Update KYC' या 'Re-KYC' विकल्प चुनें। आधार संख्या दर्ज कर रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी (OTP) के जरिए ई-केवाईसी तुरंत पूरी कर लें।

  2. इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल: बैंक की आधिकारिक नेट बैंकिंग साइट पर लॉगिन करें। प्रोफाइल सेक्शन में जाएं और 'Re-KYC Declaration' पर क्लिक करें। यदि आपके पते में कोई बदलाव नहीं है, तो 'No Change in KYC' का चेकबॉक्स टिक करके ऑनलाइन सबमिट कर दें।

  3. ईमेल और रजिस्टर्ड पोस्ट द्वारा: यदि पता वही है, तो आप अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट से स्व-घोषणा फॉर्म (Self-Declaration Form) डाउनलोड करें, उस पर हस्ताक्षर करें और आधार/पैन की स्व-प्रमाणित प्रति स्कैन करके अपनी होम ब्रांच की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेज दें।

  4. वीडियो केवाईसी (V-KYC): यदि आपके पते या विवरण में बड़ा बदलाव हुआ है, तो कई बैंक वीडियो कॉल के जरिए लाइव पैन कार्ड और चेहरे का मिलान करके मिनटों में वीडियो केवाईसी पूरी करने का विकल्प भी दे रहे हैं।

अगर बैंक शाखा जाना पड़े तो क्या है ऑफलाइन प्रक्रिया

जिन खाताधारकों के पास इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा नहीं है या जिनका बायोमेट्रिक डेटा (फिंगरप्रिंट/आईरिस) पुराना हो चुका है, वे अपनी मूल बैंक शाखा में जाकर इस काम को निपटा सकते हैं। शाखा में जाकर हेल्पडेस्क से 'Re-KYC Form' प्राप्त करें। फॉर्म में अपना खाता नंबर, नाम, वर्तमान पता और मोबाइल नंबर भरें। इसके साथ आधार कार्ड और पैन कार्ड की फोटोकॉपी पर अपने हस्ताक्षर (Self-attestation) करके नत्थी करें। बैंक अधिकारी मूल दस्तावेजों (Original Documents) का मिलान करेंगे और सिस्टम में आपकी केवाईसी स्थिति को 'Verified' मार्क कर देंगे। शाखा में जमा करने के 24 से 48 घंटे के भीतर आपके मोबाइल पर केवाईसी सफलतापूर्वक अपडेट होने का पुष्टिकरण संदेश (SMS) आ जाता है।

फर्जी कॉल और फ्रॉड लिंक से रहें बेहद सावधान

केवाईसी की समय-सीमा नजदीक आते ही साइबर ठग और जालसाज भी सक्रिय हो गए हैं। अक्सर ग्राहकों के मोबाइल पर ऐसे फर्जी एसएमएस या व्हाट्सएप संदेश भेजे जाते हैं कि 'आपका बैंक खाता आज रात 12 बजे बंद हो जाएगा, तुरंत इस लिंक पर क्लिक करके केवाईसी अपडेट करें।'

आरबीआई और साइबर सुरक्षा सेल ने स्पष्ट किया है कि कोई भी बैंक किसी ग्राहक से एसएमएस में आए लिंक पर क्लिक करके पासवर्ड, ओटीपी, सीवीवी या डेबिट कार्ड पिन डालने के लिए कभी नहीं कहता। किसी भी अनजान नंबर से आए एपीके (APK) फाइल या लिंक को कभी न खोलें। किसी भी प्रकार का संशय होने पर केवल अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या सीधे नजदीकी बैंक शाखा में जाकर ही संपर्क करें। 10 नवंबर की डेडलाइन से पहले अपने खाते की स्थिति जांच लें ताकि त्योहारी मौसम में किसी भी तरह के वित्तीय अवरोध से बचा जा सके।