Indian Bank की 777 दिन की FD में ₹10 लाख पर कितनी कमाई? जानिए सामान्य और सीनियर सिटीजन का पूरा गणित

Indian Bank की 777 दिन की FD में ₹10 लाख पर कितनी कमाई? जानिए सामान्य और सीनियर सिटीजन का पूरा गणित

शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर गारंटीड और तय रिटर्न पाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र (Public Sector) के प्रमुख बैंक 'इंडियन बैंक' (Indian Bank) की विशेष सावधि जमा योजनाएं काफी लोकप्रिय हैं। बैंक अपने ग्राहकों के लिए खास टेन्योर वाली 'Ind Prosper (777 Days)' स्पेशल एफडी स्कीम चला रहा है। 777 दिन यानी लगभग 2 साल 1 महीने और 17 दिन की यह अवधि उन निवेशकों के लिए सबसे मुफीद मानी जाती है जो अपनी एकमुश्त पूंजी को मीडियम टर्म के लिए सुरक्षित रखकर सामान्य एफडी से ज्यादा ब्याज कमाना चाहते हैं। देश के सबसे पुराने और भरोसेमंद सरकारी बैंकों में शुमार इंडियन बैंक में जमा की गई पूंजी पर सरकार और डीआईसीजीसी (DICGC) का पूरा सुरक्षा कवच मिलता है। यदि आप लखनऊ के हजरतगंज, गोमती नगर या देश के किसी भी शहर में स्थित इंडियन बैंक की शाखा में ₹10,00,000 की राशि 777 दिन की स्पेशल एफडी में लगाते हैं, तो आपको कितना शुद्ध मुनाफा मिलेगा, इसका सटीक वित्तीय हिसाब जानना बेहद जरूरी है।

सामान्य नागरिकों के लिए 777 दिन की एफडी पर ब्याज दर और ₹10 लाख का रिटर्न

इंडियन बैंक द्वारा संशोधित ब्याज दरों के अनुसार, 777 दिन की 'Ind Prosper' एफडी पर सामान्य नागरिकों (General Public) को 6.75% प्रति वर्ष का ब्याज दिया जा रहा है। बैंकों में लंबी अवधि की एफडी पर ब्याज की गणना तिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) आधार पर की जाती है, जिससे निवेशक को साधारण ब्याज से ज्यादा प्रभावी यील्ड (Effective Yield) मिलती है। यदि कोई सामान्य नागरिक ₹10,00,000 की रकम 777 दिनों के लिए क्युमुलेटिव (Cumulative) विकल्प में जमा करता है, तो 777 दिन पूरे होने पर उसे लगभग ₹1,52,500 से ₹1,53,000 का शुद्ध ब्याज प्राप्त होगा। इसका मतलब यह है कि मैच्योरिटी के समय आपके बैंक खाते में कुल रकम बढ़कर करीब ₹11,52,500 से ₹11,53,000 हो जाएगी। बिना किसी जोखिम के मात्र 2 साल से थोड़े अधिक समय में ₹1.5 लाख से ज्यादा का पक्का मुनाफा रूढ़िवादी निवेशकों के लिए एक सुरक्षित वित्तीय आधार तैयार करता है।

सीनियर सिटीजंस को 0.50% अतिरिक्त ब्याज: वरिष्ठ नागरिकों के लिए रिटर्न का पूरा ब्योरा

वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे अधिक आयु) के वित्तीय संबल को ध्यान में रखते हुए इंडियन बैंक सामान्य दर से 0.50% (50 बेसिस प्वाइंट्स) का अतिरिक्त ब्याज ऑफर करता है। इस हिसाब से सीनियर सिटीजंस के लिए 777 दिन की एफडी पर प्रभावी ब्याज दर 7.25% सालाना हो जाती है। यदि कोई सीनियर सिटीजन ₹10,00,000 की पूंजी 777 दिनों के लिए इस स्कीम में लगाता है, तो तिमाही चक्रवृद्धि के आधार पर मैच्योरिटी पर उन्हें लगभग ₹1,65,000 से ₹1,65,500 का गारंटीड ब्याज मिलेगा। यानी 777 दिन बाद खाते में कुल मैच्योरिटी राशि बढ़कर लगभग ₹11,65,000 से ₹11,65,500 हो जाएगी। सामान्य निवेशकों की तुलना में बुजुर्गों को इस अवधि में सीधे तौर पर करीब ₹12,500 से ₹13,000 का अतिरिक्त लाभ मिलता है, जो उनकी नियमित आय और बचत को मजबूत करता है।

सुपर सीनियर सिटीजन (80 वर्ष से अधिक) के लिए विशेष 7.50% ब्याज दर

इंडियन बैंक 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले अति-वरिष्ठ नागरिकों (Super Senior Citizens) को सामान्य नागरिकों से 0.75% अधिक ब्याज की विशेष सुविधा देता है। इसके तहत 777 दिन की Ind Prosper एफडी पर सुपर सीनियर सिटीजंस को 7.50% प्रति वर्ष का आकर्षक ब्याज मिलता है। यदि कोई 80 वर्ष से अधिक उम्र का व्यक्ति ₹10,00,000 की एफडी कराता है, तो 777 दिन के अंत में उनका कुल ब्याज लगभग ₹1,71,500 से ₹1,72,000 बनता है। यानी मैच्योरिटी पर कुल भुगतान राशि बढ़कर लगभग ₹11,71,500 से ₹11,72,000 तक पहुंच जाती है। देश के वरिष्ठतम नागरिकों के लिए रिटायरमेंट फंड को सुरक्षित रखने और उस पर अधिकतम रिटर्न हासिल करने का यह एक बेहतरीन मौका है।

ब्याज भुगतान के विकल्प और टीडीएस (TDS) से जुड़े जरूरी नियम

इंडियन बैंक अपने ग्राहकों को क्युमुलेटिव और नॉन-क्युमुलेटिव दोनों तरह की सुविधाएं प्रदान करता है। यदि किसी निवेशक या पेंशनर को अपने घरेलू खर्चों के लिए नियमित आय की आवश्यकता है, तो वे मासिक (रियायती दर पर) या तिमाही आधार पर ब्याज भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं, जिसमें ब्याज सीधे बचत खाते में ट्रांसफर हो जाता है। वहीं, जो निवेशक ब्याज को भी बढ़ते देखना चाहते हैं, वे मैच्योरिटी पर एकमुश्त भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं। इसके अलावा, टैक्स नियमों का ध्यान रखना भी जरूरी है। एक वित्तीय वर्ष में एफडी पर मिलने वाला कुल ब्याज यदि सामान्य नागरिकों के लिए ₹40,000 और सीनियर सिटीजंस के लिए ₹50,000 से ऊपर जाता है, तो बैंक नियमानुसार टीडीएस (TDS) काटता है। ₹10 लाख के निवेश पर ब्याज ₹50,000 की सीमा को पार कर जाता है, इसलिए यदि आपकी कुल वार्षिक आय टैक्स छूट सीमा के अंदर है, तो बैंक में समय पर फॉर्म 15G (सामान्य नागरिकों के लिए) या फॉर्म 15H (सीनियर सिटीजंस के लिए) जमा करके टीडीएस कटने से बचा जा सकता है।

घर बैठे या शाखा जाकर कैसे खोलें खाता?

इंडियन बैंक के मौजूदा खाताधारक जिनके पास नेट बैंकिंग या 'IndOASIS' मोबाइल ऐप की सुविधा है, वे बिना किसी कागजी झंझट के घर बैठे मात्र 2 मिनट में ई-डिपॉजिट के जरिए 777 दिन की 'Ind Prosper' एफडी बुक कर सकते हैं। वहीं नए ग्राहक या ऑफलाइन बैंकिंग पसंद करने वाले लोग अपनी नजदीकी इंडियन बैंक शाखा में जाकर आधार कार्ड, पैन कार्ड, दो पासपोर्ट साइज फोटो और चेक या ट्रांसफर वाउचर जमा करके तुरंत इस विशेष एफडी की रसीद प्राप्त कर सकते हैं। आपात स्थिति में इस एफडी पर बैंक द्वारा तत्काल ओवरड्राफ्ट या लोन सुविधा भी दी जाती है, जिससे बिना एफडी तोड़े भी आकस्मिक फंड का इंतजाम आसानी से हो जाता है।